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गंगा किनारे गांवों की बदलेगी सूरत
Sun, 06 Jan 2019 01:02 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 06 Jan 2019 01:02 AM IST
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कड़ा धाम
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ग्रामीणों के व्यवहार में परिवर्तन और पंचायत राज विभाग की योजना को हरी झंडी मिली तो गंगा की तराई में बसे जिले के 33 गांव गंदगी मुक्त हो जाएंगे। इसके लिए विभाग ने गांवों में शोक पिट, बायोगैस, नाली निर्माण, शोक पिट, केचुआ और गोबर खाद गड्ढोें का निर्माण कराने की योजना बनाई है। डीएम ने साढ़े दस करोड़ की लागत वाली इन परियोजनाओं के प्रस्ताव कको स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया है। सरकार स्वच्छता को लेकर जिस तरह से तेजी दिखा रही है उससे माना जा रहा है कि इसी सत्र में परियोजनाओं को हरी झंडी मिल जाएगी।
गंगा एक्शन प्लॉन के तहत जिले के कड़ा, मूरतगंज, सिराथू और चायल ब्लॉक के 33 गांव तराई में बसे हैं। स्वच्छता मिशन के तहत बेस लाइन सर्वे के आधार पर इन गांवों पंचायत राज विभाग द्वारा 24,993 शौचालयों का निर्माण कराके पहले ही चरण में ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। अब दूसरो दौर में इन गांवों को ओडीएफ प्लस करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए गांवों को गंदगी मुक्त करने की कवायद प्रारंभ कर दी गई है। योजना के मुताबिक गांव को पूरी तरह से लकदक कर दिया जाएगा। इसके लिए चिह्नित गांवों में (वर्मी कंपोस्ट) केचुआ खाद तैयार कराई जाएगी। जबकि गोबर और बाहरी कचरे को नष्ट कर खाद तैयार करने के लिए खाद गड्डे बनवाए जाएंगे। इसके अलावा जलनिकासी के लिए नाली निर्माण कराई जाएगी। साथ ही भूगर्भ जल स्तर को दुरुस्त करने के लिए शोक पिट बनवाए जाएंगे। बस्ती को कीचड़ मुक्त करने के लिए हैंडपंप चबूतरा (प्लेटफार्म) का निर्माण कराया जाएगा। इन सभी कार्यों पर करीब साढ़े दस करोड़ रुपये के खर्च का आकलन है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने पंचायत राज विभाग की ओर से तैयार डीपीआर शासन को भेज दिया है।
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गंगा एक्शन प्लॉन के तहत जिले के कड़ा, मूरतगंज, सिराथू और चायल ब्लॉक के 33 गांव तराई में बसे हैं। स्वच्छता मिशन के तहत बेस लाइन सर्वे के आधार पर इन गांवों पंचायत राज विभाग द्वारा 24,993 शौचालयों का निर्माण कराके पहले ही चरण में ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। अब दूसरो दौर में इन गांवों को ओडीएफ प्लस करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए गांवों को गंदगी मुक्त करने की कवायद प्रारंभ कर दी गई है। योजना के मुताबिक गांव को पूरी तरह से लकदक कर दिया जाएगा। इसके लिए चिह्नित गांवों में (वर्मी कंपोस्ट) केचुआ खाद तैयार कराई जाएगी। जबकि गोबर और बाहरी कचरे को नष्ट कर खाद तैयार करने के लिए खाद गड्डे बनवाए जाएंगे। इसके अलावा जलनिकासी के लिए नाली निर्माण कराई जाएगी। साथ ही भूगर्भ जल स्तर को दुरुस्त करने के लिए शोक पिट बनवाए जाएंगे। बस्ती को कीचड़ मुक्त करने के लिए हैंडपंप चबूतरा (प्लेटफार्म) का निर्माण कराया जाएगा। इन सभी कार्यों पर करीब साढ़े दस करोड़ रुपये के खर्च का आकलन है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने पंचायत राज विभाग की ओर से तैयार डीपीआर शासन को भेज दिया है।
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