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दोआबा में संक्रमण ने पकड़ी रफ्तार, तीन मिले पॉजिटिव
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Infection picks up pace in Doaba, three found positive
- फोटो : KAUSHAMBI
दोआबा में कोरोना संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है। हफ्ते भर के भीतर दूसरी बार पॉजिटिव केस मिले हैं। सोमवार को एक साथ तीन संक्रमित मिलने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने के साथ ही संपर्क में आए लोगों की तलाश में जुट गईं हैं।
कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ता जा रहा है। हालांकि, जिले में अभी तक ऐसा कोई केस नहीं मिला है। इसके पीछे स्थानीय स्तर पर जांच की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होना भी बड़ी वजह हो सकती है। हफ्तेभर पहले मुंबई के धारावी इलाके से आए कोरोना संक्रमित की अभी ओमिक्रॉन जांच भी नहीं हो पाई थी कि सोमवार को एक साथ जिले के तीन लोग पॉजिटिव मिल गए। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि सिराथू ब्लॉक क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से दो तथा सरसवां क्षेत्र की एक महिला संक्रमित मिली है।
बताया कि इनमें से दो की जांच मेडिकल कॉलेज प्रयागराज व एक की वहीं के प्राइवेट लैब में हुई थी। मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट में आए दोनों संक्रमित फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं। जबकि प्राइवेट लैब की जांच में पॉजिटिव महिला का फोन बंद होने के कारण पता नहीं चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री खंगाल रहीं हैं।
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पहले दिन सिर्फ 251 किशोरों को लगा टीका
मंझनपुर। किशोरों का टीकाकरण अभियान पहले दिन सोमवार को ही धड़ाम हो गया। अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुए अभियान में पहले दिन 23 स्थानों पर शिविर आयोजित करने के बावजूद 251 किशोरों को ही टीका लग सका। इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग द्वारा माइक्रोप्लान तैयार होने में देरी को जिम्मेदार माना जा रहा है।
कोरोना की तीसरी लहर से पहले सरकार ने 15 से 18 वर्ष तक के किशोरों के टीकाकरण की व्यववस्था की है। जिले में 1.12 लाख किशोरों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए शनिवार से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाना था। लेकिन जिले में यह व्यवस्था धड़ाम रही। ऑपरेटर की लापरवाही के कारण यह सुविधा रविवार की शाम चालू हो सकी है। इस कारण एक भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। इसी तरह से पहले दिन का देर शाम माइक्रोप्लान तैयार हुआ। इस वजह से लोगों को समय से सटीक जानकारी नहीं मिल सकी। नतीजतन सोमवार को पहले दिन आयोजित टीकाकरण अभियान में ज्यादातर केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि शाम पांच बजे तक सभी 23 केंद्रों पर 251 किशोरों को वैक्सीन की पहली डोज लगी।
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कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ता जा रहा है। हालांकि, जिले में अभी तक ऐसा कोई केस नहीं मिला है। इसके पीछे स्थानीय स्तर पर जांच की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होना भी बड़ी वजह हो सकती है। हफ्तेभर पहले मुंबई के धारावी इलाके से आए कोरोना संक्रमित की अभी ओमिक्रॉन जांच भी नहीं हो पाई थी कि सोमवार को एक साथ जिले के तीन लोग पॉजिटिव मिल गए। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि सिराथू ब्लॉक क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से दो तथा सरसवां क्षेत्र की एक महिला संक्रमित मिली है।
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बताया कि इनमें से दो की जांच मेडिकल कॉलेज प्रयागराज व एक की वहीं के प्राइवेट लैब में हुई थी। मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट में आए दोनों संक्रमित फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं। जबकि प्राइवेट लैब की जांच में पॉजिटिव महिला का फोन बंद होने के कारण पता नहीं चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री खंगाल रहीं हैं।
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पहले दिन सिर्फ 251 किशोरों को लगा टीका
मंझनपुर। किशोरों का टीकाकरण अभियान पहले दिन सोमवार को ही धड़ाम हो गया। अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुए अभियान में पहले दिन 23 स्थानों पर शिविर आयोजित करने के बावजूद 251 किशोरों को ही टीका लग सका। इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग द्वारा माइक्रोप्लान तैयार होने में देरी को जिम्मेदार माना जा रहा है।
कोरोना की तीसरी लहर से पहले सरकार ने 15 से 18 वर्ष तक के किशोरों के टीकाकरण की व्यववस्था की है। जिले में 1.12 लाख किशोरों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए शनिवार से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाना था। लेकिन जिले में यह व्यवस्था धड़ाम रही। ऑपरेटर की लापरवाही के कारण यह सुविधा रविवार की शाम चालू हो सकी है। इस कारण एक भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। इसी तरह से पहले दिन का देर शाम माइक्रोप्लान तैयार हुआ। इस वजह से लोगों को समय से सटीक जानकारी नहीं मिल सकी। नतीजतन सोमवार को पहले दिन आयोजित टीकाकरण अभियान में ज्यादातर केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि शाम पांच बजे तक सभी 23 केंद्रों पर 251 किशोरों को वैक्सीन की पहली डोज लगी।