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गजब : मौत से चार साल पहले ही महिला को घोषित कर दिया मृतक, डेथ सर्टिफिकेट लेने पहुंचे परिजन तो हुआ खुलासा
Sun, 28 Aug 2022 07:22 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 28 Aug 2022 07:22 PM IST
सार
कोल्हुआ गांव निवासी राजकुमार सिंह के मुताबिक उनकी दादी राजरानी देवी वर्ष 2001 से बीमार रहती थी। इलाज के दौरान 26 जुलाई 2004 को उनकी मौत हो गई। उनका इलाज प्रयागराज स्थित सरदार पटेल संस्थान में कराया जा रहा था।
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death certificate
- फोटो : istock
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विस्तार
सदर तहसील के कोल्हुआ गांव की एक महिला के जिंदा होते हुए उसे परिवार रजिस्टर में विभाग ने मृतक घोषित कर दिया। परिवार के लोग जब मृत्यु प्रमाण पत्र लेने पहुंचे तो उन्हें मामले की जानकारी हुई। शिकायत के बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र की तारीख में संशोधन नहीं हो पा रहा है।
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कोल्हुआ गांव निवासी राजकुमार सिंह के मुताबिक उनकी दादी राजरानी देवी वर्ष 2001 से बीमार रहती थी। इलाज के दौरान 26 जुलाई 2004 को उनकी मौत हो गई। उनका इलाज प्रयागराज स्थित सरदार पटेल संस्थान में कराया जा रहा था। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आनंद मिश्रा उनकी मां का इलाज कर रहे थे। राजकुमार ने बताया कि दादी की मौत के बाद उन्होंने तेरहवीं की और फिर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। इस दौरान पता चला कि वर्ष 2000 में ही राजरानी को परिवार रजिस्टर में मृतक दिखाया गया है। लिहाजा, उसी तारीख का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
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इसे लेकर परिवार वाले खासे परेशान हैं। राजकुमार सिंह ने इस बाबत आईजीआरएस में शिकायत की। जिसका जवाब मिला कि परिवार रजिस्टर के हिसाब से प्रमाण पत्र बना है। अब वह लोग इस मामले में कुछ नहीं कर सकते हैं। राजकुमार का कहना है कि पंचायत सचिव को उन्होंने अपनी दादी के अस्पताल में इलाज कराने का पर्चा दिखाया।
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तेरहवीं भोज का कार्ड दिया, लेकिन उनका कहना है कि एक साल से पुराना मृत्यु प्रमाण पत्र उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। मृत्यु प्रमाण पत्र सही जारी नहीं होने के कारण परिवार वालों को वरासत समेत तमाम तरह की दिक्कतें आ रही हैं। डीपीआरओ डॉ. बाल गोविंद श्रीवास्तव का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा कुछ है तो जानकारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।