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Kaushambi News: अफसर कर रहे खाद की भरमार का दावा, सिराथू में किसान खा रहे ठोकरें

Tue, 13 Dec 2022 07:30 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 13 Dec 2022 07:30 AM IST
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Farmers wandering in Sirathu, claiming abundance of fertilizers
उदहिन खुर्द गांव स्थित साधन सहकारी समिति में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते किसान। - फोटो : KAUSHAMBI
सिराथू। साधन सहकारी समितियों में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता के दावे अधिकारियों की ओर से किए जा रहे हैं। जबकि धरातल पर हकीकत कुछ अलग ही है। सिराथू क्षेत्र की सहकारी समितियों के गोदाम खाली पड़े हैं। यूरिया के लिए अन्नदाता ठोकरें खा रहे हैं।
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गेहूं की बोआई के समय डीएपी की किल्लत से जूझने वाले किसानों को अब समय पर यूरिया भी नहीं मिल पा रही है। सिराथू तहसील क्षेत्र के समशाबाद, दारानगर, सैनी, गौसपुर नवावां, अजुहा, मानपुर गौरा, जवई पड़री सहित आठ साधन सहकारी समितियां हैं। इनके गोदाम यूरिया से खाली हैं। बेहतर उत्पादन के लिए इस समय गेहूं की फसल को यूरिया की जरूरत है। किसान साधन सहकारी समिति जाते हैं और वहां से खाली हाथ लौट आते हैं। तमाम लोगों ने बाजार से यूरिया खरीद कर खेतों में छिड़काव किया। वहीं बहुत से किसान ऐसे भी हैं, जिन्हें बाजार में मिलने वाली खाद पर भरोसा नहीं। इसलिए वह समितियों के चक्कर लगा रहे हैँ।
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सिराथू तहसील क्षेत्र के उदिहिन गांव स्थित साधन सहकारी समिति में यूरिया न मिलने से नाराज किसानों ने विरोध प्रदर्शन करके नाराजगी जताई। सोमवार की सुबह तमाम किसान यूरिया के लिए साधन सहकारी समिति पहुंचे थे। यहां पर उन्हें ताला लगा मिला। इससे किसान आक्रोशित हो गए। परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन किया। कलुवापुर के किसान राम सुमेर का कहना है कि समिति के बाहर कतार लगा कर बैठने के बाद भी खाद नहीं मिलती। छोटी उदीहीन के रहने वाले महावीर का कहना है कि खाद न मिलने से फसल चौपट हो रही है। खेती पिछड़ने से किसानों को नुकसान हो रहा है। मुगरी कड़ा के रहने वाले लालता प्रसाद का कहना है कि इस समय यूरिया की जरूरत है और सोसायटी में ताला बंद है। जगन्नाथपुर निवासी शंभू ने बताया कि अभी पौधों के बढ़ने का समय है। फसल को मजबूत करने के लिए खाद की जरूरत है। समय पर खाद न मिलने के कारण किसान परेशान है।
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यूरिया का संकट नहीं है। 11 हजार मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति का लक्ष्य था। इसमें से 10 हजार मीट्रिक टन यूरिया आ चुकी है। 6700 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक बफर में है। जबकि 1500 मीट्रिक टन समितियों में उपलब्ध है। जरूरत के हिसाब से यूरिया की आपूर्ति बफर से समितियों में की जा रही है।-विनोद सिंह, एआर कोऑपरेटिव
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