{"_id":"b631a9a19b811dcfd2312ca8da1ba685","slug":"mla-constitute-rural-electrification-fund-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायक निधि से जल्द विद्युतीकरण पर माने ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायक निधि से जल्द विद्युतीकरण पर माने ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sun, 04 Jan 2015 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिसारा। विद्युतीकरण की मांग को लेकर सात दिनों से अनशन पर बैठे जिल्लापर के ग्रामीण जल्द विद्युतीकरण के आश्वासन पर मान गए। अनशनस्थल पर पहुंचे सिराथू विधायक ने अपनी निधि से महीने भर के भीतर गांव का विद्युतीकरण का भरोसा दिलाया। साथ ही जूस पिलाकर गांववालों का अनशन खत्म कराया। विधायक ने एक्सईएन को स्टीमेट बनाकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
बता दें कि सिराथू तहसील के जिल्लापर गांव में अब तक बिजली नहीं पहुंची है। गांव में बिजली के लिए गांववाले करीब दो साल से परेशान हैं। साथ ही ग्रामीणों ने मार्च महीने में गांव में धरना-प्रदर्शन करते हुए लोकसभा चुनाव के मतदान के बहिष्कार की धमकी भी दी थी। गांव के रहने वाले रमेशचंद्र, जगरूप, वीरेंद्र पांडेय, लवकुश मौर्य, धर्मदास, चंदन मौर्य आदि ने बताया कि तीन दिन के धरने के बाद मौके पर एसडीएम सिराथू, एसडीओ विद्युत और भाजपा नेता आए थे।
अफसर और नेताओं ने लोकसभा चुनाव के बाद गांव में विद्युतीकरण का भरोसा दिलाया था। पर, छह महीना बीतने के बाद भी गांव में खंभा, तार नहीं लगाया गया। इससे गुस्साए ग्रामीण 28 दिसंबर से विद्युतीकरण की मांग को लेकर गांव में ही अनशन पर बैठ गए। ग्रामीणों का ऐलान था कि बगैर विद्युतीकरण वे अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे। कड़ाके की ठंड और बूंदाबांदी के बाद भी गांववाले अनशन पर बैठे रहे।
विज्ञापन
इधर, शनिवार को सातवें दिन सिराथू विधायक वाचस्पति जिल्लापर गांव पहुंचे। उन्होंने अनशन पर बैठे ग्रामीणों से बातचीत की। साथ ही महीनेभर के भीतर विधायक निधि से गांव का विद्युतीकरण का भरोसा दिलाया। साथ ही अनशनस्थल से ही एक्सईएन को फोन करके इस गांव का सर्वे कराकर तत्काल स्टीमेट बनाकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। विधायक के इस आश्वासन के बाद ग्रामीण अनशन खत्म करने को राजी हो गए। विधायक वाचस्पति ने जूस पिलाकर ग्रामीणों का अनशन खत्म कराया। इस मौके पर प्रधान दयानंद यादव, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बता दें कि सिराथू तहसील के जिल्लापर गांव में अब तक बिजली नहीं पहुंची है। गांव में बिजली के लिए गांववाले करीब दो साल से परेशान हैं। साथ ही ग्रामीणों ने मार्च महीने में गांव में धरना-प्रदर्शन करते हुए लोकसभा चुनाव के मतदान के बहिष्कार की धमकी भी दी थी। गांव के रहने वाले रमेशचंद्र, जगरूप, वीरेंद्र पांडेय, लवकुश मौर्य, धर्मदास, चंदन मौर्य आदि ने बताया कि तीन दिन के धरने के बाद मौके पर एसडीएम सिराथू, एसडीओ विद्युत और भाजपा नेता आए थे।
विज्ञापन
अफसर और नेताओं ने लोकसभा चुनाव के बाद गांव में विद्युतीकरण का भरोसा दिलाया था। पर, छह महीना बीतने के बाद भी गांव में खंभा, तार नहीं लगाया गया। इससे गुस्साए ग्रामीण 28 दिसंबर से विद्युतीकरण की मांग को लेकर गांव में ही अनशन पर बैठ गए। ग्रामीणों का ऐलान था कि बगैर विद्युतीकरण वे अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे। कड़ाके की ठंड और बूंदाबांदी के बाद भी गांववाले अनशन पर बैठे रहे।
विज्ञापन
इधर, शनिवार को सातवें दिन सिराथू विधायक वाचस्पति जिल्लापर गांव पहुंचे। उन्होंने अनशन पर बैठे ग्रामीणों से बातचीत की। साथ ही महीनेभर के भीतर विधायक निधि से गांव का विद्युतीकरण का भरोसा दिलाया। साथ ही अनशनस्थल से ही एक्सईएन को फोन करके इस गांव का सर्वे कराकर तत्काल स्टीमेट बनाकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। विधायक के इस आश्वासन के बाद ग्रामीण अनशन खत्म करने को राजी हो गए। विधायक वाचस्पति ने जूस पिलाकर ग्रामीणों का अनशन खत्म कराया। इस मौके पर प्रधान दयानंद यादव, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।