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दोआबा में झूमकर बरसे बादल
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sun, 12 Jul 2015 01:42 AM IST
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मंझनपुर। शुक्रवार आधी रात से शुरू हुई बरसात शनिवार को पूरे दिन होती रही। झमाझम बारिश से खेत-खलिहान, सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बरसात ने जलनिकासी के इंतजामों की पोल खोल दी है।
बता दें कि जिले में इस बार रिकार्डतोड़ गर्मी पड़ी थी। 15 दिन पहले हुई बारिश से लोगों को इस गर्मी के एक दिन के लिए राहत जरूर मिली थी। पर, उसके बाद उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। आठ दिनों से आसमान में काले बादलों का डेरा लगता था, लेकिन हवाओं के कारण ये बादल बगैर बरसे ही चले जाते थे। शुक्रवार को भी सुबह से ही बादलों ने आसमान में डेरा जमा लिया था। एक-दो बार फुहार भी पड़ी, लेकिन आधी रात से शुरू हुई झमाझम बारिश शनिवार को सारा दिन होती रही। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं किसानों के भी चेहरे खिल गए हैं। दिनभर हुई बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
लोगों को जरूरी काम से भी बाहर निकलने में मुश्किलें हुई। लोग घर से बगैर छतरी लिए बाहर नहीं निकल सके। दिनभर बरसात के कारण खेत-खलिहान, सड़कें, गलियां जलमग्न हो गई हैं। बारिश का पानी नालियों में बहने के बजाय सड़क पर भर गया। इसके कारण लोगों को आने-जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। महिलाओं, बच्चों को तो सबसे ज्यादा परेशानी हुई। वहीं इस बारिश के बाद खेतों में धान की रोपाई के लायक पानी भर गया है। ऐसे में अब किसान धान की रोपाई का काम शुरू कर देंगे।
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बता दें कि जिले में इस बार रिकार्डतोड़ गर्मी पड़ी थी। 15 दिन पहले हुई बारिश से लोगों को इस गर्मी के एक दिन के लिए राहत जरूर मिली थी। पर, उसके बाद उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। आठ दिनों से आसमान में काले बादलों का डेरा लगता था, लेकिन हवाओं के कारण ये बादल बगैर बरसे ही चले जाते थे। शुक्रवार को भी सुबह से ही बादलों ने आसमान में डेरा जमा लिया था। एक-दो बार फुहार भी पड़ी, लेकिन आधी रात से शुरू हुई झमाझम बारिश शनिवार को सारा दिन होती रही। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं किसानों के भी चेहरे खिल गए हैं। दिनभर हुई बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
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लोगों को जरूरी काम से भी बाहर निकलने में मुश्किलें हुई। लोग घर से बगैर छतरी लिए बाहर नहीं निकल सके। दिनभर बरसात के कारण खेत-खलिहान, सड़कें, गलियां जलमग्न हो गई हैं। बारिश का पानी नालियों में बहने के बजाय सड़क पर भर गया। इसके कारण लोगों को आने-जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। महिलाओं, बच्चों को तो सबसे ज्यादा परेशानी हुई। वहीं इस बारिश के बाद खेतों में धान की रोपाई के लायक पानी भर गया है। ऐसे में अब किसान धान की रोपाई का काम शुरू कर देंगे।
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