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गोपसहसा उपकेन्द्र के 44 गांवों में ब्लैक आउट
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Wed, 09 Sep 2015 11:41 PM IST
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गोपसहसा बिजली उपकेन्द्र से जुडे़ 44 गांवों में 24 घंटे से ब्लैक आउट है। मुख्य लाइन में आई खराबी के चलते गांव-गांव बिजली-पानी के लिए हाहाकार मचा है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य लाइन के जर्जर तार को बदलने के लिए कई बार उपकेन्द्र जाकर अवर अभियंता के साथ उच्चाधिकारियों से बात की गई। इसके बाद भी विभागीय जिम्मेदार कोई पहल नहीं कर रहे हैं। जिसे लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है।
कौशाम्बी ब्लाक के गोपसहसा बिजली उपकेन्द्र से जुड़े बिजिया, मेडरहा, ढोसकहा, दाईकापुरवा, कोसम इनाम, बेरौंचा, डेलइया, सोनवारा, बक्तीतारा, महिला, कैलाश पुर, धाना, ऐंगवां आदि 44 गांवों की बिजली मंगलवार की सुबह से गुल है। मुख्य लाइन का जर्जर तार टूट कर गिरने और डिश ब्रस्ट होने से गांव-गांव बिजली-पानी के लिए हाहाकार मचा है। किसानों के निजी नलकूप भी शो-पीस बने हैं।
बिजली आपूर्ति ठप होने से धान की रोपी गई फसल भी सूखने के कगार पर पहुंच चुुकी है। इलाके के अनिल कुमार, सौरभ, दिनेश कुमार, अमृत लाल आदि किसानों का कहना है कि मुख्य लाइन का जर्जर तार बदले नहीं जाने से आए दिन गांवों की बिजली गुल रहती है। सबसे ज्यादा दिक्कत छात्र-छात्राओं को झेलनी पड़ रही है। बच्चे लालटेन और ढिबरी की रोशनी में पढ़ाई करने के लिए मजबूर है। मामले में अधिशासी अभियंता आरएन सिंह का कहना है कि जर्जर तारों को बदलवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। धनराशि आने के बाद जर्जर तारों को दुरुस्त करा दिया जाएगा।
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कौशाम्बी ब्लाक के गोपसहसा बिजली उपकेन्द्र से जुड़े बिजिया, मेडरहा, ढोसकहा, दाईकापुरवा, कोसम इनाम, बेरौंचा, डेलइया, सोनवारा, बक्तीतारा, महिला, कैलाश पुर, धाना, ऐंगवां आदि 44 गांवों की बिजली मंगलवार की सुबह से गुल है। मुख्य लाइन का जर्जर तार टूट कर गिरने और डिश ब्रस्ट होने से गांव-गांव बिजली-पानी के लिए हाहाकार मचा है। किसानों के निजी नलकूप भी शो-पीस बने हैं।
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बिजली आपूर्ति ठप होने से धान की रोपी गई फसल भी सूखने के कगार पर पहुंच चुुकी है। इलाके के अनिल कुमार, सौरभ, दिनेश कुमार, अमृत लाल आदि किसानों का कहना है कि मुख्य लाइन का जर्जर तार बदले नहीं जाने से आए दिन गांवों की बिजली गुल रहती है। सबसे ज्यादा दिक्कत छात्र-छात्राओं को झेलनी पड़ रही है। बच्चे लालटेन और ढिबरी की रोशनी में पढ़ाई करने के लिए मजबूर है। मामले में अधिशासी अभियंता आरएन सिंह का कहना है कि जर्जर तारों को बदलवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। धनराशि आने के बाद जर्जर तारों को दुरुस्त करा दिया जाएगा।
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