{"_id":"67f6fa462be2c0d1b467d6468e4672f9","slug":"kaushambi-news-hindi-news-100","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपचार के अभाव में प्रसूता ने तोड़ा दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपचार के अभाव में प्रसूता ने तोड़ा दम
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sun, 02 Aug 2015 11:57 PM IST
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बारा में शनिवार शाम प्रसव बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। घरवाले इलाज के अभाव में जान जाने का आरोप लगा रहे हैं। नवजात की भी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सीएमओ का कहना है कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
कौशाम्बी थाना क्षेत्र के अवाना आलमपुर गांव की शिवमती देवी (20) पत्नी मनोज कुमार को शनिवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोगों ने सीएचसी बारा में भर्ती कराया था। परिवार वालों का आरोप है कि अस्पताल में महिला डॉक्टर नहीं थीं। दाई ने ही प्रसव कराया। प्रसव के थोड़ी देर बाद ही प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। इसकी जानकारी डॉक्टरों को दी गई। मगर किसी ने भी अस्पताल आकर महिला का इलाज करना ठीक नहीं समझा। दाई और कंपाउंडर ही उसे दवाएं देते रहे। सही इलाज नहीं मिल पाने से शाम को प्रसूता की तबीयत और खराब हो गई। परिजन निजी अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी उसकी मौत हो गई। उसके नवजात की भी हालत गंभीर बनी है। उसका एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। घरवालों ने चिकित्सकों की मनमानी की शिकायत सीएमओ से की है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजकुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। डॉक्टरों की लापरवाही मिली तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
कौशाम्बी थाना क्षेत्र के अवाना आलमपुर गांव की शिवमती देवी (20) पत्नी मनोज कुमार को शनिवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोगों ने सीएचसी बारा में भर्ती कराया था। परिवार वालों का आरोप है कि अस्पताल में महिला डॉक्टर नहीं थीं। दाई ने ही प्रसव कराया। प्रसव के थोड़ी देर बाद ही प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। इसकी जानकारी डॉक्टरों को दी गई। मगर किसी ने भी अस्पताल आकर महिला का इलाज करना ठीक नहीं समझा। दाई और कंपाउंडर ही उसे दवाएं देते रहे। सही इलाज नहीं मिल पाने से शाम को प्रसूता की तबीयत और खराब हो गई। परिजन निजी अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी उसकी मौत हो गई। उसके नवजात की भी हालत गंभीर बनी है। उसका एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। घरवालों ने चिकित्सकों की मनमानी की शिकायत सीएमओ से की है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजकुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। डॉक्टरों की लापरवाही मिली तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन