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Kaushambi News: मासूमों के गम में डूबे परिजन, चीत्कार से पसरा सन्नाटा
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यमुना में तीन मासूमों की डूबने से मौत के बाद महेवा उपरहार गांव में मातम पसरा हुआ है। तीनों बच्चों के जब घर पहुंचे तो तो परिजनों की चीख-पुकार से पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। माताएं बच्चों के शवों को सीने से लगाकर बिलखती रहीं। जिस आंगन में कुछ घंटे पहले तक बच्चों की हंसी गूंज रही थीं, अब वहां सिर्फ माताओं की चीत्कार सुनाई दे रही थी।
राजेश कुमार और सोनू कुमार सगे भाई हैं। राजेश के तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। हादसे में उनके दो बेटे करन और शनि की मौत हो गई। वहीं सोनू कुमार का एक बेटे और दो बेटियां हैं। उनका इकलौता बेटा बृजेश कुमार भी हादसे में जान गंवा बैठा। तीन बच्चों की मौत से दोनों परिवारों की खुशियां एक झटके में उजड़ गईं।
बताया गया कि शनि के गड्ढे में डूबने के बाद उसे बचाने के लिए करन और बृजेश भी गहरे पानी में उतर गए। एक मासूम को बचाने की कोशिश में दोनों भी पानी में डूब गए। घटना की जानकारी के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
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चार दिन पहले ही दिल्ली से गांव आए थे
पड़ोसियों के मुताबिक चार दिन पहले ही राजेश कुमार अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली से गांव आए थे। वहीं सोनू कुमार भी अपने इकलौते बेटे बृजेश को लेकर गांव आया था। सोनू की पत्नी और दो बेटियां अभी दिल्ली में ही हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद उन्हें घटना की जानकारी दी गई और वे गांव के लिए रवाना हुईं।
परिजनों को क्या पता था कि चार दिन पहले घर लौटने की खुशी इतनी जल्दी मातम में बदल जाएगी। बृजेश सोनू का इकलौता बेटा था। उसकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। वहीं करन और शनि की मौत से राजेश के परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीनों मासूमों की मौत से पूरा गांव गमगीन है।
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राजेश कुमार और सोनू कुमार सगे भाई हैं। राजेश के तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। हादसे में उनके दो बेटे करन और शनि की मौत हो गई। वहीं सोनू कुमार का एक बेटे और दो बेटियां हैं। उनका इकलौता बेटा बृजेश कुमार भी हादसे में जान गंवा बैठा। तीन बच्चों की मौत से दोनों परिवारों की खुशियां एक झटके में उजड़ गईं।
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बताया गया कि शनि के गड्ढे में डूबने के बाद उसे बचाने के लिए करन और बृजेश भी गहरे पानी में उतर गए। एक मासूम को बचाने की कोशिश में दोनों भी पानी में डूब गए। घटना की जानकारी के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
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चार दिन पहले ही दिल्ली से गांव आए थे
पड़ोसियों के मुताबिक चार दिन पहले ही राजेश कुमार अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली से गांव आए थे। वहीं सोनू कुमार भी अपने इकलौते बेटे बृजेश को लेकर गांव आया था। सोनू की पत्नी और दो बेटियां अभी दिल्ली में ही हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद उन्हें घटना की जानकारी दी गई और वे गांव के लिए रवाना हुईं।
परिजनों को क्या पता था कि चार दिन पहले घर लौटने की खुशी इतनी जल्दी मातम में बदल जाएगी। बृजेश सोनू का इकलौता बेटा था। उसकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। वहीं करन और शनि की मौत से राजेश के परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीनों मासूमों की मौत से पूरा गांव गमगीन है।