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Kaushambi News: माफिया अतीक के प्रभाव से शूटर कवि ने करीबियों ने नाम कराया था शस्त्र लाइसेंस

Sat, 25 Mar 2023 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Sat, 25 Mar 2023 12:41 AM IST
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Due to the influence of Mafia Atiq, the shooter poet had got the arms license named by his close friends.
नेवादा। राजूपाल हत्याकांड में फरारी काट रहे माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि के घरवालों को लाइसेंसी असलहों का शौक था। कवि ने माफिया के प्रभाव का फायदा उठाकर अपने करीबियों व रिश्तेदारों के नाम पर शस्त्र लाइसेंस करा लिया था। यह लाइसेंसी असलहे शूटर का भाई अब्दुल कादिर अपने पास रखता था। इन्ही असलहों के बूते उसने इलाके में अपना भय कायम कर रखा था। इसका खुलासा अमर उजाला ने 20 मार्च को प्रकाशित खबर में किया। खबर का असर रहा कि पुलिस ने प्रकरण का संजीदगी से लिया और शुक्रवार को बड़ी कामयाबी हासिल की।
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राजूपाल हत्याकांड के आरोपी शूटर अब्दुल कवि के पिता अब्दुल गनी के पास ही सिंगल बैरल बंदूक का लाइसेंस है। सीबीआई की जांच में जब अब्दुल कवि का नाम प्रकाश में आया तो उसके परिवार के किसी सदस्य के शस्त्र आवेदन पर पुलिस व जिला प्रशासन ने अपनी स्वीकृति नहीं दी। कवि के भाई अब्दुल कादिर को असलहों का शौक है। भाई का शौक पूरा करने के लिए अब्दुल कवि ने माफिया अतीक की मदद व शस्त्र लाइसेंस कराने का ठेका लेने वालों के सहयोग से अपने करीबी व परिचितों के नाम पर शस्त्र लाइसेंस कराने में कामयाबी हासिल कर ली।
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लाइसेंस भले ही किसी और के नाम पर रहा हो, लेकिन सारे असलहे शूटर का भाई अब्दुल कादिर अपने पास ही रखता था। बालू घाट पर दखल सहित इलाके में वर्चस्व कायम करने के लिए कादिल इन्हीं असलहों का प्रदर्शन करता था। कादिर को शौक था कि जब वह कहीं जाए तो उसके पीछे कई लोग असलहा लेकर चले। अब्दुल कवि के घर के ध्वस्तीकरण के दौरान जब उसके घर से कई नाजायज असलहे बरामद हुए तो पुलिस ने शूटर समेत परिवार के 11 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मामले में आरोपी बनाए गए अब्दुल कादिर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके बाद से कवि की दूसरों के असलहों के साथ सोशल मीडिया में फोटो वायरल होने लगी। इस बाबत अमर उजाला ने 20 मार्च को वायरल फोटो सहित प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। खबर का असर रहा कि पुलिस ने शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन चलाया और आठ लाइसेंसी असलहे बरामद हुए।
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फेरीवाले के नाम पर था लाइसेंस
सरायअकिल। भखंदा गांव निवासी निजाम उद्दीन पुत्र अब्दुल मजीद को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। निजाम की पत्नी अस्मतुल निशा ने बताया कि उसका पति कर्नाटक में कपड़े की फेरी करता है। कुछ दिन पहले ही वह गांव आया था। अब्दुल कादिर के साथ एक शादी समारोह में वह अपनी दोनाली लाइसेंसी बंदूक लेकर गया था। शादी में ही उसने कादिर के साथ फोटो खिंचवाई। पुलिस बृहस्पतिवार को ही उसके पति की बंदूक उठा ले गई थी।



पुलिस का बहा है खून, तुम्हारा खून पी जाएंगे
सरायअकिल। शूटर अब्दुल कवि के पड़ोसी 80 वर्षीय फरीदउद्दीन का कहना है उसके तीन लड़के सऊदी अरब में रहते हैं। पुलिस आए दिन घर में घुसकर तलाशी लेती है। वह चलने-फिरने में असमर्थ है। तलाशी के बाबत पूछने पर पुलिस कहती है कि हमारे सिपाहियों का खून बहा है, तुम्हारा खून पी जाएंगे।



भखंदा गांव से पुरुष कर गए पलायन
सरायअकिल। पुलिस के सर्च ऑपरेशन को लेकर भखंदा गांव में सन्नाटा छा गया। 150 घरों की बस्ती वाले गांव से ज्यादातर पुरुष गायब हो गए हैं। घर में सिर्फ महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग बचे हैं। ग्रामीणों का कहना है गुनाह किसी एक ने किया और सजा पूरे गांव को पुलिस दे रही है।
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