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Kaushambi News: ठंड पर आस्था भारी, पुण्य की डुबकी लगा श्रद्धालु बोले...हर, हर गंगे
Mon, 15 Jan 2024 04:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 15 Jan 2024 04:08 AM IST
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मंकर संक्राति पर्व पर प्रभाषगिरी पर्वत पर लुफ्त उठाते लोग। संवाद
रविवार को मकर संक्रांति के उपलक्ष में श्रद्धालुओं ने गंगा-यमुना के घाटों पर पुण्य की डुबकी लगाई। कड़ाके की ठंड पर आस्था भारी पड़ी। भोर से ही स्नान-ध्यान करने वालों की घाटों पर भीड़ जुटी रही। डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु हर-हर गंगे का उद्घोष करते रहे। लोगों ने कड़ा में शीतला धाम में दर्शन-पूजन भी किया।
मकर संक्रांति का पर्व सोमवार को है, लेकिन इसके उपलक्ष्य में लोग स्नान करने भोर से ही गंगा-यमुना के घाटों पर पहुंचने लगे। कड़ा में सुबह से ही लोगों को आना जाना लगा रहा।
प्रतापगढ़, फतेहपुर, प्रयागराज समेत अन्य स्थानों से भक्तों के जत्थे पुण्य लाभ लेने पहुुंचे थे। गंगा स्नान के बाद लोगों ने मां कड़ा और मां शीतला देवी धान में दर्शन-पूजन किया।
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रविवार की भोर में घना कोहरा और सुबह से ही कड़ाके की ठंड रही। कोहरा घना होने की वजह से दृश्यता काफी कम थी। लोगों को दो से चार फीट तक दिखना मुश्किल हो रहा था। कोहरा और ठंड के बावजूद भक्तों का रेला लगा था। लोग हर-हर गंगे बोलते हुए पवित्र नदियों में पुण्य की डुबकी लगाने घाट तक पहुंच रहे थे। पुरोहितों के मुताबिक सोमवार को भी संक्रांति का पर्व मनाया जाना है।
इन घाटों पर भी रही भक्तों की भीड़
रविवार को मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में रविवार की भोर से ही गंगा के कड़ा, कुबरी, बजाज, पल्हाना, संदीपन, कांकराबाद, फतेहपुर आदि घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई था। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने तिल, िखचड़ी व गुड़ आदि का दान कर मंदिरों में पूजा-अर्चना की। पंचांग को मानने वाले लोग सोमवार को मकर संक्रांति पर्व मनाएंगे। इसी तरह यमुना के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
तीर्थ क्षेत्र में लोगों ने की खरीदारी, किया दान
तीर्थ क्षेत्र कड़ा आने वाले लोगों ने राह में बैठे लोगों का खिचड़ी व रुपये का दान किया। मान्यता है कि इस दिन दान करने से पुण्य लाभ होता है। इसके बाद कड़ा धाम में सजी दुकानों से स्नान-दर्शन के लिए आए लोगों ने खरीदारी भी की। किसी ने बच्चों के लिए खिलौने खरीदे तो किसी ने घर के लिए मिठाई ली।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
कड़ा क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इन्तजाम किए गए थे। तीर्थ क्षेत्र के बाहर ही वाहनों को रोका गया। मेला क्षेत्र में दो पहिया व चार पहिया वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह से रोका गया था। घाटों पर भी पुलिस व पीएसी के जवानों के साथ गोताखोर तैनात रहे।
बच्चों ने खरीदी बांसुरी तो महिलाओं ने सिल व कड़ाही
पभोषा पहाड़ पर रविवार को मकर संक्रांति का मेला लगा। इस मेले में गंगा व यमुनापार के लोगों के साथ ही अन्य जिले के लोगों ने जमकर खरीदारी की। बच्चों ने गुब्बारे, बांसुरी खरीदी तो महिलाओं ने सिल, कडही के साथ घरेलू इस्तेमाल की वस्तुएं खरीदीं।
युवाओं ने पर्वत के शिखर पर पहुंचकर सुंदर दृश्य देखा। पहाड़ पर सेल्फी लेने का क्रेज बना रहा। हालांकि पुलिस लोगों को पहा़ड़ के ऊपर चढ़ने से रोकती रही, जो चढ़े उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
पभोषा पहाड़ पर 120 सालों से हर साल मकर संक्रांति पर मेला लग रहा है। इस मेले में हजारों की संख्या में जहां लोगों को आना होता है वहीं तरह- तरह की दुकानें सजती हैं। इन दुकानों में खाने पीने की सामग्री के साथ ही गृहस्थी से जुड़ी सामग्री सजती है। बच्चों, महिलाओं, युवा व बुजुर्ग हर वर्ग के अनुसार यहां वस्तुएं मिलती हैं।
