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पोलियो ड्राप पिलाने में खाकी का खौफ भी बेअसर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Feb 2016 11:32 PM IST
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कौशाम्बी में पोलियो उन्मूलन खुराक लेने से वंचित ड्राप आउट बच्चों को दवा पिलाना स्वास्थ्य महकमे के लिए बड़ी चुनौती बनी है। अनपढ़ परिवार की महिलाओं की जिद महकमे की सारी जतन को बेकार कर रही है। मान-मनौव्वल और खाकी का खौफ दिखाने के बाद भी मंझनपुर स्थित कांशीराम कालोनी के दो परिवारों ने अपने बच्चों को खुराक नहीं पीने दी।
6 साल तक के करीब 3.06 लाख बच्चों को पोलियो उन्मूलन की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया था। 21 फरवरी को बूथ दिवस का आयोजन था। तब 34 फीसदी बच्चे खुराक पी सके थे। शेष बचे बच्चों को खुराक देने के लिए 5 दिनों तक डोर-टू-डोर अभियान चलाया गया। इसके बाद भी कई अनपढ़ परिवारों ने अपने नौनिहालों को खुराक नहीं पिलाई। ऐसे ड्राप आउट चिह्नित परिवारों को जागरूक बनाने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने टीम गठित की। टीम ने जाकर उन्हें बच्चों के स्वास्थ्य का हवाला दिया। उन्हें विकलांगता के अभिशाप से बचाने की दलीलें दी।
मान-मनौव्वल की कोशिश की। इसके बाद सोमवार को पुलिसवालों को साथ ले जाकर खाकी का डर दिखाने की कोशिश की गई। पर, सारी जतन पर अनपढ़ महिलाओं की जिद भारी पड़ी। मंझनपुर स्थित कांशीराम कालोनी में रहने वाली फलीकुन निशा ने अपने दो बच्चों फैजल (4), सानिया (2), इसरार ने अपने दो बच्चों इकरार (4) और अयान (11 माह) को पोलियो खुराक नहीं पीने दी। इस दौरान वह पुलिस और स्वास्थ्य महकमे के कर्मचारियों से लड़ने-भिड़ने तक को तैयार हो गई थी। हारकर पुलिस और स्वास्थ्य महकमे के कर्मी लौट आए। सीएमओ डॉ यूबी सिंह ने बताया कि इन परिवार को हर जतन करके खुराक पिलाने की कोशिश जारी रहेगी।
6 साल तक के करीब 3.06 लाख बच्चों को पोलियो उन्मूलन की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया था। 21 फरवरी को बूथ दिवस का आयोजन था। तब 34 फीसदी बच्चे खुराक पी सके थे। शेष बचे बच्चों को खुराक देने के लिए 5 दिनों तक डोर-टू-डोर अभियान चलाया गया। इसके बाद भी कई अनपढ़ परिवारों ने अपने नौनिहालों को खुराक नहीं पिलाई। ऐसे ड्राप आउट चिह्नित परिवारों को जागरूक बनाने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने टीम गठित की। टीम ने जाकर उन्हें बच्चों के स्वास्थ्य का हवाला दिया। उन्हें विकलांगता के अभिशाप से बचाने की दलीलें दी।
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मान-मनौव्वल की कोशिश की। इसके बाद सोमवार को पुलिसवालों को साथ ले जाकर खाकी का डर दिखाने की कोशिश की गई। पर, सारी जतन पर अनपढ़ महिलाओं की जिद भारी पड़ी। मंझनपुर स्थित कांशीराम कालोनी में रहने वाली फलीकुन निशा ने अपने दो बच्चों फैजल (4), सानिया (2), इसरार ने अपने दो बच्चों इकरार (4) और अयान (11 माह) को पोलियो खुराक नहीं पीने दी। इस दौरान वह पुलिस और स्वास्थ्य महकमे के कर्मचारियों से लड़ने-भिड़ने तक को तैयार हो गई थी। हारकर पुलिस और स्वास्थ्य महकमे के कर्मी लौट आए। सीएमओ डॉ यूबी सिंह ने बताया कि इन परिवार को हर जतन करके खुराक पिलाने की कोशिश जारी रहेगी।
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