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Kaushambi News: जालसाज पिता-पुत्र का कई जनपदों नें फैला था जाल,

Sat, 31 Dec 2022 08:00 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 31 Dec 2022 08:00 AM IST
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Fraudulent father-son trap was spread in many districts
सीओ से शिकायत करते जालसाज पिता पुत्र की ठगी के शिकार लोग। - फोटो : KAUSHAMBI
मंझनपुर। स्कूल में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को ठगने वाले सेवानिवृत्त सूबेदार राजभवन मिश्रा के मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। जालसाजी के एक मुकदमे में बृहस्पतिवार को राजभवन व उसके इंजीनियर बेटे अजय के जेल जाने की खबर के बाद शिकायत करने वालों की संख्या बढ़ने लगी है। शुक्रवार को सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण के पास पहुंचे झांसी के दो युवकों ने ठगे जाने की शिकायत की।
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झांसी जिले के मऊ रानीगंज से आए मनोज कुमार ने बताया कि उसके ससुर एक इंटर कॉलेज में अध्यापक हैं। वहां पर प्रयागराज के नैनी निवासी शिवराज का आना-जाना होता था। शिवराज झांसी से हाईस्कूल व इंटर के छात्रों का प्रवेश कौशाम्बी के कॉलेजों में दिलाता था। बच्चों को पास कराने का ठेका लिया जाता था। बीएड पास मनोज नौकरी की तलाश में भटक रहा था। इसी बीच वर्ष 2016 में उनकी मुलाकात शिवराज से हुई।
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शिवराज ने बताया कि कौशाम्बी के इचौली में रामकुमार उच्च प्राथमिक विद्यालय है। उसका प्रबंधक राजभवन मिश्रा (सेवानिवृत्त सूबेदार) है। बताया कि स्कूल की सवित्त मान्यता है। वह उसकी नौकरी लगवा सकता है। इसके बाद शिवराज के झांसे में फंसकर मनोज ने करीब नौ लाख रुपये राजभवन को दिए। साल भर तक स्कूल में पढ़ाया, लेकिन पगार नहीं दी गई। पूछने पर राजभवन ने बताया कि सवित्त का मामला कोर्ट में है। इसी तरह झांसी के ही नगरा घोसरा निवासी दीपक से तकरीबन आठ लाख की ठगी की गई। दीपक को भी स्कूल में कुछ दिन पर शिक्षण कार्य के लिए रखा गया था।
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बताते चलें कि करारी पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोपी राजभवन व उसके इंजीनियर बेटे अजय मिश्रा को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। राजभवन के खिलाफ करारी निवासी रामचंद्र ने नौकरी के नाम पर 9.60 लाख की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कराया था। इसके अलावा प्रयागराज के राजरूपपुर निवासी प्रभाकर सिंह से वर्ष 2014 में पांच लाख व परमानंद द्विवेदी से 9.50 लाख रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर राजभवन व उसके बेटे अजय मिश्रा ने धोखाधड़ी की थी।

मूलत: सरायअकिल कोतवाली के अवमां निवासी राजभवन अपने परिवार के साथ प्रयागराज के राजरूपपुर में घर बनाकर रहता था। सीओ सिटी का कहना है अन्य लोग भी धोखाध़ड़ी का शिकार हुए हैं। सभी से शिकायती पत्र लेकर विवेचना में शामिल किया जाएगा। शिवराज का भी नाम भी प्रकाश में आया है। विवेचना में उसका नाम भी शामिल किया जाएगा। सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
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