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विद्युत उपकेंद्रों में ताला जड़ कर हड़ताल पर गए संविदा कर्मचारी
Fri, 18 Jan 2019 01:05 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Fri, 18 Jan 2019 01:05 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला, कौशाम्बी
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छह माह से मानदेय नहीं मिल पाने से नाराज बिजली के संविदा कर्मचारियों ने उपकेंद्रों में तालाबंद कर हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने डायट मैदान में सभा कर विभाग के अफसरों के खिलाफ भड़ास निकाली। चायल डिविजन के कर्मचारियों के सर्मथन में जिले भर के कर्मी आ गए। इससे विद्युत आपूर्ति पूरे जिले में चरमरा गई।
जिले के 30 उपकेंद्रों से लोगों को विद्युत आपूर्ति दी जाती है। विभाग में करीब तीन सौ संविदा कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। चायल डिविजन का टेंडर विनायक एसोसिएट व सरायअकिल का टेंडर पीके इंटर प्राइजेज के पास है। उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ (एटक) के जिलाध्यक्ष शिवमणि ने बताया कि चायल व सरायअकिल के कर्मचारियों को पिछले छह माह से ठेकेदार मानदेय नहीं दे रहा है। पांच महीने के काम की एमबी के बाद भी भुगतान नहीं हो रहा है। हड़ताल की चेतावनी दिए जाने के बाद किसी कर्मचारी का भुगतान नहीं किया जा सका। इसे लेकर गुरुवार से समूचे जनपद के संविदा कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है।
संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आपूर्ति चरमरा गई है। सरकारी लाइनमैनों से किसी तरह काम लिया जा रहा है लेकिन वह व्यवस्था नाकाफी है। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण इलाकों की है। अगर लाइन में फाल्ट हो जाता है तो उसे ठीक करने के लिए बिजली विभाग के पास लाइनमैन नहीं बचे हैं। जिलाध्यक्ष का कहना है कि धरने में अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव आए थे। कर्मचारियों से उन्होंने मांग पत्र ले लिया है। अभी मानदेय मिलने का आश्वासन नहीं मिला है। इसे लेकर जिले भर के संविदा कर्मी मानदेय नहीं मिलने तक हड़ताल में ही रहेंगे। धरने में रईश अहमद, संजय, महेंद्र, मुनेश, शिवकुमार, अकील, प्रीतम, करण, राजकुमार, मनीष, जीतेंद्र, घनश्याम, रघुराज, रोशन, विमलेश, धीरेंद्र सहित तमाम संविदा लाइनमैन व एसएसओ मौजूद रहे।
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जिले के 30 उपकेंद्रों से लोगों को विद्युत आपूर्ति दी जाती है। विभाग में करीब तीन सौ संविदा कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। चायल डिविजन का टेंडर विनायक एसोसिएट व सरायअकिल का टेंडर पीके इंटर प्राइजेज के पास है। उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ (एटक) के जिलाध्यक्ष शिवमणि ने बताया कि चायल व सरायअकिल के कर्मचारियों को पिछले छह माह से ठेकेदार मानदेय नहीं दे रहा है। पांच महीने के काम की एमबी के बाद भी भुगतान नहीं हो रहा है। हड़ताल की चेतावनी दिए जाने के बाद किसी कर्मचारी का भुगतान नहीं किया जा सका। इसे लेकर गुरुवार से समूचे जनपद के संविदा कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है।
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संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आपूर्ति चरमरा गई है। सरकारी लाइनमैनों से किसी तरह काम लिया जा रहा है लेकिन वह व्यवस्था नाकाफी है। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण इलाकों की है। अगर लाइन में फाल्ट हो जाता है तो उसे ठीक करने के लिए बिजली विभाग के पास लाइनमैन नहीं बचे हैं। जिलाध्यक्ष का कहना है कि धरने में अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव आए थे। कर्मचारियों से उन्होंने मांग पत्र ले लिया है। अभी मानदेय मिलने का आश्वासन नहीं मिला है। इसे लेकर जिले भर के संविदा कर्मी मानदेय नहीं मिलने तक हड़ताल में ही रहेंगे। धरने में रईश अहमद, संजय, महेंद्र, मुनेश, शिवकुमार, अकील, प्रीतम, करण, राजकुमार, मनीष, जीतेंद्र, घनश्याम, रघुराज, रोशन, विमलेश, धीरेंद्र सहित तमाम संविदा लाइनमैन व एसएसओ मौजूद रहे।
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