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पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने छोड़ी बसपा
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Former District Panchayat President Rajesh Kushwaha left BSP
- फोटो : KAUSHAMBI
लगभग दो दशक तकबसपा का गढ़ रहे कौशाम्बी में पार्टी को करारा झटका लगा है। बसपा नेता व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने शुक्रवार को अपने तमाम समर्थकों के साथ बसपा से इस्तीफा दे दिया। राजेश कुशवाहा ने मंझनपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान बसपा सुप्रीमो पर पैसा लेकर टिकट बांटने का आरोप लगाया। राजेश ने कहा कि उन्होंने भी पैसा दिया था, लेकिन न टिकट मिला और न ही पैसा वापस किया गया।
बसपा का कौशाम्बी जिले में दबदबा रहा है। बसपा के कार्यकाल में ही जिले का गठन हुआ था। मंझनपुर विधानसभा से लगातार चार बार विधायक चुने गए इंद्रजीत सरोज का बसपा में काफी बड़ा कद था।
लेकिन, बदले राजनीतिकसमीकरण में इंद्रजीत सरोज हाथी से उतर कर साइकिल पर सवार हो गए। अब इंद्रजीत के करीबी रहे बसपा नेता व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने भी पार्टी छोड़ दी है। शुक्रवार को पत्रकार वार्ता के दौरान राजेश कुशवाहा ने आरोप लगाया कि बसपा में पैसा लेकर टिकट दिया जाता है। विधानसभा चुनाव के पहले पंचायत चुनाव सेमीफाइनल की तरह था।
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इसमें भी टिकट के नाम पर पार्टी फंड में रुपये जमा कराए गए। 2017 के चुनाव में उनसे भी पार्टी फंड में पैसा जमा कराया गया था। इसके बाद भी टिकट काट दिया गया। बाद में पैसा भी वापस नहीं किया गया। यहां संगठन को तरजीह नहीं दी जा रही है। जिसका नतीजा है कि एक साल में कई बार पार्टी ने जिलाध्यक्ष बदले। यही कारण है कि जनता ने बसपा को पंचायत चुनाव में बाहर का रास्ता दिखा दिया।
भाजपा में जाऊंगा नहीं विकल्प की तलाश : राजेश कुशवाहा
बसपा से इस्तीफा देने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने कहा कि वह भाजपा के साथ नहीं जाएंगे। पूर्व मंत्री इंद्रजीत से करीबी होने के कारण सपा में जाने के सवाल पर बोले कि यह वक्त बताएगा।
फिलहाल वह बेहतर विकल्प की तलाश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि राजेश सपा में शामिल होकर पहले जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके बाद वह सपा से सिराथू विधानसभा के टिकट के लिए दावेदारी करेंगे। बताते चलें कि सिराथू विधानसभा प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का गृह नगर है। सिराथू से डिप्टी सीएम या किसी पारिवारिक सदस्य के चुनाव मैदान में आने की चर्चाएं हैं।
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बसपा का कौशाम्बी जिले में दबदबा रहा है। बसपा के कार्यकाल में ही जिले का गठन हुआ था। मंझनपुर विधानसभा से लगातार चार बार विधायक चुने गए इंद्रजीत सरोज का बसपा में काफी बड़ा कद था।
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लेकिन, बदले राजनीतिकसमीकरण में इंद्रजीत सरोज हाथी से उतर कर साइकिल पर सवार हो गए। अब इंद्रजीत के करीबी रहे बसपा नेता व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने भी पार्टी छोड़ दी है। शुक्रवार को पत्रकार वार्ता के दौरान राजेश कुशवाहा ने आरोप लगाया कि बसपा में पैसा लेकर टिकट दिया जाता है। विधानसभा चुनाव के पहले पंचायत चुनाव सेमीफाइनल की तरह था।
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इसमें भी टिकट के नाम पर पार्टी फंड में रुपये जमा कराए गए। 2017 के चुनाव में उनसे भी पार्टी फंड में पैसा जमा कराया गया था। इसके बाद भी टिकट काट दिया गया। बाद में पैसा भी वापस नहीं किया गया। यहां संगठन को तरजीह नहीं दी जा रही है। जिसका नतीजा है कि एक साल में कई बार पार्टी ने जिलाध्यक्ष बदले। यही कारण है कि जनता ने बसपा को पंचायत चुनाव में बाहर का रास्ता दिखा दिया।
भाजपा में जाऊंगा नहीं विकल्प की तलाश : राजेश कुशवाहा
बसपा से इस्तीफा देने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने कहा कि वह भाजपा के साथ नहीं जाएंगे। पूर्व मंत्री इंद्रजीत से करीबी होने के कारण सपा में जाने के सवाल पर बोले कि यह वक्त बताएगा।
फिलहाल वह बेहतर विकल्प की तलाश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि राजेश सपा में शामिल होकर पहले जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके बाद वह सपा से सिराथू विधानसभा के टिकट के लिए दावेदारी करेंगे। बताते चलें कि सिराथू विधानसभा प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का गृह नगर है। सिराथू से डिप्टी सीएम या किसी पारिवारिक सदस्य के चुनाव मैदान में आने की चर्चाएं हैं।