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Kaushambi News: धनवर्षा की उम्मीद...हल्के वजन के बर्तन बनेंगे ग्राहकों की पहली पसंद
Wed, 15 Oct 2025 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 15 Oct 2025 12:46 AM IST
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करारी कस्बा स्थित दुकान में बर्तन की खरीदारी करते ग्राहक। संवाद
धनतेरस का पर्व नजदीक आते ही बर्तन बाजारों में रौनक लौट आई है। व्यापारी पूरी तैयारी में जुट गए हैं और अनुमान है कि जिले में करीब तीन करोड़ रुपये का कारोबार होगा। इस बार ग्राहकों के बीच हल्के वजन के स्टील और पीतल के बर्तनों की मांग सबसे अधिक बनी हुई है।
जिले की लगभग 150 बर्तन की दुकानों में तैयारियां तेज हो गई है। सरायअकिल, भरवारी, करारी, अजुहा, सिराथू और मनौरी के बाजारों में दुकानदारों ने आइटम्स का स्टॉक सजा लिया है। महंगाई को देखते हुए हल्के बर्तनों का भंडार अधिक रखा गया है।
व्यापारियों के अनुसार, स्टील के बर्तन 180 से 300 रुपये, पीतल के 675 से 750 रुपये और तांबे के 900 से 1050 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं। दुकानों में 21 बर्तनों के सेट, पूजा की थालियां, डोंगे, इंडक्शन-फ्रेंडली बर्तन भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
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करारी के बर्तन व्यापारी गोलबाबू ने बताया कि इस बार महंगाई के चलते लोग हल्के बर्तन अधिक खरीद रहे हैं जिससे बिक्री में तेजी आई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस धनतेरस पर पिछले वर्षों से बेहतर कारोबार होगा।
क्रॉकरी की भी बढ़ी मांग, डिजाइनर मग उपलब्ध
धनतेरस पर क्राकरी के बर्तनों की भी खासी मांग रहती है। इसको लेकर क्रॉकरी स्टोर भी सज गए हैं। दुकानों में बोन चाइना, बोन फ्री क्रॉकरी के बर्तन उपलब्ध हैं। लोगों की पसंद को देखते हुए चाय-कॉफी के डिजाइनदार मग का भी स्टॉक किया गया है। इसके साथ ही कांच के लाइटवेट कप भी हैं।
इसके साथ ही डिनर सेट, नॉन स्टिक कलरफुल बर्तन, कांच के डिजाइनर मग, परोसने और सजाने के लिए क्रॉकरी के कई आइटम मौजूद हैं। हैंडमेड और ग्लास वेयर बर्तन 35 से शुरू होकर 1200 रुपये तक में मिल रहा है। विक्रेता शिवम रस्तोगी बताते हैं कि पिछले कुछ सालों से क्रॉकरी की मांग बढ़ी है।
घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है बर्तन : पंडित ज्ञानेंद्र
पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत से भरा पीतल का कलश लेकर प्रकट हुए थे। तभी से इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा शुरू हुई है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और समृद्धि का वास होता है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग धनतेरस पर पीतल और तांबे के बर्तन खरीदते हैं। धनतेरस पर नए बर्तन खरीदना नई शुरुआत और शुद्धता का प्रतीक भी माना जाता है। यह रसोई व घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने का भी माध्यम है। बर्तन खरीदने की परंपरा से घर में समृद्धि और प्रचुरता का आगमन होता है। उन्होंने बताया कि धनतेरस पर लोहे, स्टील, प्लास्टिक या काली मिट्टी से बने बर्तन नहीं खरीदने चाहिए। इन्हें अशुभ माना जाता है। वहीं, तांबा, कांसा और पीतल के बर्तन मंगलकारी मानें जाते हैं और इन्हें खरीदना शुभ माना जाता है।
दिवाली व धनतेरस पर हर साल काफी बिक्री होती है। इस बार भी अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। दुकान में बर्तन के सभी सामान की पूर्ति कर ली गई है। ग्राहकों की जेब को ध्यान में रखते हुए हल्के बर्तन भी लाए गए हैं। - शिवम रस्तोगी।
