{"_id":"61bb3850d01be33d0e2950df","slug":"harm-of-land-by-the-use-of-chemical-fertiliser-kaushambi-news-ald322771899","type":"story","status":"publish","title_hn":"कौशाम्बी : खेती में रसायन उर्वरकों के प्रयोग से भूमि का हो रहा क्षरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कौशाम्बी : खेती में रसायन उर्वरकों के प्रयोग से भूमि का हो रहा क्षरण
Thu, 16 Dec 2021 07:05 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 07:05 PM IST
सार
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने माटी की उर्वरा शक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संतुलित उर्वरक प्रयोग कर मृदा की उर्वरा शक्ति को बढ़ाया जा सकता है।
विज्ञापन
किसानों को संबोधित करते पीएम मोदी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कृषि विज्ञान केंद्र परिसर महगांव में बृहस्पतिवार को ‘‘आनंद गुजरात में आयोजित कॉन्फ्रेंस ऑन नेचुरल फार्मिंग’’ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को सुनाया गया। मोदी ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीज से बाजार तक की आय बढ़ाने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। हरित क्रांति में रसायन उर्वरकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन इसके कारण भूमि क्षरण बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने माटी की उर्वरा शक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संतुलित उर्वरक प्रयोग कर मृदा की उर्वरा शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। प्राकृतिक खेती में देशी गाय के गोबर, गोमूत्र से जीवामृत, घन जीवामृत को बनाकर फसलों पर छिड़काव करके रसायन मुक्त एवं पोषकतत्व से परिपूर्ण खेती करके धरती माता को स्वस्थ रख सकते हैं। इस दौरान उमरछा प्रधान रमाकांत त्रिपाठी ने खेती में कम से कम उर्वरक का प्रयोग करने की बात कही।
विज्ञापन
इस दौरान केंद्र के पशु वैज्ञानिक डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्राकृतिक खेती से अनाज को उगाते हुए पोषकतत्वों से भरपूर अनाज प्राप्त कर सकते हैं। गृह वैज्ञानिक डॉ. मीनाक्षी सक्सेना ने बताया कि प्राकृतिक खेती के द्वारा माताएं- बहनें अपने घर पर गृह वाटिका के जरिए परिवारजनों को स्वस्थ रख सकती हैं। इस दौरान डॉ. नवीन कुमार शर्मा, डॉ. अमित कुमार केशरी, दीपचंद्र दिवाकर, प्रबंधक सुनील कुमार, अजय सिंह, विनय धर शुक्ला, शेषनाथ यादव आदि ने अपने विचार रखे।
विज्ञापन