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डीएम के आदेश के बावजूद 36 घंटे बाद भी नहीं पूरी की जा सकी जांच
Thu, 19 Aug 2021 03:35 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 19 Aug 2021 03:35 PM IST
सार
जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में वार्मर पर नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य महकमा लीपापोती कर रहा है। विभाग के जिम्मेदार दोषी डॉक्टर और कर्मचारियों को बचाने की कवायद में जुटे हैं।
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Despite the order of the DM, the investigation could not be completed even after 36 hours
- फोटो : KAUSHAMBI
विस्तार
जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में वार्मर पर नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य महकमा लीपापोती कर रहा है। विभाग के जिम्मेदार दोषी डॉक्टर और कर्मचारियों को बचाने की कवायद में जुटे हैं। तभी तो घंटे बाद भी नवजात की मौत की जांच रिपोर्ट नहीं प्रस्तुत की जा सकी। जबकि, डीएम ने 24 घंटे के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश सीएमएस को दिया था।
फतेहपुर जिले के खखरेरू निवासी जुनैद की पत्नी महेलिका ने 14 अगस्त को जिला अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। रात 9.14 बजे राउंड में गए चिकित्सक की सलाह पर नवजात को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया गया था। जुनैद के बड़े भाई जावेद का कहना है कि 15 अगस्त की सुबह छह बजे बच्चे की नानी डायपर बदलने गई तो सभी ठीक था। उन्होंने स्टाफ से बच्चेें को देखने के लिए कहा लेकिन कोई कुर्सी से हिला तक नहीं। सभी स्टॉफ मोबाइल चलाने में ही मस्त थे। इसके करीब एक घंटे बाद परिवार के अन्य लोग वार्ड पहुंचे तो बच्चे के शरीर से धुआं निकल रहा था। उसकी सांसे थम चुकी थी।
नवजात की चमड़ी इस तरह से जल गई थी कि पकड़ने में वह नोच आती थी। परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। साथ ही सीएमओ से लिखित शिकायत की। लेकिन, किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामला मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद मंगलवार को डीएम सुजीत कुमार ने सीएमएस से 24 घंटे के भीतर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। सीएमओ डॉ केसी राय ने भी दो सदस्यीय टीम बनाकर प्रकरण की जांच कराने के लिए कहा था। डीएम के आदेेश के बावजूद 36 घंटे बाद भी जांच नहीं पूरी की जा सकी। सूत्रों की मानें तो अस्पताल प्रशासन लापरवाह डॉक्टरों, कर्मचारियों को बचाने की कवायद में जुटा हुआ। पूरे प्रकरण में लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है।
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बुधवार को भी संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रकरण की जल्द जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषी डॉक्टरों, कम्रचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. केसी राय-सीएमओ
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फतेहपुर जिले के खखरेरू निवासी जुनैद की पत्नी महेलिका ने 14 अगस्त को जिला अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। रात 9.14 बजे राउंड में गए चिकित्सक की सलाह पर नवजात को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया गया था। जुनैद के बड़े भाई जावेद का कहना है कि 15 अगस्त की सुबह छह बजे बच्चे की नानी डायपर बदलने गई तो सभी ठीक था। उन्होंने स्टाफ से बच्चेें को देखने के लिए कहा लेकिन कोई कुर्सी से हिला तक नहीं। सभी स्टॉफ मोबाइल चलाने में ही मस्त थे। इसके करीब एक घंटे बाद परिवार के अन्य लोग वार्ड पहुंचे तो बच्चे के शरीर से धुआं निकल रहा था। उसकी सांसे थम चुकी थी।
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नवजात की चमड़ी इस तरह से जल गई थी कि पकड़ने में वह नोच आती थी। परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। साथ ही सीएमओ से लिखित शिकायत की। लेकिन, किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामला मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद मंगलवार को डीएम सुजीत कुमार ने सीएमएस से 24 घंटे के भीतर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। सीएमओ डॉ केसी राय ने भी दो सदस्यीय टीम बनाकर प्रकरण की जांच कराने के लिए कहा था। डीएम के आदेेश के बावजूद 36 घंटे बाद भी जांच नहीं पूरी की जा सकी। सूत्रों की मानें तो अस्पताल प्रशासन लापरवाह डॉक्टरों, कर्मचारियों को बचाने की कवायद में जुटा हुआ। पूरे प्रकरण में लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है।
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बुधवार को भी संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रकरण की जल्द जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषी डॉक्टरों, कम्रचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. केसी राय-सीएमओ