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Kaushambi : कोर्रों में लाचार मिला दुर्लभ प्रजाति का हिमालयन गिद्ध, वन कर्मियों ने नर्सरी में किया संरक्षित

Mon, 16 Jan 2023 01:02 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 16 Jan 2023 01:02 AM IST
सार

जिला मुख्यलय मंझनपुर से महज दो किमी. की दूरी पर बसे कोर्रों गांव (वत्सनगर) में  रविवार की दोपहर लोग खेतो में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक विशाल काय पक्षी आसमान से उड़ते हुए जमीन पर आकर गिर पड़ा।

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Himalayan vulture of rare species found helpless in Kaushambi
कौशांबी में मिला दुर्लभ प्रजाति का हिमालयन गिद्ध। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पहाड़ों से आसमान की ऊंचाई नापने वाला पक्षीराज गिद्ध रविवार को कोर्रों गांव में जमीन पर लाचार पड़ा मिला। ग्रामीणों ने पहले तो गिद्ध के साथ खूब तस्वीरें ली और फिर बाद में वन कर्मियों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने गिद्ध को गांव स्थित विभागीय नर्सरी में संरक्षित कर दिया। चिकित्सकों से पक्षीराज का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। डीएफओ ने नर्सरी के कर्मचारियों को गिद्घ के खाने पीने का विशेष इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए हैं। 

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जिला मुख्यलय मंझनपुर से महज दो किमी. की दूरी पर बसे कोर्रों गांव (वत्सनगर) में  रविवार की दोपहर लोग खेतो में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक विशाल काय पक्षी आसमान से उड़ते हुए जमीन पर आकर गिर पड़ा। अनोखा पक्षी समझ ग्रामीणों का उसके पास मजमा लग गया। गांव के बड़े-बुजुर्गो ने पक्षी की पहचान गिद्ध के रूप में साझा की। इसके बाद बड़े पंखों वाले गिद्ध के साथ ग्रामीणों में फोटो लेने की होड़ मच गई।

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लोगो के मुताबिक गिद्ध के दोनों पंख (विंग स्पॉन) तकरीबन पांच फिट लम्बे हैं। उसकी आंखे काली, गर्दन लम्बी और चोंच नुकीली एवं पंजे मजबूत हैं। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर गिद्ध को अपने कब्जे में लिया। उसे गांव के बाहर बनी विभागीय नर्सरी में संरक्षित कर एक कर्मचारी को उसकी सुरक्षा एवं खान-पान की जिम्मेदारी सौंपी गई। फिलहाल गिद्ध काफी थका एवं ठंड से व्याकुल दिखाई पड़ रहा है। उसे धूप सेंकने के लिए एक व्यक्ति की सुरक्षा में रखा गया है। ताकि, कोई अन्य हिंसक जानवर उसे नुकसान न पंहुचा सके। गिद्ध ने अब तक थोड़ा पानी पिया है। खाने के लिए दी गई रोटी को उसने छुआ तक नहीं। इस पर उसके लिए मांस का प्रबंध किया गया। 

क्षेत्रीय वन अधिकारी दारा सिंह ने बताया कि कोर्रो गांव में मिला गिद्ध हिमालयन गिद्ध सरीखे प्रतीत हो रहा है। उसकी तस्वीर लेकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। जानकारी की जा रही है कि गिद्ध किस हालत में यहां तक पहुंचा। चिकित्सकों से गिद्घ का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है।  

दो दिन पहले भी मिला था सामान्य गिद्घ
सदर ब्लॉक के पारा हसनपुर गांव में भी दो दिन पहले एक गिद्घ मिला था। हालांकि, वह गिद्घ सामान्य प्रजाति का था। सूचना के बाद पहुंचे वन कर्मियों ने उसे अपने कब्जे ले लिया था। डीएफओ ने बताया कि स्वस्थ होने पर अगले दिन गिद्घ को आसमान पर विचरण करने के लिए छोड़ दिया गया था। 

कोर्रों में एक हिमालयन गिद्घ मिला है। पांच फिट से ज्यादा विंग स्पॉन होने के कारण ये गिद्घ कभी-कभी उड़ान के दौरान थकावट महसूस होने पर जमीन पर आ जाते हैं। फिलहाल वन विभाग की नर्सरी में चिकित्सकों की देखरेख में गिद्घ को संरक्षित किया गया है। स्वास्थ्य सामान्य होने पर उसे उड़ा दिया जाएगा। -आरसी यादव-प्रभागीय वनाधिकारी

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