{"_id":"5d07e9f38ebc3e06e10a4f64","slug":"medicines-are-written-in-the-market","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाजार की लिखी जाती हैं दवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाजार की लिखी जाती हैं दवाएं
Tue, 18 Jun 2019 01:06 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Tue, 18 Jun 2019 01:06 AM IST
विज्ञापन
कौशाम्बी
- फोटो : kaushambi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। प्रमुख सचिव आबकारी, वन एवं पर्यावरण तथा जनपद की नोडल अफसर कल्पना अवस्थी के सामने सोमवार को जिले में कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी पर जिम्मेदारों को फटकार लगाई। उन्होंने सार्वजनिक भूमि को चिन्हित कर पौधरोपण कराने का निर्देश दिया।
नोडल अफसर सोमवार को जिले में थीं। उन्होंने में कराए जा रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। सबसे पहले जिला अस्पताल में नोडल अफसर ने इमरजेंसी, ओपीडी, जन औषधि केंद्र, रेडियोलॉजी, सिटी स्कैन कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, प्रसव कक्ष, जनरल वार्ड, पीएनसी कक्ष, इमरजेंसी ओटी, मरहम पट्टी कक्ष, एनआरसी, सिक न्यू वार्न केयर यूनिट आदि का निरीक्षण किया। भर्ती मरीजों से मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। कुछ मरीजों ने सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगाया। इस पर नोडल अफसर ने सीएमएस को फटकार लगाई। बताते हैं कि मरीज पहले से ही नोडल अफसर का इंतजार कर रहे थे। इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को हुई तो सीएमएस ने उन्हें समझाने का प्रयास भी किया था। मरीजों का कहना था कि दवाएं बाजार की लिखी जा रही हैं और चिकित्सक ऑपरेशन के लिए पैसा मांग रहे हैं। इसके बाद जिला अस्पताल परिसर में ही बने महिला चिकित्सालय पहुंची नोडल अफसर गंदगी देख नाराजगी जाहिर की। सीएमओ से नाराजगी जताई । कहा कि व्यवस्था में सुधार लाया जाए। नोडल अफसर ने सदर तहसील का निरीक्षण कर अभिलेखों को चेक किया। कहा कि सार्वजनिक भूमि को चिन्हित कर उस पर पौधरोपण कराए जाएं। जिन तालाबों में जलकुंभी है उसे हटवाया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, सीडीओ इंद्रसेन सिंह, एडीएम मनोज, एसडीएम सतीश चंद्र, सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी, सीएमएस डॉ. दीपक सेठ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
नोडल अफसर सोमवार को जिले में थीं। उन्होंने में कराए जा रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। सबसे पहले जिला अस्पताल में नोडल अफसर ने इमरजेंसी, ओपीडी, जन औषधि केंद्र, रेडियोलॉजी, सिटी स्कैन कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, प्रसव कक्ष, जनरल वार्ड, पीएनसी कक्ष, इमरजेंसी ओटी, मरहम पट्टी कक्ष, एनआरसी, सिक न्यू वार्न केयर यूनिट आदि का निरीक्षण किया। भर्ती मरीजों से मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। कुछ मरीजों ने सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगाया। इस पर नोडल अफसर ने सीएमएस को फटकार लगाई। बताते हैं कि मरीज पहले से ही नोडल अफसर का इंतजार कर रहे थे। इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को हुई तो सीएमएस ने उन्हें समझाने का प्रयास भी किया था। मरीजों का कहना था कि दवाएं बाजार की लिखी जा रही हैं और चिकित्सक ऑपरेशन के लिए पैसा मांग रहे हैं। इसके बाद जिला अस्पताल परिसर में ही बने महिला चिकित्सालय पहुंची नोडल अफसर गंदगी देख नाराजगी जाहिर की। सीएमओ से नाराजगी जताई । कहा कि व्यवस्था में सुधार लाया जाए। नोडल अफसर ने सदर तहसील का निरीक्षण कर अभिलेखों को चेक किया। कहा कि सार्वजनिक भूमि को चिन्हित कर उस पर पौधरोपण कराए जाएं। जिन तालाबों में जलकुंभी है उसे हटवाया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, सीडीओ इंद्रसेन सिंह, एडीएम मनोज, एसडीएम सतीश चंद्र, सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी, सीएमएस डॉ. दीपक सेठ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन