कौशांबी महोत्सव: मंच पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद ने पकड़ा माइक, बृजेश को नहीं मिला मौका
सीएम के साथ सूबे के दोनों डिप्टी सीएम कौशाम्बी महोत्सव की शोभा बढ़ाने आए। दोनों ने मंच तो साझा किया, लेकिन सभा में बोलने का अवसर डिप्टी सीएम केवल केशव प्रसाद मौर्य को मिला। वहीं डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को बोलने का मौका ही नहीं मिला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीएम के साथ सूबे के दोनों डिप्टी सीएम कौशाम्बी महोत्सव की शोभा बढ़ाने आए। दोनों ने मंच तो साझा किया, लेकिन सभा में बोलने का अवसर डिप्टी सीएम केवल केशव प्रसाद मौर्य को मिला। वहीं डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को बोलने का मौका ही नहीं मिला। भाजपा के जिला महामंत्री ने कहा कि संबोधन करने वाले नेताओं की सूची में इनका नाम नहीं था। फिलहाल यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।
दोपहर करीब 12.55 बजे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के साथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सरकार के अन्य मंत्रियों व भाजपा के कई पदाधिकारियों के साथ कौशाम्बी महोत्सव के मंच पर पहुंचे। सबसे पहले भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री व सांसद विनोद सोनकर ने माइक संभाला। इसके बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के संबोधन की बारी आई। फिर सीएम और उसके बाद गृहमंत्री ने सभा को संबोधित किया।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को बोलने का मौका ही नहीं मिला। इसके बाद गृहमंत्री और मुख्यमंत्री का काफिला वहां से रवाना हो गया। उनके पीछे अन्य मंत्री और नेता भी चले गए। देखते ही देखते पंडाल भी खाली होने लगा। इस संबंध में भाजपा के जिला महामंत्री संजय जायसवाल का कहना है कि डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का संबोधन करने वाले नेताओं की सूची में नाम ही नहीं था। चूंकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का कौशाम्बी गृह जनपद है, शायद इसलिए उन्हें संबोधन का अवसर दिया गया।