हत्या का खुलासा :तीन साल लिव इन में रहा, ऊब गया तो कत्ल कर दिया, पिलर से बांधकर शव फेंक दिया नदी में
करारी कोतवाली क्षेत्र के छोटी पवैया गांव की संजू की शादी करीब 12 साल पहले चरवा कोतवाली के अरई गांव निवासी लालता के साथ हुई थी। दंपती के तीन बच्चे हुए। करीब तीन साल पहले पड़ोस के रहने वाले मुकेश से संजू का प्रेम संबंध हो गया।
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करारी इलाके में युवती की हत्या कर शव ससुरखदेरी नदी में फेंकने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले प्रेमी ने ही दोस्त के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। लाठी से सिर पर प्रहार करने के बाद मुंह दबाकर मार डाला था। इसके बाद शव पचास किलो वजनी पिलर के साथ बांधकर नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ में प्रेमी ने बताया कि वह संजू से ऊब गया था। जिसकी वजह से उसका कत्ल कर दिया।
करारी कोतवाली क्षेत्र के छोटी पवैया गांव की संजू की शादी करीब 12 साल पहले चरवा कोतवाली के अरई गांव निवासी लालता के साथ हुई थी। दंपती के तीन बच्चे हुए। करीब तीन साल पहले पड़ोस के रहने वाले मुकेश से संजू का प्रेम संबंध हो गया। मुकेश संजू से 10 साल छोटा है। प्यार परवान चढ़ा तो दोनों घर से भाग निकले। इस मामले में चरवा कोतवाली में संजू के पति की तरफ से केस दर्ज कराया गया। पुलिस के दबाव के बाद दोनों लौटे, लेकिन एक-दूसरे का साथ छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए।
इस पर संजू के पति लालता ने भी उससे किनारा कर लिया और दूसरी शादी कर ली। उधर, मुकेश के घरवालों ने भी उसे अपने यहां शरण नहीं दी। इस पर संजू व मुकेश छोटी पवैया में रहने लगे। दोनों पति-पत्नी की तरह रहते थे। करीब तीन साल से उनका रिश्ता था। तीन अक्तूबर को संजू अचानक घर से गायब हो गई। काफी तलाश के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। आठ अक्तूबर को धनपरा गांव के पास स्थित ससुरखदेरी नदी में उसकी लाश उतराई मिली।
मामले में नौ अक्तूबर को मुकेश ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। एसपी हेमराज मीना ने बताया कि छानबीन के बाद यह पता चला कि संजू की हत्या मुकेश व उसके साथी घनश्याम ने की थी। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में मुकेश ने बताया कि संजू उससे 10 साल बड़ी थी। वह आए दिन विवाद करती थी। संजू के घरवाले भी उससे पैसों की मांग करते थे। इसके अलावा संजू अलग घर बनवाना चाहती थी। वह उससे ऊब चुका था। तंगी के कारण उसने छोटी पवैया गांव निवासी अपने दोस्त घनश्याम के साथ मिलकर संजू को मार डाला और लाश नदी में फेंक दी।
सीआईडी सीरियल देखकर रची हत्या की साजिश
अरई गांव निवासी मुकेश का पिता भैयन मूरतगंज के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सऊद अहमद के पिता की हत्या में जेल जा चुका था। एसपी ने बताया कि मुकेश ने संजू को ठिकाने लगाने के लिए पवैया के घनश्याम को प्लान का हिस्सा बनाया। टीवी पर सीआईडी सीरियल देखने के बाद उसकी हत्या की साजिश रची। तीन अक्तूबर को दुर्गा पूजा देखने के बहाने संजू को बुलाया और लाठी से सिर पर हमला कर दिया। संजू तड़पने लगी तो दोनों उसका मुंह दबाकर मार डाला।
पहली यह कि उसने चरवा के रामपुर में एक व्यक्ति को अपना मोबाइल नंबर देते हुए बताया कि अगर इधर कोई लाश उतराई दिखे तो सूचना दे। दूसरा यह कि संजू की मां रमचंदी की ओर से उसने जो गुमशुदगी की तहरीर दी, उस पर विवाहिता के कत्ल में शामिल रहे अपने दोस्त का घनश्याम का मोबाइल नंबर लिखा दिया। तहरीर में यह भी लिखा कि संजू मनोरोगी थी। जबकि उसकी मां ने पुलिस को बताया कि वह पूरी तरह से स्वस्थ थी। यहीं से मुकेश अपने जाल में फंसा और खुद जुर्म कुबूल कर लिया।
नदी के दूसरी तरफ से लाया गया सीमेंटेड पिलर
संजू की हत्या करने के बाद उसका शव ठिकाने लगाने के लिए मुकेश व घनश्याम ससुरखदेरी नदी के दूसरे किनारे से खेत में गाड़ा गया सीमेंटेड पिलर ले आए। इसके बाद उसका शव पिलर में बांधकर नदी में फेंक दिया। उसकी साड़ी इस वजह से काट डाली कि कहीं उतराकर बाहर न आ जाए। इसके बाद मुकेश ने रामपुर के एक व्यक्ति को अपना मोबाइल नंबर देते हुए बताया कि उसकी पत्नी लापता है। अगर नदी में कोई शव दिखे तो उसे सूचना दे।
मनोरोगी साबित करने का किया प्रयास
शातिर दिमाग मुकेश ने तीन अक्तूबर को संजू की अपने साथी घनश्याम के साथ मिलकर हत्या की। इसके बाद उसने घनश्याम से छह अक्तूबर को गुमशुदगी की तहरीर लिखवाई। तहरीर में संजू को दो साल से मानसिक रोग से परेशान बताया। संजू की मां रमचंदी अनपढ़ थी, इसका फायदा उठाते हुए मुकेश ने उसका अंगूठा लगवा लिया। तहरीर में मुकेश ने खुद का मोबाइल नंबर डालने के बजाय घनश्याम का नंबर डाला।
पति बनकर लिखाया हत्या का मुकदमा, 37 घंटे बाद गया जेल
विवाहिता संजू के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाला मुकेश ही उसका कातिल निकला। वारदात के पहले गुमशुदगी और फिर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराने वाला मुकेश अपने ही बुने जाल में फंसता चला गया। पुलिस ने केस दर्ज करने के 37 घंटे बाद ही मामले का खुलासा कर उसे जेल भेज दिया। मुकेश ने संजू को ठिकाने लगाने के लिए कहानी तो अच्छी गढ़ी, लेकिन उससे कुछ चूक हो गई।