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Kaushambi News: बारिश में डेंगू की दस्तक से पहले तैयारियों में जुटा स्वास्थ्य विभाग
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बारिश के साथ ही जिले में डेंगू के संभावित खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अगस्त से अक्तूबर तक डेंगू का प्रकोप सबसे ज्यादा रहता है। इसके लिए पहले ही विभाग ने कमर कस ली है। अस्पतालों में विशेष वार्ड बनाए गए हैं। अभियान चलाकर गांवों में एंटी लार्वा और फॉगिंग कराई जा रही है।
पिछले तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि जिले में संक्रमण हर साल अलग-अलग स्तर पर रहा है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक डेंगू वार्ड तैयार हैं, एलाइजा जांच की व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में जिले में 118 डेंगू मरीज मिले थे। 2024 में यह संख्या घटकर 32 पर पहुंची, लेकिन 2025 में फिर 84 मरीज डेंगू की चपेट में आए थे।
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इनसेट
केस-1
डेंगू ने छीनी पुलिसकर्मी की सासेंं
वर्ष 2024 में साइबर थाने के हेड कांस्टेबल शिवशंकर की डेंगू से मौत हो गई थी। इलाज के दौरान प्रयागराज के निजी अस्पताल में उनकी मौत हुई थी। घटना के बाद पुलिस महकमे के साथ स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया था।
केस-2
भरवारी की खुशी की भी नहीं बच सकी जान
वर्ष 2023 में भरवारी कस्बे की 14 वर्षीय छात्रा खुशी डेंगू की चपेट में आ गई थी। प्लेटलेट्स लगातार गिरने से उसकी हालत बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
-- -
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
- जिला अस्पताल व सीएचसी में डेंगू वार्ड आरक्षित।
- एलाइजा जांच और जांच किट की पर्याप्त व्यवस्था।
- आशा और एएनएम को घर-घर सर्वे के निर्देश।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव।
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इनसेट-
डेंगू से ऐसे करें बचाव
- कूलर, गमले, टायर, छत और आसपास पानी जमा न होने दें।
- पानी की टंकी और ड्रम हमेशा ढककर रखें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- तेज बुखार, बदन दर्द या चकत्ते होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं न लें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें।
-- -
वर्जनडेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। अपने घरों और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। तेज बुखार होने पर अस्पताल में जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। सभी अस्पतालों में उपचार, जांच और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जनसहयोग से ही डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। - डॉ. संजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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पिछले तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि जिले में संक्रमण हर साल अलग-अलग स्तर पर रहा है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक डेंगू वार्ड तैयार हैं, एलाइजा जांच की व्यवस्था की गई है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में जिले में 118 डेंगू मरीज मिले थे। 2024 में यह संख्या घटकर 32 पर पहुंची, लेकिन 2025 में फिर 84 मरीज डेंगू की चपेट में आए थे।
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इनसेट
केस-1
डेंगू ने छीनी पुलिसकर्मी की सासेंं
वर्ष 2024 में साइबर थाने के हेड कांस्टेबल शिवशंकर की डेंगू से मौत हो गई थी। इलाज के दौरान प्रयागराज के निजी अस्पताल में उनकी मौत हुई थी। घटना के बाद पुलिस महकमे के साथ स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया था।
केस-2
भरवारी की खुशी की भी नहीं बच सकी जान
वर्ष 2023 में भरवारी कस्बे की 14 वर्षीय छात्रा खुशी डेंगू की चपेट में आ गई थी। प्लेटलेट्स लगातार गिरने से उसकी हालत बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
- जिला अस्पताल व सीएचसी में डेंगू वार्ड आरक्षित।
- एलाइजा जांच और जांच किट की पर्याप्त व्यवस्था।
- आशा और एएनएम को घर-घर सर्वे के निर्देश।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव।
इनसेट-
डेंगू से ऐसे करें बचाव
- कूलर, गमले, टायर, छत और आसपास पानी जमा न होने दें।
- पानी की टंकी और ड्रम हमेशा ढककर रखें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- तेज बुखार, बदन दर्द या चकत्ते होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं न लें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें।
वर्जनडेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। अपने घरों और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। तेज बुखार होने पर अस्पताल में जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। सभी अस्पतालों में उपचार, जांच और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जनसहयोग से ही डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। - डॉ. संजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी