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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो गिरफ्तार
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kaushambi police arrested froud gang
- फोटो : KAUSHAMBI
मंझनपुर। रेलवे व शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का ठेका लेने वाले अंतरजनपदीय जालसाज गिरोह का खुलासा हुआ है। गिरोह के पकड़े गए दो जालसाजों ने अपने साथियों के साथ मिलकर जिले के अलावा प्रतापगढ़ व प्रयागराज जिले के लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 41 लाख की ठगी की। बदमाशों के पास से पुलिस ने एक बाइक, तीन एक्टीवेटेड बंद लिफाफा सिम कार्ड, दो एटीएम, तीन बीएसए प्रतापगढ़ कार्यालय का नियुक्ति आदेश, दो रेलवे का नियुक्ति आदेश, पीडब्लूडी लखनऊ व प्रदेश सरकार की मुहर बरामद किया है।
गुरुवार को पुलिस ऑफिस में मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि चरवा कोतवाली में दो लोगों ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने की रिपोर्ट दर्ज कराया था। इस मामले के खुलासे के लिए साइबर सेल व चरवा कोतवाली पुलिस को लगाया गया था। बुधवार को पता चला ठगी करने करने वाले गैंग के कुछ सदस्य चरवा कोतवाली के बबुरा गांव में मौजूद है। इस पर चरवा इंस्पेक्टर संतशरण सिंह व साइबर सेल के सीसीओ अखिलेश उपाध्याय और संदीप कुमार अपनी टीम के साथ बबुरा पहुंचे। यहां जालसाज गैंग के सदस्य चरवा कोतवाली के ओदारपुर गांव निवासी सतवंत पुत्र रामराज व पिपरी कोतवाली के लोकीपुर निवासी राहुल पटेल को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए ठगों के अन्य साथी भागने में सफल रहे।
पकड़े गए जालसाजों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उदारपुर निवासी अमित से पांच लाख, बबुरा निवासी आत्माराम से साढ़े चार लाख, सैयदसरावां निवासी राकेश विश्वकर्मा से तीन लाख 30 हजार, पिपरी कोतवाली क्षेत्र के मीरापुर निवासी सारस्वत से छह लाख, पूरामुफ्ती कोतवाली क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी निवासी पवन सिंह से छह लाख, तोरंटी का पुरवा निवासी मानसिंह से चार लाख 23 हजार, कोखराज कोतवाली क्षेत्र के मूरतगंज निवासी धर्मेंद्र से एक लाख, प्रयागराज जिले के गंगापार इलाके में रहने वाले कुंवर सिंह से तीन लाख 50 हजार, करारी कोतवाली क्षेत्र के म्योहर निवासी आकाश से एक लाख 50 हजार, पिपरी कोतवाली क्षेत्र के मीरापुर निवासी सौरभ से तीन लाख 50 हजार और प्रयागराज के नैनी निवासी नीरज से दो लाख रुपये रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की थी।
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गाजियाबाद में कराते थे ट्रेनिंग, बनवाते थे फर्जी मेडिकल
मंझनपुर। रेलवे व शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का सब्जबाग दिखाकर बेरोजगारों को ठगने वाले सटीक प्लान के तहत लोगों को बेवकूफ बना रहे थे। तयशुदा रकम लेने के बाद पहले फर्जी मेडिकल, फिर गाजियाबाद इलाके के रेलवे स्टेशनों में फर्जी ट्रेनिंग दिलाते थे। नियुक्ति का फर्जी आदेश मिलने के बाद जब लोग ज्वाइन करते जाते थे, तभी ठगी की जानकारी होती थी। तब ठग गैंग के सदस्य भूमिगत हो चुके होते थे। अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि गिरोह में काफी लोग शामिल हैं। राहुल और सतवंत पकड़े गए हैं। इस गिरोह में सदस्यों ने बताया कि उनके साथ फतेहपुर और प्रयागराज इलाके के लोग घटनाओं को अंजाम देने में शामिल रहते थे।
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गुरुवार को पुलिस ऑफिस में मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि चरवा कोतवाली में दो लोगों ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने की रिपोर्ट दर्ज कराया था। इस मामले के खुलासे के लिए साइबर सेल व चरवा कोतवाली पुलिस को लगाया गया था। बुधवार को पता चला ठगी करने करने वाले गैंग के कुछ सदस्य चरवा कोतवाली के बबुरा गांव में मौजूद है। इस पर चरवा इंस्पेक्टर संतशरण सिंह व साइबर सेल के सीसीओ अखिलेश उपाध्याय और संदीप कुमार अपनी टीम के साथ बबुरा पहुंचे। यहां जालसाज गैंग के सदस्य चरवा कोतवाली के ओदारपुर गांव निवासी सतवंत पुत्र रामराज व पिपरी कोतवाली के लोकीपुर निवासी राहुल पटेल को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए ठगों के अन्य साथी भागने में सफल रहे।
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पकड़े गए जालसाजों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उदारपुर निवासी अमित से पांच लाख, बबुरा निवासी आत्माराम से साढ़े चार लाख, सैयदसरावां निवासी राकेश विश्वकर्मा से तीन लाख 30 हजार, पिपरी कोतवाली क्षेत्र के मीरापुर निवासी सारस्वत से छह लाख, पूरामुफ्ती कोतवाली क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी निवासी पवन सिंह से छह लाख, तोरंटी का पुरवा निवासी मानसिंह से चार लाख 23 हजार, कोखराज कोतवाली क्षेत्र के मूरतगंज निवासी धर्मेंद्र से एक लाख, प्रयागराज जिले के गंगापार इलाके में रहने वाले कुंवर सिंह से तीन लाख 50 हजार, करारी कोतवाली क्षेत्र के म्योहर निवासी आकाश से एक लाख 50 हजार, पिपरी कोतवाली क्षेत्र के मीरापुर निवासी सौरभ से तीन लाख 50 हजार और प्रयागराज के नैनी निवासी नीरज से दो लाख रुपये रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की थी।
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गाजियाबाद में कराते थे ट्रेनिंग, बनवाते थे फर्जी मेडिकल
मंझनपुर। रेलवे व शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का सब्जबाग दिखाकर बेरोजगारों को ठगने वाले सटीक प्लान के तहत लोगों को बेवकूफ बना रहे थे। तयशुदा रकम लेने के बाद पहले फर्जी मेडिकल, फिर गाजियाबाद इलाके के रेलवे स्टेशनों में फर्जी ट्रेनिंग दिलाते थे। नियुक्ति का फर्जी आदेश मिलने के बाद जब लोग ज्वाइन करते जाते थे, तभी ठगी की जानकारी होती थी। तब ठग गैंग के सदस्य भूमिगत हो चुके होते थे। अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि गिरोह में काफी लोग शामिल हैं। राहुल और सतवंत पकड़े गए हैं। इस गिरोह में सदस्यों ने बताया कि उनके साथ फतेहपुर और प्रयागराज इलाके के लोग घटनाओं को अंजाम देने में शामिल रहते थे।