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बुद्ध की तपोस्थली पर आए थाईलैंड के भिक्षु
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 19 Jan 2017 12:52 AM IST
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भगवान गौतम बुद्ध की तपोस्थली कौशाम्बी में थाईलैंड के भिक्षुओं का एक दल मंगलवार को आया। तथागत की तपोस्थली पर यह बौद्ध भिक्षु पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इनका उद्देश्य है कि गौतम बुद्ध के उपदेशों का प्रचार प्रसार करना और दुनिया में शांति बनाए रखना। बौद्ध भिक्षु तीन जनवरी को बोध गया से पैदल निकले थे। वह सारनाथ होते हुए कौशाम्बी आए हैं।
थाईलैंड के अचान विनाय के नेतृत्व में बौद्ध भिक्षुओं का एक दल मंगलवार को तथागत की तपोस्थली पहुंचा। तथागत के अनुयायी धम्म मित्र बुद्ध विहार में रुके हैं। इस दल में कुल 90 सदस्य हैं। इनमें बोध गया के गाइड आदित्य व विश्वनाथ भी शामिल हैं। गाइड ही बौद्ध भिक्षुओं को गौतम बुद्ध की तपोस्थली के बारे में जानकारी दे रहे हैं। बोध गया से यह दल पैदल तीन जनवरी को रवाना हुआ था। सारनाथ होते हुए यह दोआबा आएं हैं।
गुरुवार को यह संकिसा (फर्रुखाबाद) के लिए पैदल निकलेंगे। श्रंकसिया के बाद यह श्रवास्ती जाएंगे। गाइड विश्वनाथ ने बताया कि बौद्ध भिक्षुओं ने कौशाम्बी तपोस्थली का भ्रमण किया। इसके अलावा कुक्कुटा राम विहार व घोसिता राम विहार में पूजा कर साधना की। बौद्ध भिक्षु सभी भिक्षुओं ने यहां मौन साधना भी की है। बताया कि यह शांति दूत हैं। भगवान बुद्ध के उपदेशों का यह प्रचार-प्रसार करने निकले हैं। दुनिया में शांति लाने के लिए उद्देश्य ये गौतम बुद्ध ने भ्रमण किया था। इसी को बौद्ध भिक्षु आगे बढ़ा रहे हैं। ग्रुप लीडर के साथ बौद्ध भिक्षुआें की देखरेख अयान पवाट और अयान लॉव कर रहे हैं।
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.एक दिन में चलते हैं 40 किमी
बौद्ध भिक्षुओं का दल एक दिन में 40 किमी पैदल चलता है। पद यात्रा के दौरान यह किसी से बातचीत नहीं करते है। न ही किसी से मिलने की कोशिश करते हैं। गाइड ने बताया कि 40 किमी का सफर करने के बाद भिक्षु रुक जाते हैं। तंबू, टेंट डालकर यह रात्रि निवास करते हैं।
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थाईलैंड के अचान विनाय के नेतृत्व में बौद्ध भिक्षुओं का एक दल मंगलवार को तथागत की तपोस्थली पहुंचा। तथागत के अनुयायी धम्म मित्र बुद्ध विहार में रुके हैं। इस दल में कुल 90 सदस्य हैं। इनमें बोध गया के गाइड आदित्य व विश्वनाथ भी शामिल हैं। गाइड ही बौद्ध भिक्षुओं को गौतम बुद्ध की तपोस्थली के बारे में जानकारी दे रहे हैं। बोध गया से यह दल पैदल तीन जनवरी को रवाना हुआ था। सारनाथ होते हुए यह दोआबा आएं हैं।
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गुरुवार को यह संकिसा (फर्रुखाबाद) के लिए पैदल निकलेंगे। श्रंकसिया के बाद यह श्रवास्ती जाएंगे। गाइड विश्वनाथ ने बताया कि बौद्ध भिक्षुओं ने कौशाम्बी तपोस्थली का भ्रमण किया। इसके अलावा कुक्कुटा राम विहार व घोसिता राम विहार में पूजा कर साधना की। बौद्ध भिक्षु सभी भिक्षुओं ने यहां मौन साधना भी की है। बताया कि यह शांति दूत हैं। भगवान बुद्ध के उपदेशों का यह प्रचार-प्रसार करने निकले हैं। दुनिया में शांति लाने के लिए उद्देश्य ये गौतम बुद्ध ने भ्रमण किया था। इसी को बौद्ध भिक्षु आगे बढ़ा रहे हैं। ग्रुप लीडर के साथ बौद्ध भिक्षुआें की देखरेख अयान पवाट और अयान लॉव कर रहे हैं।
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.एक दिन में चलते हैं 40 किमी
बौद्ध भिक्षुओं का दल एक दिन में 40 किमी पैदल चलता है। पद यात्रा के दौरान यह किसी से बातचीत नहीं करते है। न ही किसी से मिलने की कोशिश करते हैं। गाइड ने बताया कि 40 किमी का सफर करने के बाद भिक्षु रुक जाते हैं। तंबू, टेंट डालकर यह रात्रि निवास करते हैं।