कौशाम्बी : मतों के ध्रुवीकरण से हाट सीट सिराथू में भाजपा-सपा में सीधी टक्कर
सिराथू विधानसभा सीट से वर्ष 2012 में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा की आंधी के दौर में कमल खिलाया था। उस चुनाव में 3,25109 मतदाता थे। केशव प्रसाद ने 57,926 मत पाकर बसपा प्रत्याशी आनंद मोहन पटेल को 9,863 मतों से पराजित किया था।
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जिले की हाट सीट सिराथू में भाजपा व सपा के बीच सीधी टक्कर है। लड़ाई में बसपा के कमजोर होने के कारण उसके कॉडर मतों का खूब ध्रुवीकरण हुआ। खासकर जाटव व पासी बिरादरी के मतों का झुकाव सपा और भाजपा की तरफ दिखा। अब दोनों दलों के समर्थक और प्रत्याशी जीत हार के अंतर को लेकर मंथन कर रहे हैं।
सिराथू विधानसभा सीट से वर्ष 2012 में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा की आंधी के दौर में कमल खिलाया था। उस चुनाव में 3,25109 मतदाता थे। केशव प्रसाद ने 57,926 मत पाकर बसपा प्रत्याशी आनंद मोहन पटेल को 9,863 मतों से पराजित किया था।
सपा यहां तीसरे स्थान पर थी। वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में सिराथू से भाजपा ने शीतला प्रसाद पटेल को प्रत्याशी बनाया। शीतला प्रसाद ने सपा के वाचस्पति को 26,203 मतों से पराजित किया। इस चुनाव में मोदी मैजिक चला।
दोनों दलों की प्रतिष्ठा का प्रश्न
इस बार भाजपा ने सिटिंग विधायक शीतला प्रसाद पटेल का टिकट काट कर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को प्रत्याशी बनाया। सपा ने यहां बड़ा दांव चलते हुए पल्लवी पटेल को प्रत्याशी बना दिया। दोनों दलों के लिए सीट प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है। बसपा ने यहां से मुस्लिम बिरादरी के मुंसब अली उस्मानी को टिकट दिया।
माना जा रहा था कि बसपा अगर अपने कॉडर मतों को सहेजने में कामयाब रही तो भाजपा के जीत की राह काफी आसान हो जाएगी। लेकिन मतदान में ऐसा कुछ नहीं होता दिखा। तमाम ऐसे बूथ थे जहां बसपा का बस्ता तक नहीं लगा था। इसी कारण जाटव व पासी बिरादरी के मतों का बिखराव भाजपा व सपा की तरफ हो गया। माना जा रहा है कि मतों के ध्रुवीकरण से सबसे अधिक फायदा भाजपा प्रत्याशी केशव मौर्य को ही होगा।