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ज्यादा खाद लेने पर अब देनी होगी खतौनी
Mon, 02 Aug 2021 01:37 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कौशाम्बी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशाम्बी
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 02 Aug 2021 01:37 AM IST
सार
खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए इस बार सहकारिता विभाग ने पहल की है। अगर किसी किसान को एक से दो बोरी यूरिया या डीएपी की जरूरत है तो वह समितियों में अपना आधार कार्ड दिखाकर प्राप्त कर सकता है।
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विस्तार
खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए इस बार सहकारिता विभाग ने पहल की है। अगर किसी किसान को एक से दो बोरी यूरिया या डीएपी की जरूरत है तो वह समितियों में अपना आधार कार्ड दिखाकर प्राप्त कर सकता है। इससे ज्यादा उर्वरक लेने के लिए खेत की खतौनी के साथ आधार कार्ड भी लाना होगा।
पिछले साल गेहूं की फसल के दौरान जिले में खासतौर पर यूरिया का संकट खड़ा हो गया था। जबकि आंकड़ों में जिस हिसाब से गेहूं की खेती कराई गई थी उससे कहीं ज्यादा सहकारी समितियों से उर्वरक का वितरण कराया जा चुका था। बाद में विभाग ने फिर से यूरिया की रैक मंगवाई। इस बार उर्वरक संकट से निपटने के लिए सहकारी विभाग ने पहले से ही कमर कस ली है।
एआर कोऑपरेटिव अजीत कुमार का कहना है कि जिले के किसानों को धान की फसल में किसी तरह से उर्वरक की दिक्कत नहीं होने पाएगी। समितियों के जिम्मेदारों को निर्देश दिया गया है कि अगर कोई किसान एक से दो बोरी खाद मांगता है तो उससे आधार कार्ड जरूर लें। अगर कोई खुद को बड़ा काश्तकार बताते हुए ज्यादा उर्वरक की मांगता करता है तो आधार कार्ड के साथ उस किसान को अपने खेतों की खतौनी भी देनी होगी।
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पिछले साल गेहूं की फसल के दौरान जिले में खासतौर पर यूरिया का संकट खड़ा हो गया था। जबकि आंकड़ों में जिस हिसाब से गेहूं की खेती कराई गई थी उससे कहीं ज्यादा सहकारी समितियों से उर्वरक का वितरण कराया जा चुका था। बाद में विभाग ने फिर से यूरिया की रैक मंगवाई। इस बार उर्वरक संकट से निपटने के लिए सहकारी विभाग ने पहले से ही कमर कस ली है।
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एआर कोऑपरेटिव अजीत कुमार का कहना है कि जिले के किसानों को धान की फसल में किसी तरह से उर्वरक की दिक्कत नहीं होने पाएगी। समितियों के जिम्मेदारों को निर्देश दिया गया है कि अगर कोई किसान एक से दो बोरी खाद मांगता है तो उससे आधार कार्ड जरूर लें। अगर कोई खुद को बड़ा काश्तकार बताते हुए ज्यादा उर्वरक की मांगता करता है तो आधार कार्ड के साथ उस किसान को अपने खेतों की खतौनी भी देनी होगी।
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