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देवी दर्शन को मंदिरों, पंडालों में उमड़ी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो,कौशाम्बी
Updated Fri, 12 Oct 2018 01:25 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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मंझनपुर। नवरात्र के दूसरे दिन गुरुवार को देवी मंदिरों, पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। भोर से ही पूजन-अर्चन के लिए भक्त मंदिरों व पूजा पंडालों में पहुंचने लगे। इस दौरान मां के जयकारों व घंट घड़ियाल की ध्वनि से मंदिर व पूजा पंडाल गूंजते रहे। शाम को आरती के बाद मां के भक्तों ने प्रसाद वितरण किया।
नवरात्र स्थापना के बाद दूसरे दिन भोर से ही पूजा पंडालों व मंदिरों में महिला, पुरुष पूजन-अर्चन के लिए पहुंचने लगे। देवी की पूजा, दुर्गा शप्तशती पाठ, दुर्गा चालीसा का पाठ दिनभर होता रहा। मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर में पूजन-अर्चन करने के लिए कन्याओं के अलावा महिला-पुरुष व किशोर की खासी भीड़ लगी रही। इसी तरह संचवारा व अम्बारी गांव स्थित मां अलोप शंकरी, कनैली स्थित मां शीतला मंदिर, गुरौली स्थित मां चंद्रिका देवी मंदिर में भक्तों ने विधिविधान से दूसरे दिन पूजन-अर्चन किया। शाम को आरती के बाद गंवई कलाकारों में मां अम्बे के गीतों से पूरे माहौल को भक्ति के रंग से सराबोर कर दिया।
इस दौरान दर्शकों ने मां अम्बे के गीतों पर ताली बजाकर गायक कलाकारों का खूब साथ दिया। कुछ पूजा पंडालों में ढोल और मंजीरे की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही। पूजा पंडाल के आस-पास के घरों की महिलाएं आरती के बाद एकत्रित होकर देवी के गीतों में लीन नजर आईं। भक्ति पर्व को लेकर सबसे अधिक उत्साह छोटे-छोटे बच्चों में देखने को मिला। वह घरों से निकलकर गांव व कस्बों में बने पूजा पंडालों की सजावट का लुफ्त देर रात तक उठाते रहे।
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नवरात्र स्थापना के बाद दूसरे दिन भोर से ही पूजा पंडालों व मंदिरों में महिला, पुरुष पूजन-अर्चन के लिए पहुंचने लगे। देवी की पूजा, दुर्गा शप्तशती पाठ, दुर्गा चालीसा का पाठ दिनभर होता रहा। मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर में पूजन-अर्चन करने के लिए कन्याओं के अलावा महिला-पुरुष व किशोर की खासी भीड़ लगी रही। इसी तरह संचवारा व अम्बारी गांव स्थित मां अलोप शंकरी, कनैली स्थित मां शीतला मंदिर, गुरौली स्थित मां चंद्रिका देवी मंदिर में भक्तों ने विधिविधान से दूसरे दिन पूजन-अर्चन किया। शाम को आरती के बाद गंवई कलाकारों में मां अम्बे के गीतों से पूरे माहौल को भक्ति के रंग से सराबोर कर दिया।
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इस दौरान दर्शकों ने मां अम्बे के गीतों पर ताली बजाकर गायक कलाकारों का खूब साथ दिया। कुछ पूजा पंडालों में ढोल और मंजीरे की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही। पूजा पंडाल के आस-पास के घरों की महिलाएं आरती के बाद एकत्रित होकर देवी के गीतों में लीन नजर आईं। भक्ति पर्व को लेकर सबसे अधिक उत्साह छोटे-छोटे बच्चों में देखने को मिला। वह घरों से निकलकर गांव व कस्बों में बने पूजा पंडालों की सजावट का लुफ्त देर रात तक उठाते रहे।
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