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Kaushambi News: गर्भवती महिलाओं में मधुमेह का बढ़ना बड़ा खतरा
Thu, 09 Apr 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 09 Apr 2026 01:03 AM IST
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गर्भावस्था के दौरान मधुमेह का बढ़ना महिलाओं की सेहत के लिए बड़ा खतरा और चिंता का कारण बनता जा रहा है। सरायअकिल सीएचसी में रोजाना 30 से अधिक गर्भवती महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। जिनमें पांच से आठ महिलाओं में हाई शुगर की समस्या सामने आ रही है। चिकित्सकों के मुताबिक यह स्थिति जच्चा और बच्चा के लिए ठीक नहीं होती है। मधुमेह(शुगर) पर नियंत्रण जरूरी है।
ओपीडी में पहुंची एक गर्भवती महिला सीमा देवी ने बताया कि उन्हें पहले कोई परेशानी नहीं थी। जांच में शुगर बढ़ने की रिपोर्ट पर डॉक्टर ने उन्हें खानपान में बदलाव और नियमित जांच की सलाह दी है। गर्भवती पूजा ने बताया कि अचानक कमजोरी और चक्कर आने पर जांच कराई तब शुगर अधिक निकली।
स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. मधुरिमा यादव के के अनुसार, गर्भावस्था में बढ़ी हुई शुगर को जेस्टेशनल डायबिटीज कहा जाता है, जो समय पर नियंत्रण न होने पर गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकती है। इससे समय से पहले प्रसव, बच्चे का वजन अधिक होना और नवजात में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
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उन्होंने यह भी बताया कि इस स्थिति को शुरुआती स्तर पर संतुलित आहार, नियमित जांच और हल्के व्यायाम से नियंत्रित किया जा सकता है। मीठे पदार्थों से परहेज और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
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ओपीडी में पहुंची एक गर्भवती महिला सीमा देवी ने बताया कि उन्हें पहले कोई परेशानी नहीं थी। जांच में शुगर बढ़ने की रिपोर्ट पर डॉक्टर ने उन्हें खानपान में बदलाव और नियमित जांच की सलाह दी है। गर्भवती पूजा ने बताया कि अचानक कमजोरी और चक्कर आने पर जांच कराई तब शुगर अधिक निकली।
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स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. मधुरिमा यादव के के अनुसार, गर्भावस्था में बढ़ी हुई शुगर को जेस्टेशनल डायबिटीज कहा जाता है, जो समय पर नियंत्रण न होने पर गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकती है। इससे समय से पहले प्रसव, बच्चे का वजन अधिक होना और नवजात में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
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उन्होंने यह भी बताया कि इस स्थिति को शुरुआती स्तर पर संतुलित आहार, नियमित जांच और हल्के व्यायाम से नियंत्रित किया जा सकता है। मीठे पदार्थों से परहेज और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।