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नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से आठ लाख ठगे
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नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से आठ लाख ठगे
मोहब्बतपुर पइंसा गांव के युवक हुए ठगी का शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। मोहब्बतपुर पइंसा निवासी दो युवकों से परिवहन निगम में परिचालक की नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति ने आठ लाख रुपये ले लिए। नौकरी नहीं मिलने पर रकम मांगने पर उन्हें जानलेवा धमकी दी गई। पीड़ितों ने कार्रवाई के लिए अदालत का सहारा लिया है। आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की है।
मोहब्बतपुर पइंसा निवासी राकेश व अमरदीप ने बताया कि उनकी माली हालत ठीक नहीं है। खेती के सहारे परिवार का खर्च चलता है। पीड़ितों की मानें तो करीब छह महीने पहले उनकी मुलाकात सिराथू के एक व्यक्ति से हुई। आरोप है कि जालसाज ने खुद को परिवहन विभाग के एक अफसर का रिश्तेदार बताया। इसके बाद परिचालक की नौकरी दिलाने के नाम पर दोनों से चार-चार लाख रुपये ले लिए। पीड़ित युवकों का कहना है कि पहले युवक मामले को टाल रहा था। बाद में उसने फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। परिवहन मुख्यालय पहुंचने पर पीड़ितों को ठगे जाने की जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए। उलाहना देने पर फरेबी रकम वापसी की बात करने लगा। इल्जाम है कि अब रकम मांगने पर वह जान से मारने की धमकी देता है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने ठगी की शिकायत स्थानीय पुलिस से की थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया। पीड़ितों ने कार्रवाई के लिए अदालत में अर्जी दाखिल कर दी है।
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मोहब्बतपुर पइंसा गांव के युवक हुए ठगी का शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। मोहब्बतपुर पइंसा निवासी दो युवकों से परिवहन निगम में परिचालक की नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति ने आठ लाख रुपये ले लिए। नौकरी नहीं मिलने पर रकम मांगने पर उन्हें जानलेवा धमकी दी गई। पीड़ितों ने कार्रवाई के लिए अदालत का सहारा लिया है। आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की है।
मोहब्बतपुर पइंसा निवासी राकेश व अमरदीप ने बताया कि उनकी माली हालत ठीक नहीं है। खेती के सहारे परिवार का खर्च चलता है। पीड़ितों की मानें तो करीब छह महीने पहले उनकी मुलाकात सिराथू के एक व्यक्ति से हुई। आरोप है कि जालसाज ने खुद को परिवहन विभाग के एक अफसर का रिश्तेदार बताया। इसके बाद परिचालक की नौकरी दिलाने के नाम पर दोनों से चार-चार लाख रुपये ले लिए। पीड़ित युवकों का कहना है कि पहले युवक मामले को टाल रहा था। बाद में उसने फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। परिवहन मुख्यालय पहुंचने पर पीड़ितों को ठगे जाने की जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए। उलाहना देने पर फरेबी रकम वापसी की बात करने लगा। इल्जाम है कि अब रकम मांगने पर वह जान से मारने की धमकी देता है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने ठगी की शिकायत स्थानीय पुलिस से की थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया। पीड़ितों ने कार्रवाई के लिए अदालत में अर्जी दाखिल कर दी है।
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