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Kaushambi News: अग्नि परीक्षा से बाहर हैं विधायक जी... तय नहीं, किसका करेंगे प्रचार
Wed, 01 May 2024 05:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 01 May 2024 05:42 AM IST
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आमतौर पर लोकसभा चुनाव विधायकों की भी अग्नि परीक्षा होती है। खुद को साबित करने के लिए वे अपने-अपने क्षेत्र में संबंधित दल के उम्मीदवार के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाते हैं, लेकिन कौशाम्बी संसदीय क्षेत्र में हालात एकदम अलग हैं। इंद्रजीत सरोज को छोड़कर किसी विधायक के नजर न आने पर चर्चा-ए-आम है कि वे किसका प्रचार करेंगे।
मंझनपुर सीट से सपा विधायक इंद्रजीत सरोज की मजबूरी यह भी है कि उनका बेटा चुनाव लड़ रहा है। पिछले दिनों हुए राज्यसभा चुनाव में क्राॅस वोटिंग कर सुर्खियों में आईं चायल से सपा विधायक पूजा पाल तकरीबन दो महीने से क्षेत्र के किसी राजनीतिक कार्यक्रम में नहीं दिखीं। इन दिनों उनके सपा से संबंध अच्छे नहीं हैं। इसलिए उनकी भूमिका को भी लेकर सवाल उठ रहे हैं।
यही मसला सिराथू से सपा के टिकट पर निर्वाचित अपना दल कमेरावादी की नेता पल्लवी पटेल का भी है। उन्होंने भी राज्यसभा चुनाव के बाद ही सपा से दूरी बना रखी है। 6 मार्च के बाद से क्षेत्र में नहीं देखी गईं। हालांकि, उन्होंने सपा से अलग होकर अपना दल कमेरावादी और ओवैसी की पार्टी एआईएमएआईएम से गठबंधन कर पीडीएम का गठन कर लिया है। पीडीएम ने यहां से नरेंद्र सरोज को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है।
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विधायक पल्लवी के प्रतिनिधि कमलेश बताते हैं कि जहां पहले चुनाव हैं, वहां प्रचार की जिम्मेदारी के कारण विधायक का नहीं आना हो सका। कौशाम्बी से पीडीए गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में जल्द ही बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी।
वेट एंड वाच की स्थिति में जनसत्ता दल विधायक
कौशाम्बी संसदीय क्षेत्र में प्रतापगढ़ का कुंडा और बाबागंज विधानसभा क्षेत्र आता है।कुंडा से रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया व बाबागंज सीट से विनोद सरोज जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के विधायक हैं। सियासी जानकारों का कहना है कि तमाम कवायद के बावजूद लोकसभा चुनाव में राजा की पार्टी का किसी दल से गठबंधन अथवा पसंद का उम्मीदवार नहीं होने के कारण जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के दोनों विधायक खामोश हैं। वेट एंड वॉच (बस इंतजार करो और देखो) की स्थिति है।
विधायक बोले
पखवाड़े भर पहले चायल की एक शादी समारोह में शामिल हुई थी। इधर बीच कामकाज के सिलसिले में बाहर थी। लौट आई हूं, एक-दो दिन बाद विधानसभा क्षेत्र में मौजूद रहूंगी।
-पूजा पाल, विधायक चायल
मेरी पार्टी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रही है। इसलिए चुनावी सक्रियता नहीं दिख रही है। जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर अगला चुनावी कदम उठाया जाएगा। पार्टी नेता और कार्यकर्ता क्षेत्र में जनता के बीच हैं।
-विनोद सरोज, विधायक, बाबागंज/ प्रदेश अध्यक्ष-जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक)
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मंझनपुर सीट से सपा विधायक इंद्रजीत सरोज की मजबूरी यह भी है कि उनका बेटा चुनाव लड़ रहा है। पिछले दिनों हुए राज्यसभा चुनाव में क्राॅस वोटिंग कर सुर्खियों में आईं चायल से सपा विधायक पूजा पाल तकरीबन दो महीने से क्षेत्र के किसी राजनीतिक कार्यक्रम में नहीं दिखीं। इन दिनों उनके सपा से संबंध अच्छे नहीं हैं। इसलिए उनकी भूमिका को भी लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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यही मसला सिराथू से सपा के टिकट पर निर्वाचित अपना दल कमेरावादी की नेता पल्लवी पटेल का भी है। उन्होंने भी राज्यसभा चुनाव के बाद ही सपा से दूरी बना रखी है। 6 मार्च के बाद से क्षेत्र में नहीं देखी गईं। हालांकि, उन्होंने सपा से अलग होकर अपना दल कमेरावादी और ओवैसी की पार्टी एआईएमएआईएम से गठबंधन कर पीडीएम का गठन कर लिया है। पीडीएम ने यहां से नरेंद्र सरोज को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है।
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विधायक पल्लवी के प्रतिनिधि कमलेश बताते हैं कि जहां पहले चुनाव हैं, वहां प्रचार की जिम्मेदारी के कारण विधायक का नहीं आना हो सका। कौशाम्बी से पीडीए गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में जल्द ही बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी।
वेट एंड वाच की स्थिति में जनसत्ता दल विधायक
कौशाम्बी संसदीय क्षेत्र में प्रतापगढ़ का कुंडा और बाबागंज विधानसभा क्षेत्र आता है।कुंडा से रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया व बाबागंज सीट से विनोद सरोज जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के विधायक हैं। सियासी जानकारों का कहना है कि तमाम कवायद के बावजूद लोकसभा चुनाव में राजा की पार्टी का किसी दल से गठबंधन अथवा पसंद का उम्मीदवार नहीं होने के कारण जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के दोनों विधायक खामोश हैं। वेट एंड वॉच (बस इंतजार करो और देखो) की स्थिति है।
विधायक बोले
पखवाड़े भर पहले चायल की एक शादी समारोह में शामिल हुई थी। इधर बीच कामकाज के सिलसिले में बाहर थी। लौट आई हूं, एक-दो दिन बाद विधानसभा क्षेत्र में मौजूद रहूंगी।
-पूजा पाल, विधायक चायल
मेरी पार्टी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रही है। इसलिए चुनावी सक्रियता नहीं दिख रही है। जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर अगला चुनावी कदम उठाया जाएगा। पार्टी नेता और कार्यकर्ता क्षेत्र में जनता के बीच हैं।
-विनोद सरोज, विधायक, बाबागंज/ प्रदेश अध्यक्ष-जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक)