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सरकार ने देखा, जिले में पराली जला रहे किसान, जिले के अफसरों को भनक तक नहीं

Sun, 11 Oct 2020 01:03 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2020 01:03 AM IST
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Farmers burning stubble in the district, officers do not even know
Farmers burning stubble in the district, officers do not even know
मंझनपुर। प्रदूषण के खात्मे को लेकर एक ओर जहां केंद्र व प्रदेश सरकार सख्त कदम उठा रही हैं, वहीं जिले के अफसर इसे लेकर बेपरवाह दिख रहे हैं। सरकार ने सेटेलाइट के जरिए जिले की तीनों तहसीलों में पराली जलाने का मामला पकड़ा, लेकिन जिला स्तर पर गठित प्रशासन व कृषि विभाग की टीम को इसकी भनक तक नहीं लगी। जबकि इससे पहले दावा किया गया कि प्रशासन के अफसर ड्रोन कैमरे के जरिए पराली जलाने का मामला पकड़ेंगे। इसके लिए प्रशासन ने कृषि विभाग के 48 व जिले भर के सारे लेखपालों को जिम्मेदारी दे रखी है। शासन स्तर पर गड़बड़ी सामने आने के बाद अब अफसर गांवों से रिपोर्ट तलब करने में जुट गए हैं।
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जिले में इस बार 71 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ की फसल बोई गई है। इसमें अकेले 46 हजार हेक्टेयर में धान लगाया गया है। बड़े किसान कंबाइन हार्वेस्टर के जरिए धान की फसल कटवाते हैं। इसके बाद पराली जला दी जाती है। इसकी वजह से वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है। देश में बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर सरकार ने सख्त अभियान चलाया है। पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माना तक लगाया जा रहा है। इसके बाद भी जिले के किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
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जिला कृषि अधिकारी मनोज गौतम का कहना है कि इस बार 46 हजार हेक्टेयर में धान की खेती की गई थी। जिसमें अब तक करीब 30 फीसदी धान कट चुका है। प्रयास किया जा रहा है कि किसान पराली नहीं जलाने पाएं। इसके लिए प्रशासन ने ड्रोन कैमरे छोड़ने के साथ राजस्व निरीक्षकों की टीम का गठन किया है। विभाग की तरफ से भी 48 लोग पूरे मामले की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इस बीच शासन की तरफ से अवगत कराया गया कि जिले की मंझनपुर, चायल व सिराथू तहसील में पराली जलाई गई है। शासन ने पराली जलाने की यह घटना सेटेलाइट के जरिए पकड़ी है। इसे लेकर कृषि विभाग की टीम को सक्रिय किया गया है। साथ ही अन्य विभाग के लोग भी इस मामले में सख्त मॉनीटरिंग कर रहे हैं। पिछले दिनों इसी को लेकर कड़ा कोतवाली इलाके के एक गांव में हार्वेस्टर मशीन को सीज कराया गया। यह मशीन मानक के विपरीत धान की कटाई कर रही थी।
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पराली जलाना कानूनी अपराध है। पकड़े जाने पर किसान को जुर्माना भरना होगा। इसके अलावा जो हार्वेस्टर मशीन एसएमएस मानक का पालन नहीं करती, उसे सीज किया जाएगा। किसानों को खुद भी इसके लिए सजग होना पड़ेगा। लेखपाल से लेकर कृषि विभाग के लोग इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। -मनोज गौतम, जिला कृषि अधिकारी
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