फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Hard work went in vain, costs washed away in the rain

Kaushambi News: मेहनत पर फिरा पानी, बारिश में बह गई लागत

Sun, 28 Sep 2025 06:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Sun, 28 Sep 2025 06:45 AM IST
विज्ञापन
Hard work went in vain, costs washed away in the rain
आंधी और पानी के चलते जवई पडरी गांव में गिरी धान की फसल। संवाद
तेज बरसात ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। चायल, मंझनुपर और सिराथू ब्लॉक क्षेत्र में धान की फसल प्रभावित हुई है। अपनी मेहनत के सहारे धान तैयार किया था, अब उनकी मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है। खेतों में गिरे धान से करीब 10 फीसदी तक उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
विज्ञापन

किसान नेता नूरूल इस्लाम ने बताया कि समय से खाद और पानी नहीं मिला लेकिन किसानों ने हाड़तोड़ मेहनत कर फसल तैयार की थी। अब शुक्रवार की रात अचानक हुई बारिश ने फसल को गिरा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को नुकसान का आकलन कर मुआवजा देना चाहिए।
विज्ञापन

कृषि वैज्ञानिक मनोज सिंह का कहना है कि अगर खेतों से पानी की निकासी नहीं हो सकी तो समस्या और बढ़ सकती है। समय रहते पानी निकल गया तो नुकसान कम हो जाएगा। बता दें कि तीन दिन पहले चायल के नेवादा क्षेत्र में बरसात से किसानों की धान की फसल गिर गई थी। कृषि विभाग इसका सर्वे करा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चरवा गांव के किसान प्रवीण कुमार ने बताया कि बारिश के कारण पूरी फसल गिर गई है। फसल पर खर्च किए गए पैसे अब डूबते नजर आ रहे हैं। इसी तरह नीतेश कुमार और गिरजा शंकर तिवारी आदि किसानों ने कहा कि लागत पूरी तरह से पानी में बह गई। अब परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। मौसम की मार से लगातार किसान घाटा झेल रहे हैं। सरकार से उचित मुआवजे की मांग की जा रही है।
मुआवजे की मांग के लिए पहुंचे कृषि विभाग
मंझनपुर ब्लॉक के शुक्लन का पुरा गांव के किसान रमेशचंद्र मिश्र शुक्रवार की दोपहर कृषि अधिकारी कार्यालय पहुंचे। बताया कि उन्होंने करीब सवा सात बीघा में धान की फसल तैयार की थी। पूरी फसल गिरकर नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई है। कृषि अधिकारी ने उनको शिकायत की सलाह दी है।
बिना शिकायत नहीं मिलेगा अनुदान
कृषि विभाग जिन किसानों की फसलों का नुकसान होता है। उनको मुआवजा देता है। इस साल किसानों की धान की फसल गिरी है। ऐसे में मुआवजे के लिए किसानों को विभाग के टोलफ्री नंबर 14447 पर नुकसान के 72 घंटे के अंदर शिकायत दर्ज करानी होगी। योजना का लाभ केवन उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने फसल बीमा कराया है।


तीन दिन पहले की बारिश से भी हुआ था नुकसान
तीन दिन पहले हुई बरसात में भी धान की फसल को नुकसान हुआ था। इस पर जिला कृषि अधिकारी सुरुचि विश्वकर्मा ने बताया कि पूर्व में हुई बारिश से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित किसानों की मदद के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

आंधी और पानी के चलते जवई पडरी गांव में गिरी धान की फसल। संवाद

आंधी और पानी के चलते जवई पडरी गांव में गिरी धान की फसल। संवाद

आंधी और पानी के चलते जवई पडरी गांव में गिरी धान की फसल। संवाद

आंधी और पानी के चलते जवई पडरी गांव में गिरी धान की फसल। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed