कौशांबी : बालक से कुकर्म के दोषी को आजीवन कारावास, अदालत ने 30 दिन में पूरा किया मुकदमे का परीक्षण
सात साल के बालक से दरिंदगी के दोषी के खिलाफ अदालत ने सख्त रुख अख्तियार किया। कोर्ट ने महज 30 दिन में मुकदमें का परीक्षण आरोपी को आजीवन कारावास व 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
विस्तार
सात साल के बालक से दरिंदगी के दोषी के खिलाफ अदालत ने सख्त रुख अख्तियार किया। कोर्ट ने महज 30 दिन में मुकदमें का परीक्षण आरोपी को आजीवन कारावास व 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। घटना कोखराज कोतवाली इलाके के एक गांव में चार महीने पहले हुई थी।
अभियोजन के मुताबिक कोखराज में वादी मुकदमा में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 27 सितंबर 2022 को उसका सात वर्षीय नाती जंगल की तरफ भैंस चराने गया था। इस दौरान बम्हरौली गांव के मिथलेश उर्फ सुग्गा ने बालक के साथ टॉफी का लालच देकर कुकर्म किया। घटना में बालक खून से लथपथ हो गया था। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाग निकला। मामले में पुलिस ने मिथलेश के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने मिथलेश को जेल भेजा। इस मामले में पुलिस ने तीन नवंबर को विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
कोर्ट ने सात जनवरी को मुकदमें का परीक्षण शुरू किया। मुकदमा विशेष न्यायाधीष पास्को अरविंद कुमार द्वितीय की अदालत विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र त्रिपाठी ने आरोपी को सख्त सजा दिए जाने की मांग की। साथ ही सात गवाह प्रस्तुत किए। इस मामले में अदालत ने आरोपी पर लगाए गए आरोप साबित पाते हुए बृहस्पतिवार को दोष सिद्ध किया। शुक्रवार को दोषी मिथलेश उर्फ सुग्गा को आजीवन कारावास की सजा सुनाया है। इसके अलावा दोषी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया।