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बीपीएल सूची से पात्रों के नाम गायब
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2016 12:19 AM IST
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आवास समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ चहेतों को दिलाने के लिए रामपुर खंदेउरा गांव के कई पात्रों का बीपीएल सूची से नाम गायब करा दिया गया है। चुनावी रंजिश के कारण ऐसा किए जाने का इल्जाम प्रधान और वीडीओ पर लगाते हुए गांववालों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने खंड विकास अधिकारी को जांच का आदेश दिया है।
नेवादा ब्लाक क्षेत्र के रामपुर खंदेउरा गांव के रहने वाले ज्ञानसिंह, रामनाथ, कमलेश कुमार, गोरकी, ननकी देवी आदि ने बताया कि वे भूमिहीन, मजदूर हैं। गरीब होने के कारण उनका नाम बीपीएल सूची में था। उनके नाम बीपीएल योजना का राशनकार्ड भी बनाया गया था। इसी बीच बीपीएल सूची से उनका नाम हटा दिया गया है। यही नहीं उनके राशनकार्ड की फीडिंग भी आनलाइन नहीं कराई गई है। आरोप है कि ऐसा चुनावी रंजिश और अपने चहेतों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए किया गया है।
प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को गांव के पात्रों ने कलेक्ट्रेट में हुंकार भरी। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। डीएम के नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को शिकायतीपत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने खंड विकास अधिकारी नेवादा को आरोपों की जांच करके तीन दिन में रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। वहीं ग्रामीणों ने चेताया है कि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे कलेक्ट्रेट में धरना देने को मजबूर होंगे।
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नेवादा ब्लाक क्षेत्र के रामपुर खंदेउरा गांव के रहने वाले ज्ञानसिंह, रामनाथ, कमलेश कुमार, गोरकी, ननकी देवी आदि ने बताया कि वे भूमिहीन, मजदूर हैं। गरीब होने के कारण उनका नाम बीपीएल सूची में था। उनके नाम बीपीएल योजना का राशनकार्ड भी बनाया गया था। इसी बीच बीपीएल सूची से उनका नाम हटा दिया गया है। यही नहीं उनके राशनकार्ड की फीडिंग भी आनलाइन नहीं कराई गई है। आरोप है कि ऐसा चुनावी रंजिश और अपने चहेतों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए किया गया है।
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प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को गांव के पात्रों ने कलेक्ट्रेट में हुंकार भरी। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। डीएम के नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को शिकायतीपत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने खंड विकास अधिकारी नेवादा को आरोपों की जांच करके तीन दिन में रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। वहीं ग्रामीणों ने चेताया है कि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे कलेक्ट्रेट में धरना देने को मजबूर होंगे।
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