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Kaushambi News: मंझनपुर और कौशाम्बी ब्लाॅक में एक जून से लागू हो जाएगी ई-ऑफिस प्रणाली
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सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ाने और कार्यप्रणाली को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से शासन की ओर से ई-ऑफिस प्रणाली लागू की जा रही है। पहले चरण में एक जून तक जिले के दोनों आकांक्षी ब्लॉकोें मंझनपुर और कौशाम्बी को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के लिए शामिल किया गया है। इसकी प्रगति की सात जून को समीक्षा भी की जाएगी।
जिले में कुल आठ ब्लाॅक हैं। इन कार्यालयों में अभी तक ऑफलाइन मोड में (पेपर और फाइल आदि बनाकर) काम किया जाता रहा है। इससे अधिकारी और कर्मचारी फरियादियों की फाइलों के निस्तारण में लेट-लतीफी करते हैं। फाइलों के खोने और खराब होने का भी खतरा रहता है। साथ ही उच्चाधिकारियों को समस्या की समय से सटीक जानकारी भी नहीं मिल पाती है।
इन्हीं समस्याओं से निजात के लिए सभी ब्लाॅक कार्यालयों को पूरी तरह से डिजिटल करने का निर्देश दिया गया है। पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले के दो आकांक्षी ब्लॉक मंझनपुर और कौशाम्बी को शामिल किया गया है। इन दोनों ब्लॉकों में एक जून से ई-ऑफिस प्रणाली को लागू कर दिया जाएगा। ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से अधिकारियों को बस एक क्लिक में ही सभी योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी हो जाएगी।
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इसके अलावा स्टेशनरी के खर्चों और समय की बचत भी होगी। आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग की ओर से जारी पत्र के मुताबिक ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने और उसकी प्रगति के बारे में सात जून को समीक्षा भी की जाएगी। साथ ही योजना को सख्ती से लागू करने के लिए आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग ने सीडीओ को पत्र भेजा है।
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ई-ऑफिस प्रणाली के फायदे
-हर फाइल पर नजर रखना आसान हो जाएगा। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय हो सकेगी।
-एक क्लिक पर सभी फाइलें सामने आ जाएंगी। इससे त्वरित निर्णय लेने में सहूलियत मिलेगी।
-डिजिटल हस्ताक्षर लागू करने से फाइलों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। इनके नष्ट होने की आशंका भी कम रहेगी।
-पेपर के प्रयोग में कमी आएगी। ब्लाॅक कार्यालयों को एक साल में लाखों रुपये की बचत होगी।
-सुविधा शुल्क की आस में कर्मचारी फाइलों को रोक लेते थे। प्रणाली लागू होने से ऐसी कार्य पद्धति में सुधार होगा।
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आयुक्त ग्राम्य विकास का पत्र मिला है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक जून से आकांक्षी ब्लॉक मंझनपुर और कौशाम्बी में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करा दी जाएगी। मुख्यालय से ईमेल आईडी और डोंगल मिलने के बाद शेष सभी ब्लॉकों में ई-ऑफिस प्रणाली शुरू कर दी जाएगी।-- अजीत कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ
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जिले में कुल आठ ब्लाॅक हैं। इन कार्यालयों में अभी तक ऑफलाइन मोड में (पेपर और फाइल आदि बनाकर) काम किया जाता रहा है। इससे अधिकारी और कर्मचारी फरियादियों की फाइलों के निस्तारण में लेट-लतीफी करते हैं। फाइलों के खोने और खराब होने का भी खतरा रहता है। साथ ही उच्चाधिकारियों को समस्या की समय से सटीक जानकारी भी नहीं मिल पाती है।
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इन्हीं समस्याओं से निजात के लिए सभी ब्लाॅक कार्यालयों को पूरी तरह से डिजिटल करने का निर्देश दिया गया है। पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले के दो आकांक्षी ब्लॉक मंझनपुर और कौशाम्बी को शामिल किया गया है। इन दोनों ब्लॉकों में एक जून से ई-ऑफिस प्रणाली को लागू कर दिया जाएगा। ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से अधिकारियों को बस एक क्लिक में ही सभी योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी हो जाएगी।
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इसके अलावा स्टेशनरी के खर्चों और समय की बचत भी होगी। आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग की ओर से जारी पत्र के मुताबिक ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने और उसकी प्रगति के बारे में सात जून को समीक्षा भी की जाएगी। साथ ही योजना को सख्ती से लागू करने के लिए आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग ने सीडीओ को पत्र भेजा है।
ई-ऑफिस प्रणाली के फायदे
-हर फाइल पर नजर रखना आसान हो जाएगा। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय हो सकेगी।
-एक क्लिक पर सभी फाइलें सामने आ जाएंगी। इससे त्वरित निर्णय लेने में सहूलियत मिलेगी।
-डिजिटल हस्ताक्षर लागू करने से फाइलों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। इनके नष्ट होने की आशंका भी कम रहेगी।
-पेपर के प्रयोग में कमी आएगी। ब्लाॅक कार्यालयों को एक साल में लाखों रुपये की बचत होगी।
-सुविधा शुल्क की आस में कर्मचारी फाइलों को रोक लेते थे। प्रणाली लागू होने से ऐसी कार्य पद्धति में सुधार होगा।
आयुक्त ग्राम्य विकास का पत्र मिला है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक जून से आकांक्षी ब्लॉक मंझनपुर और कौशाम्बी में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करा दी जाएगी। मुख्यालय से ईमेल आईडी और डोंगल मिलने के बाद शेष सभी ब्लॉकों में ई-ऑफिस प्रणाली शुरू कर दी जाएगी।