कौशाम्बी : पुलिसकर्मियों की पिटाई से किसान की मौत, ग्रामीणों ने किया हंगामा
पश्चिमशरीरा कोतवाली के गैंगघट निवासी मथुरा सोनकर (62) खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। मथुरा का खेत में बाड़ लगाने को लेकर पड़ोसी वासुदेव से विवाद चल रहा था। पांच दिन पहले मथुरा के साले के बेटे की मौत हो गई।
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कस्बे के गैंगघट मोहल्ले में रविवार दोपहर सिपाहियों द्वारा की गई पिटाई से एक किसान की मौत हो गई। पुलिस कर्मी भूमि विवाद की सूचना पर किसान को बुलाने पहुंचे थे। पुलिस अफसरों का दावा है कि पट्टीदारों से झगड़े में किसान की मृत्यु हुई। मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पश्चिमशरीरा कोतवाली के गैंगघट निवासी मथुरा सोनकर (62) खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। मथुरा का खेत में बाड़ लगाने को लेकर पड़ोसी वासुदेव से विवाद चल रहा था। पांच दिन पहले मथुरा के साले के बेटे की मौत हो गई। इस पर वह अपनी पत्नी सीमा, बेटे विजय व साजन के साथ ससुराल फतेहपुर जिले के ऐंधा गया था। रविवार सुबह विजय की पत्नी पूनम ने फोन करके बताया कि वासुदेव खेत में तार बांध रहा है। इस पर मथुरा ने बहू को थाने में सूचना देने को कहा। इसके अलावा वह खुद भी परिवार सहित दोपहर में घर आ गया।
दोपहर 12 बजे के करीब इसे लेकर मथुरा की विपक्षी वासुदेव आदि से मारपीट होने लगी। सूचना के बाद पहुंचे कोतवाली के सिपाही अरुण सिंह व गोविंद मौके पर पहुंचे। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने मथुरा को थाने चलने के लिए कहा। मथुरा की पत्नी सीमा ने बताया, पति ने खाना खाकर चलने को कहा तो पुलिस कर्मी मथुरा को पीटने लगे। पिटाई से मथुरा अचेत होकर गिर पड़ा। हालत गंभीर देख पुलिस कर्मी भाग निकले।
परिवार वाले मथुरा को लेकर कोतवाली जा रहे थे, तभी रास्ते में थानाध्यक्ष भवानी सिंह मिल गए। थानाध्यक्ष मथुरा को अपनी सरकारी बोलेरो में बैठाकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां देखते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मथुरा की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस कर्मियों पर विपक्षी से मिलभगत करके मारपीट का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। थानाध्यक्ष ने मृतक के विपक्षियों को हिरासत में लेने के साथ ही लोगों को शांत कराया।
इनका कहना है
दो पक्षों के बीच मारपीट में किसान की मौत हुई है। सिपाहियों की पिटाई से मौत होना जांच का विषय है। बहू ने बताया पट्टीदार से झगड़े में वह जख्मी हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण पता चल सकेगा। - समर बहादुर-एएसपी
किसान के घरवालों के बयान से उलझी पुलिस
पश्चिमशरीरा कस्बे के गैंगघट मोहल्ले में किसान मथुरा की हत्या मामले में परिजन व पुलिस के बयान अलग-अलग है। मथुरा का बेटा विजय कह रहा है कि पिता ननिहाल में मामा के बेटे के अंतिम संस्कार में थे। वहीं पुलिस का दावा है कि मथुरा घर पर था और शनिवार को विपक्षी से हुए झगड़े में जख्मी हो गया था।
मथुरा के बड़े बेटे विजय ने बताया पांच दिन पहले मामा के बेटे की मौत हो गई थी। इस पर वह पिता, मां व छोटे भाई साजन के साथ ननिहाल में था। विजय के मुताबिक उसकी पत्नी पूनम ने विपक्षी पर खेत में कंटीले तार लगाने की जानकारी दी तो रविवार को ही वह घर पहुंचे थे। विजय का यह भी कहना है जिस वक्त मारपीट हो रही थी वह शौचालय में था। वहीं विजय की मां ने सिपाहियों पर मारपीट का आरोप लगाया। उसके मुताबिक विवाद की सूचना पर पहुंचे सिपाहियों ने पति को पीटा, जिससे वह गश खाकर गिर गया।
दूसरी तरफ एएसपी समर बहादुर का कहना है मृतक की पत्नी अपने मायके में थी। शनिवार को मथुरा का परिवार के बासुदेव से झग़ड़ा हुआ जिसमें वह जख्मी हो गया। वहीं थानाध्यक्ष भवानी सिंह का कहना है रविवार को ही दोनों पक्ष के बीच झगड़ा हुआ। झगड़े में कहीं चोट लगने के कारण मथुरा की मौत हुई। मथुरा की बहू पूनम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर वासुदेव सहित दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।