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नवरात्र: आस्था और विश्वास के साथ होगी शक्ति की उपासना
Sat, 06 Apr 2019 12:32 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Sat, 06 Apr 2019 12:32 AM IST
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मंझनपुर/कड़ा। आदिशक्ति की उपासना का पवित्र पर्व नवरात्र शनिवार से शुरू हो रहा है। इसे देखते हुए शक्तिपीठ कड़ा शाम में सुरक्षा व सफाई आदि की व्यवस्थाएं पूरी कर दी गई हैं। हालांकि यहां कुछ इंतजामों का टोटा भी है। मां की आराधना के लिए जिले भर के मठ-मंदिरों में पूरे नौ दिनों तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी।
51 शक्तिपीठों में एक शक्तिपीठ कड़ा धाम में हमेशा की तरह इस दफा भी नवरात्र को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चार निरीक्षक, 13 उपनिरीक्षक, 16 हेड कॉस्टेबल, 43 आरक्षी और डेढ़ सेक्शन पीएसी लगाई गई है। अग्निशमन दस्ता भी मेले में मौजूद रहेगा। संदिग्धों से निपटने के लिए छह चेकपोस्ट बनाए गए हैं। घाटों पर स्नानार्थियों की हिफाजत के लिए जलपुलिस लगाई गई है। इसके साथ ही 56 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। डीपीआरओ गोपालजी ओझा ने बताया कि सफाई के लिए धाम में चार रोज पहले से ही करीब पांच दर्जन सफाई कर्मचारी लगा दिए गए हैं।
वहीं, पंडा समाज विश्वनाथ पंडा, चेतन पंडा, रामायणी पंडा, सप्तमी पंडा आदि का कहना है कि धाम में लगे हैंडपंप बिगड़े पड़े हुए हैं। विधायक निधि से लगाए गए वॉटर कूलर भी खराब हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। भक्तों के लिए धूप से बचने को भी यहां कोई इंतजाम नहीं किया गया है। ठहरने का भी बंदोबस्त नहीं है। यातायात व्यवस्था का आलम यह है कि सिर्फ सवारी वाहन ही हैं। इनके चालक बाहरी श्रद्धालुओं से हमेशा मनमाना किराया वसूलते हैं। धाम में लगे विद्युत तार इतने जर्जर हो गए हैं कि कभी भी टूटकर गिर सकते हैं। ऐसे में किसी रोज बड़ी घटना के होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
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जिले के मंदिरों में तो श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी ही। साथ में भक्त अपने घरों में भी कलश स्थापित करके शक्ति की उपासना करेंगे। इस दौरान पूरे नौ दिनों तक जिले का माहौल धूप, दीप और नैवेद्य की सुगंध से भक्तिमय रहेगा। वासंतिक नवरात्र के प्रतिपदा के दिन शनिवार को वैधृति योग सुबह सर्वोदय के बाद शुरु हो जाएगा। इस योग में कलश स्थापना का विधान नहीं है। विद्धानों का कहना है कि वैधृति योग रात 9:21 बजे तक रहेगा। पर, इस बीच सुबह 11:35 से अभिजीत मुहूर्त आरम्भ होगा। यह मुहूर्त दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा। इस बीच कलश स्थापना करने का विशेष फल मिलेगा। अमावस्या के मौके पर शुक्रवार को जिले भर के गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ी। कुबरी घाट, संदीपन घाट, कालेश्वर घाट, हनुमान घाट आदि घाटों पर देखा गया कि सुबह भोर से भक्त नहाने के लिए पहुंच गए थे। स्नान का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। नवरात्र के पर्व को देखते हुए जिले के सभी प्रमुख मंदिरों को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है। मंदिरों की साज-सज्जा का काम दो दिन पहले से ही आरम्भ हो गया था। शुक्रवार शाम तक तैयारियों को अंतिम रुप दे दिया गया।
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51 शक्तिपीठों में एक शक्तिपीठ कड़ा धाम में हमेशा की तरह इस दफा भी नवरात्र को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चार निरीक्षक, 13 उपनिरीक्षक, 16 हेड कॉस्टेबल, 43 आरक्षी और डेढ़ सेक्शन पीएसी लगाई गई है। अग्निशमन दस्ता भी मेले में मौजूद रहेगा। संदिग्धों से निपटने के लिए छह चेकपोस्ट बनाए गए हैं। घाटों पर स्नानार्थियों की हिफाजत के लिए जलपुलिस लगाई गई है। इसके साथ ही 56 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। डीपीआरओ गोपालजी ओझा ने बताया कि सफाई के लिए धाम में चार रोज पहले से ही करीब पांच दर्जन सफाई कर्मचारी लगा दिए गए हैं।
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वहीं, पंडा समाज विश्वनाथ पंडा, चेतन पंडा, रामायणी पंडा, सप्तमी पंडा आदि का कहना है कि धाम में लगे हैंडपंप बिगड़े पड़े हुए हैं। विधायक निधि से लगाए गए वॉटर कूलर भी खराब हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। भक्तों के लिए धूप से बचने को भी यहां कोई इंतजाम नहीं किया गया है। ठहरने का भी बंदोबस्त नहीं है। यातायात व्यवस्था का आलम यह है कि सिर्फ सवारी वाहन ही हैं। इनके चालक बाहरी श्रद्धालुओं से हमेशा मनमाना किराया वसूलते हैं। धाम में लगे विद्युत तार इतने जर्जर हो गए हैं कि कभी भी टूटकर गिर सकते हैं। ऐसे में किसी रोज बड़ी घटना के होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
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जिले के मंदिरों में तो श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी ही। साथ में भक्त अपने घरों में भी कलश स्थापित करके शक्ति की उपासना करेंगे। इस दौरान पूरे नौ दिनों तक जिले का माहौल धूप, दीप और नैवेद्य की सुगंध से भक्तिमय रहेगा। वासंतिक नवरात्र के प्रतिपदा के दिन शनिवार को वैधृति योग सुबह सर्वोदय के बाद शुरु हो जाएगा। इस योग में कलश स्थापना का विधान नहीं है। विद्धानों का कहना है कि वैधृति योग रात 9:21 बजे तक रहेगा। पर, इस बीच सुबह 11:35 से अभिजीत मुहूर्त आरम्भ होगा। यह मुहूर्त दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा। इस बीच कलश स्थापना करने का विशेष फल मिलेगा। अमावस्या के मौके पर शुक्रवार को जिले भर के गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ी। कुबरी घाट, संदीपन घाट, कालेश्वर घाट, हनुमान घाट आदि घाटों पर देखा गया कि सुबह भोर से भक्त नहाने के लिए पहुंच गए थे। स्नान का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। नवरात्र के पर्व को देखते हुए जिले के सभी प्रमुख मंदिरों को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है। मंदिरों की साज-सज्जा का काम दो दिन पहले से ही आरम्भ हो गया था। शुक्रवार शाम तक तैयारियों को अंतिम रुप दे दिया गया।