धनतेरस पर बर्तनों की लगभग सभी घरों में खरीदारी होती है। धनतेरस को लेकर हमने पूरी तरह से तैयारी कर ली है। इस बार लोग तांबे व पीतल के बर्तनों की ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं। धनतेरस को लेकर हमने बर्तनों की पूरी वैरायटी मंगवा ली है। - प्रदीप वर्मा।
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जिले की लगभग 150 बर्तन की दुकानों में तैयारियां तेज हो गई है। सरायअकिल, भरवारी, करारी, अजुहा, सिराथू और मनौरी के बाजारों में दुकानदारों ने आइटम्स का स्टॉक सजा लिया है। महंगाई को देखते हुए हल्के बर्तनों का भंडार अधिक रखा गया है।
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व्यापारियों के अनुसार, स्टील के बर्तन 180 से 300 रुपये, पीतल के 675 से 750 रुपये और तांबे के 900 से 1050 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं। दुकानों में 21 बर्तनों के सेट, पूजा की थालियां, डोंगे, इंडक्शन-फ्रेंडली बर्तन भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
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करारी के बर्तन व्यापारी गोलबाबू ने बताया कि इस बार महंगाई के चलते लोग हल्के बर्तन अधिक खरीद रहे हैं जिससे बिक्री में तेजी आई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस धनतेरस पर पिछले वर्षों से बेहतर कारोबार होगा।
क्रॉकरी की भी बढ़ी मांग, डिजाइनर मग उपलब्ध
धनतेरस पर क्राकरी के बर्तनों की भी खासी मांग रहती है। इसको लेकर क्रॉकरी स्टोर भी सज गए हैं। दुकानों में बोन चाइना, बोन फ्री क्रॉकरी के बर्तन उपलब्ध हैं। लोगों की पसंद को देखते हुए चाय-कॉफी के डिजाइनदार मग का भी स्टॉक किया गया है। इसके साथ ही कांच के लाइटवेट कप भी हैं।
इसके साथ ही डिनर सेट, नॉन स्टिक कलरफुल बर्तन, कांच के डिजाइनर मग, परोसने और सजाने के लिए क्रॉकरी के कई आइटम मौजूद हैं। हैंडमेड और ग्लास वेयर बर्तन 35 से शुरू होकर 1200 रुपये तक में मिल रहा है। विक्रेता शिवम रस्तोगी बताते हैं कि पिछले कुछ सालों से क्रॉकरी की मांग बढ़ी है।
घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है बर्तन : पंडित ज्ञानेंद्र
पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत से भरा पीतल का कलश लेकर प्रकट हुए थे। तभी से इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा शुरू हुई है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और समृद्धि का वास होता है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग धनतेरस पर पीतल और तांबे के बर्तन खरीदते हैं। धनतेरस पर नए बर्तन खरीदना नई शुरुआत और शुद्धता का प्रतीक भी माना जाता है। यह रसोई व घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने का भी माध्यम है। बर्तन खरीदने की परंपरा से घर में समृद्धि और प्रचुरता का आगमन होता है। उन्होंने बताया कि धनतेरस पर लोहे, स्टील, प्लास्टिक या काली मिट्टी से बने बर्तन नहीं खरीदने चाहिए। इन्हें अशुभ माना जाता है। वहीं, तांबा, कांसा और पीतल के बर्तन मंगलकारी मानें जाते हैं और इन्हें खरीदना शुभ माना जाता है।
दिवाली व धनतेरस पर हर साल काफी बिक्री होती है। इस बार भी अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। दुकान में बर्तन के सभी सामान की पूर्ति कर ली गई है। ग्राहकों की जेब को ध्यान में रखते हुए हल्के बर्तन भी लाए गए हैं। - शिवम रस्तोगी।
धनतेरस पर बर्तनों की लगभग सभी घरों में खरीदारी होती है। धनतेरस को लेकर हमने पूरी तरह से तैयारी कर ली है। इस बार लोग तांबे व पीतल के बर्तनों की ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं। धनतेरस को लेकर हमने बर्तनों की पूरी वैरायटी मंगवा ली है। - प्रदीप वर्मा।

करारी कस्बा स्थित दुकान में बर्तन की खरीदारी करते ग्राहक। संवाद

करारी कस्बा स्थित दुकान में बर्तन की खरीदारी करते ग्राहक। संवाद

करारी कस्बा स्थित दुकान में बर्तन की खरीदारी करते ग्राहक। संवाद