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कांग्रेस के टिकट पर चायल से मसुरियादीन ने लगाई थी हैट्रिक
Sun, 24 Mar 2019 12:15 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 24 Mar 2019 12:15 AM IST
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मंझनपुर। वर्ष 1962 के तीसरे लोक सभा चुनाव में चायल (सुरक्षित) संसदीय सीट अपने अस्तित्व में आई। दोआबा की इस सीट से तीसरे आम चुनाव में कांग्रेस ने अपने सिटिंग एमपी मसुरियादीन को मैदान में उतारा था। कांग्रेस के अभेद्य किले को भेदने के लिए चार और प्रत्याशी पूरे दमखम के साथ मैदान में उतारे थे।
सन 1962 के लोकसभा चुनाव में दोआबा नवगठित चायल (सु) संसदीय सीट का हिस्सा बन चुका था। तत्कालीन इलाहाबाद जनपद में चायल (सुरक्षित) नाम से बनी संसदीय सीट पर कांग्रेस ने जवाहर लाल नेहरू की पसंद मसुरियादीन को तीसरी बार भी पार्टी के सिंबल पर किला फतह करने के लिए फिर से भेज दिया। उधर, कांग्रेस के अभेद्य किले को ध्वस्त करने के लिए पूरे दमखम के साथ जेएस से पन्ना लाल, पीएसपी से चेत राम, आरईपी से नारायण दास और निर्दल प्रत्याशी के रूप में राम कृष्ण राय मैदान में आकर डट गए। बेरोजगारी, गरीबी, अशिक्षा से जूझ रही दोआबा की जनता का ध्यान कांग्रेस से हटाने के लिए विपक्षी दलों के प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी।
फिर भी बिखरे विपक्ष का फायदा उठाकर कांग्रेस इस चुनाव में भी अपना अभेद्य किला बचाने में कामयाब रही। चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में दलित नेता मसुरियादीन ने 67251 मत पाकर जीत का डंका बजाया। इसी के साथ ही मसुरियादीन लगातार तीन बार चुनाव जीतने का भी रिकार्ड बनाने में कामयाब रहे। जेएस के पन्ना लाल 33372 मत पाकर दूसरे पायदान पर रहे। पीएसपी के चेतराम 26053 मत पाकर तीसरे स्थान से आग नहीं बढ़ सके। आरईपी के नारायन दास 25219 मत पाकर चौथे और निर्दल राम कृष्ण राय 6657 मत पाकर पांचवें स्थान पर सिमट गए।
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सन 1962 के लोकसभा चुनाव में दोआबा नवगठित चायल (सु) संसदीय सीट का हिस्सा बन चुका था। तत्कालीन इलाहाबाद जनपद में चायल (सुरक्षित) नाम से बनी संसदीय सीट पर कांग्रेस ने जवाहर लाल नेहरू की पसंद मसुरियादीन को तीसरी बार भी पार्टी के सिंबल पर किला फतह करने के लिए फिर से भेज दिया। उधर, कांग्रेस के अभेद्य किले को ध्वस्त करने के लिए पूरे दमखम के साथ जेएस से पन्ना लाल, पीएसपी से चेत राम, आरईपी से नारायण दास और निर्दल प्रत्याशी के रूप में राम कृष्ण राय मैदान में आकर डट गए। बेरोजगारी, गरीबी, अशिक्षा से जूझ रही दोआबा की जनता का ध्यान कांग्रेस से हटाने के लिए विपक्षी दलों के प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी।
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फिर भी बिखरे विपक्ष का फायदा उठाकर कांग्रेस इस चुनाव में भी अपना अभेद्य किला बचाने में कामयाब रही। चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में दलित नेता मसुरियादीन ने 67251 मत पाकर जीत का डंका बजाया। इसी के साथ ही मसुरियादीन लगातार तीन बार चुनाव जीतने का भी रिकार्ड बनाने में कामयाब रहे। जेएस के पन्ना लाल 33372 मत पाकर दूसरे पायदान पर रहे। पीएसपी के चेतराम 26053 मत पाकर तीसरे स्थान से आग नहीं बढ़ सके। आरईपी के नारायन दास 25219 मत पाकर चौथे और निर्दल राम कृष्ण राय 6657 मत पाकर पांचवें स्थान पर सिमट गए।
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