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Kaushambi News: खरीद का लक्ष्य अभी अधूरा, 17 धान क्रय केंद्र हो गए बंद

Mon, 06 Feb 2023 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Mon, 06 Feb 2023 01:32 AM IST
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खरीद का लक्ष्य अभी अधूरा, 17 धान क्रय केंद्र हो गए बंद
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11 केंद्रों पर एक सप्ताह पहले लगा था ताला, छह पर हाल ही में ठप हुई खरीद
साढ़े पांच हजार मीट्रिक टन धान खरीदा जाना शेष, किसान हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। धान खरीद का लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन दोआबा में 17 केंद्र बंद कर दिए गए हैं। इससे उपज बेचने के लिए अन्नदाताओं को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
पीसीएफ, यूपीएससी, मंडी समिति समेत अन्य एजेंसियों के 37 धान खरीद केंद्र जनपद में खोले गए थे। एक नंबर से धान की खरीद शुरू हुई थी। शासन की ओर से 70 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया था। अब तक 65,600 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। करीब साढ़े चार हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य अभी पूरा होना बाकी है। इसके बावजूद अफसरों द्वारा धान खरीद केंद्रों को बंद किया जा रहा है।
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राज्य स्तर पर निर्धारित लक्ष्य पूरा होने के कारण एक सप्ताह पहले यूपीएससी ने अपने सात केंद्र बंद कर दिए थे। भुगतान में लेटलतीफी के कारण मंडी समिति और पीसीएफ के दो-दो केंद्रों पर खरीद रोक दी गई है। इस तरह इन 11 केंद्रों पर पहले से खरीद नहीं हो रही है। हाल ही में पीसीएफ के पांच और मंडी का एक और केंद्र बंद कर दिया गया। बंद हुए केंद्रों में पीसीएफ का दारा नगर, चूहापीरन, बेरौचा, टेवां, अजुहा और मंडी समिति का ओसा स्थित सेंटर शामिल है। टेवां के रहने वाले शिवबरन, ओसा के लक्ष्मीशंकर, कड़ा के रंजीत कुमार और बेरौचा के किसान अमृतलाल ने कहा कि अब भी तमाम किसानों के पास धान रखा हुआ है। क्रय केंद्र बंद होने से इन्हें काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। प्रशासन को कम से कम निर्धारित समय 28 फरवरी तक क्रय केंद्र चलाने चाहिए। डिप्टी आरएमओ अंशुमाली शंकर का कहना है कि जिन एजेंसियों ने लक्ष्य के सापेक्ष खरीद पूरी कर ली है, उनके केंद्र बंद किए जा रहे हैं।
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धान खरीद का 15 करोड़ अटका,भुगतान के लिए भटक रहे किसान
मंझनपुर। सरकारी क्रय केंद्रों में किसानों से करीब 128 करोड़ रुपये का धान खरीदा गया है। इसके सापेक्ष 113 करोड़ का भुगतान हुआ है। लगभग 15 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है। शासन का निर्देश है कि तौल होने के 48 घंटे के अंदर किसानों के खाते में उपज की धनराशि पहुंच जानी चाहिए, लेकिन यहां पर हफ्तों से किसान क्रय केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। पीसीएफ और मंडी समिति का ही करीब सात करोड़ का भुगतान लंबित है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या मंडी समिति और पीसीएफ में आ रही है। इसके लिए मंडलायुक्त द्वारा पीसीएफ और मंडी समिति को पत्र भेजा गया है। हम लोग भी लगे हुए हैं। जल्द ही किसानों के खातों में पैसा भेज दिया जाएगा। संवाद


बैंक खाता आधार से लिंक नहीं, अटका भुगतान
नेवादा। धान क्रय केंद्र तिलगोड़ी में फसल बेचने वाले अभिषेक कुमार मौर्य, लव प्रसाद, महेंद्र सिंह, मानस कुमार, पुष्पा देवी मिश्रा और श्रीराम आदि किसानों का आधार बैंक खाते से लिंक नहीं होने के कारण भुगतान अटक गया है। किसानों का कहना है कि कई बार बैंक गए, लेकिन वहां सुनवाई नहीं हो रही है। भुगतान नहीं होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं क्रय केंद्र प्रभारी मंजुला बौद्ध का कहना है कि उनके यहां धान बेचने वाले लगभग सभी किसानों का भुगतान कर दिया गया है। केवल छह किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। किसानों को बैंक जाकर आधार लिंक कराने के लिए कहा गया है। संवाद
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