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सरायअकिल कस्बे के बुद्धपुरी मोहल्ले में हुई हत्या के मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास
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lifetime imprisionment to murder accused
मंझनपुर। अपर जिला जज कक्ष संख्या-7 की अदालत ने शुक्रवार को हत्या के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 11,500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। अदालत ने हत्या में शामिल एक अन्य आरोपी जो फरार है उसकी फाइल अलग करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है।
अभियोजन के मुताबिक 23 मई वर्ष 2014 में सरायअकिल कस्बे के बुद्घपुरी मोहल्ला निवासी अमीर चंद्र जायसवाल घर के बाहर सफाईकर्मी झाड़ू लगा रहा था। इसी बीच पड़ोसी संदीप पांडेय और उसके पिता उमाशंकर पांडेय आए और सफाईकर्मी को अपने दरवाजे पर झाड़ू लगाने के लिए कहकर साथ में ले जाने लगे थे। अमीरचंद्र ने इसका विरोध किया तो पड़ोसी पिता-पुत्र ने विवाद शुरू कर दिया। बात बढ़ने पर बाप-बेटे ने मिलकर अमीरचंद्र को चाकू घोंप दिया। इससे उसकी मौत हो गई। मामले में मृतक के भतीजे सचिन जायसवाल ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ उसी दिन सरायअकिल कोतवाली में हत्या की एफआईआर दर्ज करा दी थी। मुकदमा पंजीकृत होने के बाद विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज कक्ष संख्या-7 नीरज कुमार उपाध्याय की अदालत में चली। राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक शशांक खरे ने कुल नौ गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की बहस व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
एक हत्यारोपी फरार, फैसला सुरक्षित
मंझनपुर। अमीरचंद्र जायसवाल की हत्या करने के बाद आरोपी उमाशंकर पांडेय फरार हो गया था। अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मुकदमे की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हत्यारोपी उमाशंकर की फाइल अलग कर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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अभियोजन के मुताबिक 23 मई वर्ष 2014 में सरायअकिल कस्बे के बुद्घपुरी मोहल्ला निवासी अमीर चंद्र जायसवाल घर के बाहर सफाईकर्मी झाड़ू लगा रहा था। इसी बीच पड़ोसी संदीप पांडेय और उसके पिता उमाशंकर पांडेय आए और सफाईकर्मी को अपने दरवाजे पर झाड़ू लगाने के लिए कहकर साथ में ले जाने लगे थे। अमीरचंद्र ने इसका विरोध किया तो पड़ोसी पिता-पुत्र ने विवाद शुरू कर दिया। बात बढ़ने पर बाप-बेटे ने मिलकर अमीरचंद्र को चाकू घोंप दिया। इससे उसकी मौत हो गई। मामले में मृतक के भतीजे सचिन जायसवाल ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ उसी दिन सरायअकिल कोतवाली में हत्या की एफआईआर दर्ज करा दी थी। मुकदमा पंजीकृत होने के बाद विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज कक्ष संख्या-7 नीरज कुमार उपाध्याय की अदालत में चली। राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक शशांक खरे ने कुल नौ गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की बहस व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
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एक हत्यारोपी फरार, फैसला सुरक्षित
मंझनपुर। अमीरचंद्र जायसवाल की हत्या करने के बाद आरोपी उमाशंकर पांडेय फरार हो गया था। अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मुकदमे की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हत्यारोपी उमाशंकर की फाइल अलग कर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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