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किसानों पर भी टूट रहा है कोहरे का कहर
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Fri, 16 Jan 2015 12:26 AM IST
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करारी। मौसम की बेरूखी एक बार फिर किसानों पर कहर बनकर टूटने लगी है। कोहरे के कारण आलू की फसलों में झुलसा रोग लगने लगा है। इससे पछेती आलू की फसल बर्बाद हो सकती है। ऐसा हुआ तो किसानों को लाखों की चपत लगनी पक्की है। आलू की फसल झुलसते देख किसानों के होश उड़े हुए हैं।
बता दें कि कौशाम्बी में नगदी फसल के तौर पर बड़े पैमाने पर आलू की खेती की जाती है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 66 हजार हेक्टेयर में आलू की फसल होती है। इसमें भी करीब 30 हजार हेक्टेयर पछेती आलू होती है। इधर, इस साल कड़ाके की ठंड से जहां आलू की अच्छी फसल की उम्मीद किसानों को दी। वहीं 15 दिनों से लगातर तन रही कोहरे की चादर और धूप नहीं खुलने से आलू की फसलों में झुलसा रोग लगने लगा है।
करारी क्षेत्र के अगियौना, मोअज्जमपुर, थांबा अलावलपुर, मुकीमपुर, सैयद अली, रहीमपुर मोलानी, पचंभा आदि गांव के किसानों ने बताया कि तीन-चार दिनों से आलू की फसल में रोग के लक्षण दिखने लगे हैं। पत्तियां जलकर गिर जा रही है। अगियौना गांव के किसान मंजर अब्बास ने बताया कि उन्होंने करीब 16 बीघा पछेती आलू की खेती की है। करीब 6 लाख रुपये की लागत आई है। पर, आलू के पौधों में कोहरे के कारण रोग लगने लगे हैं।
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इससे लगता है लागत निकलनी भी मुश्किल होगी। इसी तरह से अंगद कुशवाहा, मानसिंह यादव, हुसैन, छोटेलाल यादव आदि ने भी बताया कि आलू की फसल में झुलसा रोग लगना शुरू हो गया है। इससे किसानों के होश उड़े हुए हैं। मामले में कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने बताया कि आलू की खेतों की सिंचाई के साथ झुलसा रोग से निपटने के लिए दवा का छिड़काव किसान कर सकते हैं। इससे यदि रोग शुरूआती दौर में होगा, तो रुक सकता है।
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बता दें कि कौशाम्बी में नगदी फसल के तौर पर बड़े पैमाने पर आलू की खेती की जाती है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 66 हजार हेक्टेयर में आलू की फसल होती है। इसमें भी करीब 30 हजार हेक्टेयर पछेती आलू होती है। इधर, इस साल कड़ाके की ठंड से जहां आलू की अच्छी फसल की उम्मीद किसानों को दी। वहीं 15 दिनों से लगातर तन रही कोहरे की चादर और धूप नहीं खुलने से आलू की फसलों में झुलसा रोग लगने लगा है।
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करारी क्षेत्र के अगियौना, मोअज्जमपुर, थांबा अलावलपुर, मुकीमपुर, सैयद अली, रहीमपुर मोलानी, पचंभा आदि गांव के किसानों ने बताया कि तीन-चार दिनों से आलू की फसल में रोग के लक्षण दिखने लगे हैं। पत्तियां जलकर गिर जा रही है। अगियौना गांव के किसान मंजर अब्बास ने बताया कि उन्होंने करीब 16 बीघा पछेती आलू की खेती की है। करीब 6 लाख रुपये की लागत आई है। पर, आलू के पौधों में कोहरे के कारण रोग लगने लगे हैं।
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इससे लगता है लागत निकलनी भी मुश्किल होगी। इसी तरह से अंगद कुशवाहा, मानसिंह यादव, हुसैन, छोटेलाल यादव आदि ने भी बताया कि आलू की फसल में झुलसा रोग लगना शुरू हो गया है। इससे किसानों के होश उड़े हुए हैं। मामले में कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने बताया कि आलू की खेतों की सिंचाई के साथ झुलसा रोग से निपटने के लिए दवा का छिड़काव किसान कर सकते हैं। इससे यदि रोग शुरूआती दौर में होगा, तो रुक सकता है।