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Kaushambi News: भरवारी क्षेत्र में बंदरों का उत्पात, कुत्तों का आतंक, नहीं लगती एंटी रेबीज वैक्सीन
Fri, 24 May 2024 05:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 24 May 2024 05:39 AM IST
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नगर पालिका परिषद क्षेत्र में बंदरों के उत्पात और हमलावर कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। इनके काटने से हर महीने औसतन 20 लोग जख्मी होते रहते हैं। इन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। कारण, क्षेत्र के चमरूपुर व चंदीपुर स्थित पीएचसी में वैक्सीन लगाने के इंतजाम नहीं है। यहां बंदरों और कुत्तों के काटने का उपचार नहीं किया जाता। उपचार की सुविधा नहीं मिलने से लोग अनावश्यक परेशान हो रहे हैं।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चमरूपुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदीपुर है। स्वास्थ्य विभाग के मानकों के अनुरूप हर पीएचसी में एंटी रेबीज की वैक्सीन लगनी चाहिए, लेकिन इन दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में इसका कोई इंतजाम नहीं है। जिसका खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
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टीकरडीह के रहने वाले सुनील कुमार ने बताया कि 15 दिन पहले गांव में एक कुत्ते ने हमला कर दिया था। दांत लगने से पैर में जख्म हो गया। गांव से चंदीपुर व चमरूपुर दोनों पीएचसी की दूरी लगभग बराबर है। दोनों स्थानों पर गए लेकिन, यहां एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं लगाई गई। इसके लिए मेडिकल कॉलेज जाना पड़ा।
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इसी तरह बिसारा के रहने वाले कृपाल करीब 20 दिन और विद्यावती करीब 25 दिन पहले बंदरों के हमले में घायल हो गईं थीं। इन्हें भी एंटी रेबीज लगवाने के लिए मंझनपुर के चक्कर लगाने पड़े। फार्मासिस्ट के मुताबिक बंदर और कुत्ता काटने के हर महीने तकरीबन बीस मामले दोनों केंद्रों पर आते हैं।
बंदरों ने नगरवासियों का जीना किया दुश्वार
भरवारी के अशोक अग्रहरि, अनूप केसरवानी, अंबिका मिश्रा और रोहित दुबे ने बताया कि बंदरों के उत्पात से हर नगरवासी परेशान हैं। घर की छत पर खड़ा होना मुश्किल रहता है। बच्चे खाने-पीने का सामान लेकर निकल नहीं सकते। रोज बंदर किसी न किसी को जख्मी कर देते हैं। रही-सही कसर आवारा कुत्ते पूरी कर देते हैं। हर महीने लगभग 20 लोग इनके हमले में घायल हो रहे हैं। न तो इनसे निजात मिल रही है, न ही स्थानीय स्तर पर वैक्सीनेशन की व्यवस्था है।
एंटी रैबीज लगवाने की व्यवस्था हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में है। पीएचसी चमरूपुर व चंदीपुर में भी यह सुविधा होगी। अगर, ऐसा नहीं है तो जांच कराई जाएगी। फिर, इसकी व्यवस्था भी कराई जाएगी।
हिंद प्रकाश मणि
डिप्टी सीएमओ