मेले में भीड़ भाड़ के साथ ही पहाड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र होता है। जिले के साथ ही अन्य स्थानों से लोग यहां पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता देखने आते हैं। दो दिनों के इस मेले में एक अस्थाई नगर से पभोषा पहाड़ नजर आता है। यहां बच्चों ने बांसुरी खरीदी तो युवाओं को लाठी की खरीददारी पसंद आई।
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मकर संक्रांति का पर्व सोमवार को है, लेकिन इसके उपलक्ष्य में लोग स्नान करने भोर से ही गंगा-यमुना के घाटों पर पहुंचने लगे। कड़ा में सुबह से ही लोगों को आना जाना लगा रहा।
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प्रतापगढ़, फतेहपुर, प्रयागराज समेत अन्य स्थानों से भक्तों के जत्थे पुण्य लाभ लेने पहुुंचे थे। गंगा स्नान के बाद लोगों ने मां कड़ा और मां शीतला देवी धान में दर्शन-पूजन किया।
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रविवार की भोर में घना कोहरा और सुबह से ही कड़ाके की ठंड रही। कोहरा घना होने की वजह से दृश्यता काफी कम थी। लोगों को दो से चार फीट तक दिखना मुश्किल हो रहा था। कोहरा और ठंड के बावजूद भक्तों का रेला लगा था। लोग हर-हर गंगे बोलते हुए पवित्र नदियों में पुण्य की डुबकी लगाने घाट तक पहुंच रहे थे। पुरोहितों के मुताबिक सोमवार को भी संक्रांति का पर्व मनाया जाना है।
इन घाटों पर भी रही भक्तों की भीड़
रविवार को मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में रविवार की भोर से ही गंगा के कड़ा, कुबरी, बजाज, पल्हाना, संदीपन, कांकराबाद, फतेहपुर आदि घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई था। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने तिल, िखचड़ी व गुड़ आदि का दान कर मंदिरों में पूजा-अर्चना की। पंचांग को मानने वाले लोग सोमवार को मकर संक्रांति पर्व मनाएंगे। इसी तरह यमुना के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
तीर्थ क्षेत्र में लोगों ने की खरीदारी, किया दान
तीर्थ क्षेत्र कड़ा आने वाले लोगों ने राह में बैठे लोगों का खिचड़ी व रुपये का दान किया। मान्यता है कि इस दिन दान करने से पुण्य लाभ होता है। इसके बाद कड़ा धाम में सजी दुकानों से स्नान-दर्शन के लिए आए लोगों ने खरीदारी भी की। किसी ने बच्चों के लिए खिलौने खरीदे तो किसी ने घर के लिए मिठाई ली।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
कड़ा क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इन्तजाम किए गए थे। तीर्थ क्षेत्र के बाहर ही वाहनों को रोका गया। मेला क्षेत्र में दो पहिया व चार पहिया वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह से रोका गया था। घाटों पर भी पुलिस व पीएसी के जवानों के साथ गोताखोर तैनात रहे।
बच्चों ने खरीदी बांसुरी तो महिलाओं ने सिल व कड़ाही
पभोषा पहाड़ पर रविवार को मकर संक्रांति का मेला लगा। इस मेले में गंगा व यमुनापार के लोगों के साथ ही अन्य जिले के लोगों ने जमकर खरीदारी की। बच्चों ने गुब्बारे, बांसुरी खरीदी तो महिलाओं ने सिल, कडही के साथ घरेलू इस्तेमाल की वस्तुएं खरीदीं।
युवाओं ने पर्वत के शिखर पर पहुंचकर सुंदर दृश्य देखा। पहाड़ पर सेल्फी लेने का क्रेज बना रहा। हालांकि पुलिस लोगों को पहा़ड़ के ऊपर चढ़ने से रोकती रही, जो चढ़े उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
पभोषा पहाड़ पर 120 सालों से हर साल मकर संक्रांति पर मेला लग रहा है। इस मेले में हजारों की संख्या में जहां लोगों को आना होता है वहीं तरह- तरह की दुकानें सजती हैं। इन दुकानों में खाने पीने की सामग्री के साथ ही गृहस्थी से जुड़ी सामग्री सजती है। बच्चों, महिलाओं, युवा व बुजुर्ग हर वर्ग के अनुसार यहां वस्तुएं मिलती हैं।
मेले में भीड़ भाड़ के साथ ही पहाड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र होता है। जिले के साथ ही अन्य स्थानों से लोग यहां पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता देखने आते हैं। दो दिनों के इस मेले में एक अस्थाई नगर से पभोषा पहाड़ नजर आता है। यहां बच्चों ने बांसुरी खरीदी तो युवाओं को लाठी की खरीददारी पसंद आई।

मंकर संक्राति पर्व पर प्रभाषगिरी पर्वत पर लुफ्त उठाते लोग। संवाद

मंकर संक्राति पर्व पर प्रभाषगिरी पर्वत पर लुफ्त उठाते लोग। संवाद

मंकर संक्राति पर्व पर प्रभाषगिरी पर्वत पर लुफ्त उठाते लोग। संवाद