फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   flood in yamuna

खतरे का निशान पार कर गई यमुना, टापू बने तराई के गांव

Mon, 09 Aug 2021 01:04 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 09 Aug 2021 01:04 AM IST
विज्ञापन
flood in yamuna
flood in yamuna - फोटो : KAUSHAMBI
मंझनपुर। रविवार की रात यमुना खतरे का निशान पार कर गई। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्घि से बाढ़ का पानी अब गांवों में घुसने लगा है। मुख्य मार्ग व खेत जलमग्न हो गए हैं। इसके कारण तराई क्षेत्र के आधा दर्जन गांव टापू में तब्दील हो गया है। इन गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। ग्रामीण किसी तरह नाव से आवागमन कर रहे हैं। संभावित खतरे को देखते हुए तराई के बासिंदों की नींद उड़ गई है। लोग जागकर रात गुजार रहे हैं।
विज्ञापन

चार अगस्त को राजस्थान के धौलपुर बांध से 18 लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया था। इस कारण चार दिन से हर पल यमुना में जलस्तर बढ़ रहा है। रविवार की रात तो यमुना नदी खतरे के निशान को पार कर गई। बाढ़ के पानी से यूं तो जिले के दो दर्जन गांव प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन सर्वाधिक असर चायल तहसील के कटैया, मल्हीपुर, पिपरहटा, भवंसुरी तथा मंझनपुर तहसील के गढ़वा, बड़हरी गांव हो रहे हैं। इन गांवों के प्रमुख मार्ग एवं खेत जलमग्न होने के कारण मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। छोटे-छोटे नालों के रास्ते बाढ़ का पानी गांव में घुसने लगा है। इसके चलते ये गांव अब टापू में तब्दील हो गए हैं। यहां के ग्रामीण अब नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। कालिंदी के रौद्र रूप से तराई के बासिंदों के रातों की नींद उड़ गई। संभावित खतरे को लेकर ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है
विज्ञापन

कि इसी रफ्तार से यमुना में जलवृद्घि होती रही है तो दो-चार दिन में खतरा बढ़ना तय है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन जगदीश लाल ने बताया कि रविवार रात नैनी में यमुना का जलस्तर 84.63 मीटर रिकार्ड किया गया है। जबकि खतरे का निशान 84.73 मीटर है। फिलहाल ढाई से तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्घि हो रही है। ऐसे में आधी रात तक यमुना खतरे का निशान पार कर जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

2019 में भी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच गई थी यमुना
मंझनपुर। सिंचाई विभाग के एक्सईएन जगदीश लाल ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2019 में भी एकमुश्त 21 लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया था। इस कारण 21 सितंबर 2019 को यमुना खतरे के निशान से 96 सेमी ऊपर बह रही थी। उस वक्त नैनी में यमुना का जलस्तर 85.70 मीटर रिकार्ड किया गया था। हालांकि इसका खास असर कौशाम्बी में नहीं दिखा था।
तराई के ग्रामीणों ने ऊंचे स्थान पर बनाया ठिकाना
मंझनपुर। यमुना के जलस्तर में वृद्घि से चायल तहसील इलाके के मल्हीपुर, केवट का पुरवा, नंदा का पुरवा और कटैया गांव में पानी भर गया है। गांव के किनारे बसे घरों में पानी घुसने लगा है। ग्रामीण अपने बच्चों के साथ ऊंचे स्थानों में डेरा जमा लिए हैं।
गढ़वा गांव के दो परिवारों को किया गया शिफ्ट
मंझनपुर। यमुना में बाढ़ से मंझनपुर तहसील के गढ़वा गांव में नदी किनारे स्थित दो घरों में पानी घुस गया है। इससे खतरा बढ़ गया है। एसडीएम सदर राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि संभावित खतरे को देखते हुए दोनों परिवारों को गांव से बाहर स्थित जैन मंदिर में बनाए गए आश्रय स्थल पहुंचा दिया गया है। विस्थापितों के खाने-पीने की भी व्यवस्था कर दी गई है।

बाढ़ पीड़ितों से मिले सपाई, बांटे राशन
चायल। बाढ़ से प्रभावित गांवों में।रविवार को समाजवादी पार्टी के नेताओ ने दौरा किया। टापू बने गांव मल्हीपुर में में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उन्हें आपदा से बचने के लिए राशन मुहैया कराया गया। सपा नेता राकेश सिंह उर्फ भोला पटेल की अगुवाई में इकट्ठा हुए सपाइयों ने मल्हीपुर गांव के बाढ़ पीड़ित परिवारों को राशन बांटा है। इस दौरान गांव के प्रधान भगवती प्रसाद निषाद बृजभान प्रधान, अरविन्द यादव, अभिषेक पटेल,विवेक शर्मा,अमन सेंगर,वेद प्रकाश निषाद आदि लोग मौजूद रहे।

flood in yamuna

flood in yamuna- फोटो : KAUSHAMBI

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed