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श्रीराम-रावण की सेनाओं के बीच हुआ सजीव कुप्पी युद्ध

Sun, 17 Oct 2021 12:31 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 17 Oct 2021 12:31 AM IST
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Live flask war between the armies of Shri Ram-Ravana
Live flask war between the armies of Shri Ram-Ravana - फोटो : KAUSHAMBI
दारानगर की ऐतिहासिक रामलीला में श्रीराम और रावण के योद्धाओं के बीच 242वां कुप्पी युद्ध हुआ। पहले दिन शुक्रवार को मेघनाद-लक्ष्मण तो दूसरे दिन राम-रावण के बीच युद्ध हुआ। दो दिन में सात बार हुए बेहद रोमांचकारी कुप्पी युद्ध का नजारा देखने के लिए हजारों की भीड़ डटी रही। अहंकारी रावण का वध करते ही समूचा युद्ध मैदान प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
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242 वर्ष पुरानी दारानगर की 12 दिवसीय रामलीला वाराणसी के रामनगर की रामलीला की तर्ज पर होती है। मंच की जगह दारानगर व आसपास के गांवों में पूर्व निर्धारित स्थलों पर 12 दिन तक रामलीलाएं की गईं। रामलीला की सबसे बड़ी खासियत दो दिवसीय कुप्पी युद्ध रहा। म्योहरा गांव में इसके लिए युद्ध का मैदान सजाया गया। पूरे परिसर को बैरिकेडिंग की गई।
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विजयदशी और एकादशी को राम-रावण की सेनाओं के बीच रोमांचक कुप्पी युद्ध हुआ। काले कपड़े में रावण दल के 25 तथा लाल रंग के वस्त्र में राम दल के 25 सेनानी प्लास्टिक की कुप्पी लेकर युद्ध के मैदान में उतरे। पहले दिन शुक्रवार को चार चरणों में लड़ाई हुई। परंपरा के मुताबिक पहले दिन की चारों लड़ाई में रावण की सेना श्रीराम की सेना पर भारी पड़ी। जबकि, दूसरे दिन शनिवार को तीन लड़ाइयां हुईं। तीनों लड़ाई जीत कर राम की सेना विजयी हुई।
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रावण का वध होते ही समूचा युद्ध मैदान राजाराम चंद्र की जय के उद्घोष से गूंज उठा। इससे पहले डीएम सुजीत कुमार और विधायक सिराथू शीतला प्रसाद पटेल ने दूसरे दिन का कुप्पी युद्घ का शुभारंभ किया। युद्ध देखने के लिए विधायक के साथ ही डिप्टी सीएम के पुत्र योगेश मौर्या समेत दूरदराज के दर्शक बड़ी संख्या में डटे रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से एसडीएम विनय गुप्ता व सीओ योगेंद्र कृष्ण नारायण, कड़ा कोतवाल चंद्र भूषण मौर्या, सैनी कोतवाल तेज बहादुर सिंह, यातायात निरीक्षक रवींद्र त्रिपाठी पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे।
चायल व सिराथू में गाजे बाजे के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन
दशहरा पर चायल व सिराथू तहसील क्षेत्र में तालाबों और नदियों में गाजे-बाजे के साथ दुर्गा प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। क्षेत्र में शुक्रवार और शनिवार को विसर्जन को दौर चलता रहा।
तहसील क्षेत्र के ससुर खदेरी नदी में बरोलहा, घूरी, मखउपुर, बूंदा, कसेंदा, बिलासपुर समेत गंगा नदी में फतेहपुर घाट, उजिहिनी, उमरछा सहित्र करीब दर्जन भर घाटों पर मूर्तियां विसर्जित की गईं। इस दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा।
सुबह करीब सात बजे से भक्तगण दुर्गा पूजा पंडालों एकत्रित हो गए और मूर्तियों को ट्रैक्टर-ट्राली, पिकअप, ट्राली आदि वाहनों में लादकर भक्ति भाव से नृत्य करते हुए विसर्जन के लिए घाटों की ओर चल पड़े। इस बीच दुर्गा पूजा कमेटी के सदस्यों द्वारा हलवा चना, खीर, लाई चालीदाने का प्रसाद वितरण भी किया गया।
सिराथू क्षेत्र के विभिन्न गांवों में शनिवार को स्थापित दुर्गा पंडालों में भक्तों ने देवी प्रतिमाओं का तालाबों में विसर्जन करते हुए विदाई दी। देवीगंज, सौरई बुजुर्ग, दारानगर , म्योहरा , बक्शी का पूरा, कमालपुर टिकरी आदि गांव की देवी प्रतिमाओं का वैकल्पिक गड्ढों में विसर्जन किया गया। वहीं अजुहा कस्बे की लाई मंडी व जीटी रोड़ सहित कई गांव की प्रतिमा ससुर खदेरी नदी में विसर्जित की गईं।

साथ ही अटसराय, सैनी, लोहंदा , सिराथू , टेढ़ीमोड , उदिहिन , पथरावा , पइंसा , रामपुर धमावा, कैमा, शहजादपुर सहित दर्जनों गांवों की देवी प्रतिमाओं का भक्तों ने तालाब में विसर्जन किया। फरीदागंज गांव के जखवा तालाब में भी दर्जनों गांवों की देवी प्रतिमाओं को भक्तों ने विसर्जित किया।

Live flask war between the armies of Shri Ram-Ravana

Live flask war between the armies of Shri Ram-Ravana- फोटो : KAUSHAMBI

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