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‘अमृत वचनों के बीच देश भर की संस्कृति का संगम’
Sun, 07 Apr 2019 01:01 AM IST
shailendra Kumar
kaushambi bureau
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Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 07 Apr 2019 01:01 AM IST
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मंझनपुर। महेवाघाट में संत मोरारी बापू के अमृत वचनों के बीच देशभर की संस्कृति का भी संगम हो रहा है। कथा श्रवण के लिए शनिवार को पहले दिन ही विभिन्न प्रांतों के श्रद्धालु यहां पहुंच गए। इन मेहमानों को जिले के लोग समझने की कोशिश करते रहे।
रत्नावली के मायके में पहला दिन होने के कारण फिलहाल विदेशी मेहमानों का आगमन तो नहीं हुआ। प्रारंभ होने से पहले और उसके बाद कुछ परदेशी भक्त यमुना किनारे लहरों का आनंद लेते हुए देखे गए तो कुछ गांवों में पहुंच गए। जिले के वासी इन लोगों की भाषा सीखने को आतुर रहे। इनकी वेश भूषा में कोई खास बदलाव तो नहीं था। पर, कुछ हटकर जरूर था। परदेशी मेहमानों ने भी जनपदवासियों से कुछ सीखने और समझने की कोशिश की। खास उत्सुकता रत्नावली के बारे में गहराई से जानने को लेकर दिखी। लोगों का कहना है कि यह किसी मिनी कुंभ से कम नहीं है।
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रत्नावली के मायके में पहला दिन होने के कारण फिलहाल विदेशी मेहमानों का आगमन तो नहीं हुआ। प्रारंभ होने से पहले और उसके बाद कुछ परदेशी भक्त यमुना किनारे लहरों का आनंद लेते हुए देखे गए तो कुछ गांवों में पहुंच गए। जिले के वासी इन लोगों की भाषा सीखने को आतुर रहे। इनकी वेश भूषा में कोई खास बदलाव तो नहीं था। पर, कुछ हटकर जरूर था। परदेशी मेहमानों ने भी जनपदवासियों से कुछ सीखने और समझने की कोशिश की। खास उत्सुकता रत्नावली के बारे में गहराई से जानने को लेकर दिखी। लोगों का कहना है कि यह किसी मिनी कुंभ से कम नहीं है।
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