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Kaushambi News: एंटी करप्शन अफसर बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग का अंतरप्रांतीय सरगना गिरफ्तार
Tue, 08 Oct 2024 05:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 08 Oct 2024 05:56 AM IST
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ठगी का आरोपी भानू सिंह।
साइबर कोतवाली पुलिस ने सोमवार को बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मंझनपुर नहर की पुलिया के पास से ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग के अंतरप्रांतीय सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ यूपी के अलावा दिल्ली व महाराष्ट्र प्रांत में जालसाजी के 26 मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन के साथ ही कूट रचित तीन आधार कार्ड भी बरामद करने का दावा किया है। लिखापढ़ी के बाद आरोपी का चालान न्यायालय किया गया।, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सीओ सिटी सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि संदीपनघाट कोतवाली के मूरतगंज कस्बा निवासी दिनेश केसरवानी के मोबाइल पर 22 जून को एक अजनबी ने फोन कर खुद को एंटी करप्शन अफसर बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज है। ऐसे में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।
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डरे-सहमे दिनेश ने बचाव का रास्ता पूछा तो जालसाज ने व्हाट्सएप पर एक बैंक खाता नंबर भेजकर चार हजार रुपये की मांग की। व्हाट्सएप डीपी पर वर्दीधारी पुलिस अफसर की फोटो देख दिनेश जालसाज के झांसे में फंस गया।
जालसाज के बताए बैंक खाते में दिनेश ने किश्तों में 1,07,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी रुपयों की डिमांड करने पर उसे ठगी का शिकार होने की आशंका हुई। इस पर उसने अपने साथियों से घटना का जिक्र किया।
साथियों की सलाह पर पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। एसपी बृजेश श्रीवास्तव के निर्देश व पीड़ित की तहरीर पर साइबर कोतवाली पुलिस ने 26 जून को अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सीओ सिटी ने बताया कि छानबीन में पता चला कि जिस अकाउंट में रुपये ट्रांसफर कराए गए हैं, उसमें से इंडिया पोस्ट पेमेंट के बैंक खाते में 35 हजार 822 रुपये भेजे गए हैं। इस पर साइबर टीम ने बैंक अधिकारियों से समन्वय कर उस खाते को फ्रीज करा दिया।
सर्विलांस की मदद से पता चला कि कानपुर देहात के रनिया थाना के धौकलपुर केशरवल गांव निवासी भानू सिंह ने घटना को अंजाम दिया है। गिरफ्तारी के प्रयास में लगी पुलिस को पता चला कि आरोपी किसी अधिवक्ता से मिलने जिला कचहरी आ रहा है।
इस पर सक्रिय हुई पुलिस टीम ने कचहरी के पीछे नहर पुलिया से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली लाकर पूछताछ करने पर आरोपी ने जुर्म कुबूल कर लिया।
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पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन के साथ ही कूट रचित तीन आधार कार्ड भी बरामद करने का दावा किया है। लिखापढ़ी के बाद आरोपी का चालान न्यायालय किया गया।, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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सीओ सिटी सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि संदीपनघाट कोतवाली के मूरतगंज कस्बा निवासी दिनेश केसरवानी के मोबाइल पर 22 जून को एक अजनबी ने फोन कर खुद को एंटी करप्शन अफसर बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज है। ऐसे में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।
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डरे-सहमे दिनेश ने बचाव का रास्ता पूछा तो जालसाज ने व्हाट्सएप पर एक बैंक खाता नंबर भेजकर चार हजार रुपये की मांग की। व्हाट्सएप डीपी पर वर्दीधारी पुलिस अफसर की फोटो देख दिनेश जालसाज के झांसे में फंस गया।
जालसाज के बताए बैंक खाते में दिनेश ने किश्तों में 1,07,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी रुपयों की डिमांड करने पर उसे ठगी का शिकार होने की आशंका हुई। इस पर उसने अपने साथियों से घटना का जिक्र किया।
साथियों की सलाह पर पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। एसपी बृजेश श्रीवास्तव के निर्देश व पीड़ित की तहरीर पर साइबर कोतवाली पुलिस ने 26 जून को अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सीओ सिटी ने बताया कि छानबीन में पता चला कि जिस अकाउंट में रुपये ट्रांसफर कराए गए हैं, उसमें से इंडिया पोस्ट पेमेंट के बैंक खाते में 35 हजार 822 रुपये भेजे गए हैं। इस पर साइबर टीम ने बैंक अधिकारियों से समन्वय कर उस खाते को फ्रीज करा दिया।
सर्विलांस की मदद से पता चला कि कानपुर देहात के रनिया थाना के धौकलपुर केशरवल गांव निवासी भानू सिंह ने घटना को अंजाम दिया है। गिरफ्तारी के प्रयास में लगी पुलिस को पता चला कि आरोपी किसी अधिवक्ता से मिलने जिला कचहरी आ रहा है।
इस पर सक्रिय हुई पुलिस टीम ने कचहरी के पीछे नहर पुलिया से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली लाकर पूछताछ करने पर आरोपी ने जुर्म कुबूल कर लिया।