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Kaushambi News: भीषण गर्मी में बच्चों पर डायरिया का हमला, जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या
Fri, 15 May 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 15 May 2026 01:01 AM IST
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ओपीडी में बच्चे की जांच करते डॉ. विश्व प्रकाश। स्रोत: डॉक्टर
लगातार बढ़ रही गर्मी का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को ओपीडी में कुल 180 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें से करीब 80 बच्चे डायरिया से पीड़ित पाए गए।
अस्पताल में 15 बच्चों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि इस समय सबसे ज्यादा छोटे बच्चे डायरिया, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कई बच्चों में कमजोरी और डिहाइड्रेशन की स्थिति भी देखने को मिल रही है, जिसके कारण उन्हें भर्ती करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चों का पाचन तंत्र जल्दी प्रभावित होता है और थोड़ी सी लापरवाही गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। बताया कि गांव और कस्बों से आने वाले अधिकतर मरीज दूषित पानी पीने और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन के कारण बीमार हो रहे हैं। कई अभिभावक बच्चों को लंबे समय तक धूप में खेलने देते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल प्रशासन ने बाल वार्ड में अतिरिक्त सतर्कता बढ़ा दी है।
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इन बातों का रखें ख्याल
चिकित्सकों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को केवल उबला व स्वच्छ पानी ही पिलाएं, ताजा और हल्का भोजन दें और बाहर की खुली खाद्य सामग्री से दूर रखें। तेज धूप में बच्चों को बाहर न भेजें और बार-बार हाथ धोने की आदत डालें। उल्टी, दस्त या कमजोरी की शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
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अस्पताल में 15 बच्चों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि इस समय सबसे ज्यादा छोटे बच्चे डायरिया, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कई बच्चों में कमजोरी और डिहाइड्रेशन की स्थिति भी देखने को मिल रही है, जिसके कारण उन्हें भर्ती करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चों का पाचन तंत्र जल्दी प्रभावित होता है और थोड़ी सी लापरवाही गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। बताया कि गांव और कस्बों से आने वाले अधिकतर मरीज दूषित पानी पीने और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन के कारण बीमार हो रहे हैं। कई अभिभावक बच्चों को लंबे समय तक धूप में खेलने देते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल प्रशासन ने बाल वार्ड में अतिरिक्त सतर्कता बढ़ा दी है।
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इन बातों का रखें ख्याल
चिकित्सकों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को केवल उबला व स्वच्छ पानी ही पिलाएं, ताजा और हल्का भोजन दें और बाहर की खुली खाद्य सामग्री से दूर रखें। तेज धूप में बच्चों को बाहर न भेजें और बार-बार हाथ धोने की आदत डालें। उल्टी, दस्त या कमजोरी की शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।