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Kaushambi News: मंझनपुर में बंद रहीं दवा की दुकानें
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दवा कारोबारियों की एक दिन की बंदी का असर बुधवार को मंझनपुर समेत जिले भर में देखने को मिला। अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे। कुछ स्थानों पर इक्का-दुक्का दुकानें खुली नजर आईं। मेडिकल स्टोर बंद होने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल के बाहर दवा लेने पहुंचे लोग इधर-उधर भटकते रहे।
शहजादपुर निवासी रमेश ने बताया कि वह गले का इलाज कराने जिला अस्पताल आए थे। डॉक्टर की तरफ से लिखी गई दवाएं बाहर से लेनी थीं लेकिन मेडिकल स्टोर बंद होने के कारण दवा नहीं मिल सकी। उन्होंने बताया कि डॉक्टर से दवा खाने का तरीका भी पूछना था, लेकिन अब दोबारा अस्पताल आना पड़ेगा।
वहीं खोरांव निवासी ताजरीम बानो ने बताया कि वह ब्रेन का इलाज कराने जिला अस्पताल आई थीं। डॉक्टर ने बाहर से दवा लिखी थी लेकिन दुकानें बंद होने के कारण काफी देर तक भटकना पड़ा।
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पंचायत चरवा क्षेत्र में भी बंदी का व्यापक असर देखने को मिला। लोगों ने बताया कि अचानक मेडिकल स्टोर बंद होने से उन्हें दूसरे कस्बों की ओर जाना पड़ा, जिससे समय और धन दोनों का नुकसान हुआ। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों, बच्चों और नियमित दवा लेने वाले मरीजों को हुई।
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शहजादपुर निवासी रमेश ने बताया कि वह गले का इलाज कराने जिला अस्पताल आए थे। डॉक्टर की तरफ से लिखी गई दवाएं बाहर से लेनी थीं लेकिन मेडिकल स्टोर बंद होने के कारण दवा नहीं मिल सकी। उन्होंने बताया कि डॉक्टर से दवा खाने का तरीका भी पूछना था, लेकिन अब दोबारा अस्पताल आना पड़ेगा।
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वहीं खोरांव निवासी ताजरीम बानो ने बताया कि वह ब्रेन का इलाज कराने जिला अस्पताल आई थीं। डॉक्टर ने बाहर से दवा लिखी थी लेकिन दुकानें बंद होने के कारण काफी देर तक भटकना पड़ा।
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पंचायत चरवा क्षेत्र में भी बंदी का व्यापक असर देखने को मिला। लोगों ने बताया कि अचानक मेडिकल स्टोर बंद होने से उन्हें दूसरे कस्बों की ओर जाना पड़ा, जिससे समय और धन दोनों का नुकसान हुआ। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों, बच्चों और नियमित दवा लेने वाले मरीजों को हुई।