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ठंड हुई कातिल, दो की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Mon, 21 Dec 2015 10:46 PM IST
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दोआबा में हफ्तेभर से भीषण ठंड का प्रकोप जारी है। दिन-रात बर्फीली हवाएं चल रही हैं। शीतलहर से पैदा गलन जानलेवा है। मौत का सिलसिला जारी है। रविवार की रात ठंड की चपेट में आने से चायल के चरवा और सिराथू के धुमाई गांव के दो अधेड़ की मौत हो गई। ठंड के कारण जनपद में 15 दिन के भीतर 9 लोग जान गंवा चुके हैं। इसके बाद भी गरीबों को ठंड से बचाने के प्रशासनिक इंतजाम सिर्फ खानापूर्ति तक ही सिमटे हैं।
ठंड ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। आठ दिनों से शीतलहर का असर है। दिन-रात चल रही तेज बर्फीली हवाओं के कारण तीखी गलन लोगों को परेशान किए है। कमरे के अंदर भी हाथ-पैर की अंगुलियां सुन्न होने लगी हैं। ठंडी हवाओं से तापमान में जबरदस्त गिरावट आई है। महगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के मुताबिक रविवार की रात पारा 6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं सोमवार की दोपहर 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान बना हुआ था।
पारा गिरने से बढ़ी ठंड जानलेवा बनी है। इसकी चपेट में आने से आए दिन लोगों की मौत हो रही। रविवार की रात चायल तहसील के चरवा दक्षिणी थोक निवासी ओमप्रकाश उर्फ मधुबाला (42) निवासी स्व.शीतला प्रसाद की मौत हो गई। मृतक के भाई नेमराज, प्रधानपति दीपक पांडेय और गांववालों का कहना है कि ठंड के कारण ही ओमप्रकाश की सांसें थमी हैं। ठंड से अधेड़ की मौत की सूचना पर नायब तहसीलदार गांव पहुंचे, लेकिन गांववालों से पूछताछ करने के बाद वे बगैर किसी कार्रवाई के ही चले गए। इसका लोगों में गुस्सा भी दिखा।
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इसी तरह से सिराथू तहसील के धुमाई गांव निवासी पंछीलाल सोनकर (55) की ठंड लगने से मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक शनिवार की शाम वह फसल की सिंचाई करने गया था। रात करीब 8 बजे घर लौटने पर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे सिराथू के एक निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां रविवार की रात उसकी सांसें थम गई। बता दें कि कौशाम्बी में 15 दिन के भीतर ठंड लगने से अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी अफसर बेफिक्र बने हैं। अलाव और कंबल वितरण भी खानापूर्ति तक ही सिमटा हुआ है।
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ठंड ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। आठ दिनों से शीतलहर का असर है। दिन-रात चल रही तेज बर्फीली हवाओं के कारण तीखी गलन लोगों को परेशान किए है। कमरे के अंदर भी हाथ-पैर की अंगुलियां सुन्न होने लगी हैं। ठंडी हवाओं से तापमान में जबरदस्त गिरावट आई है। महगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विभाग के मुताबिक रविवार की रात पारा 6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं सोमवार की दोपहर 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान बना हुआ था।
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पारा गिरने से बढ़ी ठंड जानलेवा बनी है। इसकी चपेट में आने से आए दिन लोगों की मौत हो रही। रविवार की रात चायल तहसील के चरवा दक्षिणी थोक निवासी ओमप्रकाश उर्फ मधुबाला (42) निवासी स्व.शीतला प्रसाद की मौत हो गई। मृतक के भाई नेमराज, प्रधानपति दीपक पांडेय और गांववालों का कहना है कि ठंड के कारण ही ओमप्रकाश की सांसें थमी हैं। ठंड से अधेड़ की मौत की सूचना पर नायब तहसीलदार गांव पहुंचे, लेकिन गांववालों से पूछताछ करने के बाद वे बगैर किसी कार्रवाई के ही चले गए। इसका लोगों में गुस्सा भी दिखा।
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इसी तरह से सिराथू तहसील के धुमाई गांव निवासी पंछीलाल सोनकर (55) की ठंड लगने से मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक शनिवार की शाम वह फसल की सिंचाई करने गया था। रात करीब 8 बजे घर लौटने पर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे सिराथू के एक निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां रविवार की रात उसकी सांसें थम गई। बता दें कि कौशाम्बी में 15 दिन के भीतर ठंड लगने से अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी अफसर बेफिक्र बने हैं। अलाव और कंबल वितरण भी खानापूर्ति तक ही सिमटा हुआ है।